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AI Impact Summit 2026 : AI की दुनिया को बड़ा बनाने वाले मास्टरमाइंड कौन हैं? उनके बारे में जानिए

AI Impact Summit India : भारत मंडपम (Bharat Mandapam) में इस समय एआई इम्पैक्ट समिट 2026 चल रहा है। इसमें एआई के कई मास्टरमाइंड पहुंचे हैं। आइए, यहां एआई की दुनिया को विशाल बनाने वाले कुछ प्रमुख हस्तियों के बारे में जानते हैं।

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Feb 18, 2026
एआई के मास्टरमाइंड

AI Impact Summit 2026 : दुनिया में पिछले कुछ वर्षों से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) का काफी शोर मचा हुआ है। एआई की कार्यशैली और उसके परिणाम से लोग चमत्कृत हो रहे हैं। भारत में एआई इम्पैक्ट समिट (AI Impact Summit) का आयोजन चल रहा है और इसमें दुनिया के एआई के महारथी भी शामिल होने पहुंचे हैं। आइए यहां जानते हैं कि एआई की दुनिया को बड़ा बनाने वाले सैम ऑल्टमैन, डारियो अमोदेई से लेकर अरविंद श्रीनिवास तक कौन हैं?

सैम ऑल्टमैन 30 वर्ष की उम्र में बने ओपनएआई के संस्थापक

सैम ऑल्टमैन (Sam Altman) ने अमेरिका के शिकागो में 22 अप्रैल 1985 को जन्म लिया। उन्होंने स्टैन्फोर्ड यूनिवर्सिटी (Stanford University) में कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई शुरू की। हालांकि, स्टार्टअप शुरू करने के लिए पढ़ाई बीच में छोड़ दी। सिर्फ 19 वर्ष की उम्र में उन्होंने Loopt नामक लोकेशन-आधारित सोशल नेटवर्किंग ऐप शुरू किया। वह बाद में प्रसिद्ध स्टार्टअप एक्सेलेरेटर Y Combinator से जुड़े और सिर्फ 29 वर्ष की उम्र में यानी 2014 में इस कंपनी के अध्यक्ष बन गए। यहां काम करने के दौरान उन्होंने Airbnb, Dropbox और Stripe जैसी बड़ी कंपनियों के शुरुआती विकास में निवेश और मार्गदर्शन दिया।

Photo: IANS

एलन मस्क के अलावा ये थे ओपनएआई के सह-संस्थापक

Open AI Founder Sam Altman: ओपन एआई की स्थापना एलन मस्क (Elon Musk), सैम ऑल्टमैन, इल्या सुत्स्केवर, ग्रेग ब्रॉकमैन, वोज्शेक ज़ारेम्बा और जॉन शुलमैन ने की थी। पीटर थील, सैम ऑल्टमैन के प्रमुख समर्थक और मार्गदर्शक रहे, जिन्होंने ऑल्टमैन के शुरुआती वेंचर फंड के 50 लाख डॉलर में बड़ा योगदान दिया। 2015 में ओपनएआई की शुरुआत के समय थील उन संस्थापक निवेशकों में थे जिन्होंने एक अरब डॉलर देने का वादा किया था।

सैम ने चैटजीपीटी, जीपीटी-4 उन्नत मॉडल विकसित किए

वर्ष 2015 में महज 30 की उम्र में सैम ऑल्टमैन ने एलन मस्क (Elon Musk) और अन्य तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मिलकर ओपन एआई (OpenAI) की स्थापना की। OpenAI का उद्देश्य आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (Artificial General Intelligence) को इस तरह विकसित करना कि उसका लाभ सभी को मिल सके। उनके नेतृत्व में चैटजीपीटी (ChatGPT), जीपीटी-4 (GPT-4) जैसे उन्नत एआई (AI) मॉडल विकसित हुए।

जब सैम को ओपन एआई से देना पड़ा था इस्तीफा

वर्ष 2023 में ओपन एआई के बोर्ड के सदस्यों के बीच मतभेद पैदा होने के बाद उन्हें अस्थायी रूप से पद से हटाया गया, लेकिन कर्मचारियों और निवेशकों के समर्थन के बाद वे फिर से CEO बनाए गए। वे खुले तौर पर समलैंगिक होने की बात स्वीकार कर चुके हैं और LGBTQ+ समुदाय के समर्थन में रहे हैं।

Google DeepMind के संस्थापक डेमिस शतरंज के अच्छे खिलाड़ी

गूगल डीपमाइंड (Google DeepMind) के प्रमुख संस्थापकों में डेमिस हासाबिस (Demis Hassabis) रहे हैं। उनका जन्म 27 जुलाई 1976 को हुआ। गूगल डीपमाइंड एआई के क्षेत्र में वैज्ञानिक शोध और व्यावहारिक उपलब्धियों के बीच मजबूत पुल बनाने के लिए जाना जाता है। इसकी स्थापना 2010 में लंदन में हुई और बाद में गूगल ने इसका अधिग्रहण कर इसे अपने वैश्विक एआई शोध तंत्र का प्रमुख हिस्सा बना लिया।

Photo Credit: @demishassabis (X Account)

गूगल डीपमाइंड की स्थापना में ये भी रहे शामिल

इसके मुख्य संस्थापकों में डेमिस , शेन लेग (Shane Legg) और मुस्तफा सुलेमान (Mustafa Suleyman) शामिल हैं। डेमिस हासाबिस एक ब्रिटिश एआई वैज्ञानिक हैं, जो बचपन में शतरंज के प्रतिभाशाली खिलाड़ी रहे। शतरंज के खेल में वह पांच बार विश्व चैंपियन भी बने। उन्होंने न्यूरोसाइंस और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के संगम पर शोध किया। उनके नेतृत्व में डीपमाइंड ने ऐसे सिस्टम विकसित किए, जिन्होंने एआई की क्षमताओं को नई दिशा दी।

शेन और मुस्तफा ने गूगल डीपमाइंड को बढ़ाने में निभाई बड़ी भूमिका

शेन लेग ने मशीन इंटेलिजेंस के सैद्धांतिक पहलुओं पर महत्वपूर्ण काम किया और डीपमाइंड की शोध संस्कृति को आकार दिया। वहीं मुस्तफा सुलेमान ने शुरुआती वर्षों में कंपनी की रणनीति, नीतिगत ढांचा और उत्पाद विकास में अहम भूमिका निभाई। बाद में वे माइक्रोसॉफ्ट एआई से भी जुड़े।

AlphaGo ने जब शतरंज के विश्व चैंपियन को दी मात

डीपमाइंड की सबसे चर्चित उपलब्धियों में AlphaGo शामिल है, जिसने विश्व चैंपियन गो खिलाड़ी को हराकर दुनिया को चौंका दिया। इसके बाद AlphaZero ने शतरंज और अन्य खेलों में असाधारण प्रदर्शन किया। वहीं AlphaFold ने प्रोटीन संरचना की भविष्यवाणी कर जैव-विज्ञान में क्रांतिकारी योगदान दिया।

एंथ्रोपिक के संस्थापक डारियो अमोदेई ने भौतिकी में की पीएचडी

डारियो अमोदेई (Dario Amodei) अमेरिका के प्रमुख कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शोधकर्ता और उद्यमी हैं। तेजी से बदलती एआई की दुनिया में डारियो का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। आज डारियो अमोदेई को आधुनिक एआई युग के प्रमुख विचारकों में गिना जाता है, जो नवाचार और सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में काम कर रहे हैं। वे एआई कंपनी एंथ्रोपिक (Anthropic) के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हैं। एंथ्रोपिक को आज ओपन एआई का खासतौर पर एआई सुरक्षा के क्षेत्र में प्रमुख प्रतिद्वंद्वी माना जाता है। एंथ्रोपिक के डारियो भी भारत में एआई के सम्मेलन में मौजूद रहे।

Photo Credit: @DarioAmodei (X Zccount)

डारियो की GPT-2 और GPT-3 के विकास में रही महत्वपूर्ण भूमिका

डारियो अमोदेई ने भौतिकी में उच्च शिक्षा प्राप्त की और प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की डिग्री हासिल की। उनका प्रारंभिक शोध सैद्धांतिक भौतिकी से जुड़ा था, लेकिन बाद में उन्होंने मशीन लर्निंग और न्यूरल नेटवर्क की ओर रुख किया। वे शुरुआती दौर में OpenAI से जुड़े और वहां रिसर्च डायरेक्टर के रूप में कार्य किया। GPT-2 और GPT-3 जैसे बड़े भाषा मॉडलों के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

डारियो ने अपनी बहन के साथ मिलकर की एंथ्रोपिक की स्थापना

हालांकि, उन्होंने OpenAI छोड़कर अपनी बहन डेनिएला अमोदेई (Daniela Amodei) और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर वर्ष 2021 में एंथ्रोपिक की स्थापना की। इस नई कंपनी का मुख्य उद्देश्य शक्तिशाली एआई प्रणालियों को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और नियंत्रित बनाना है। एंथ्रोपिक ने “Constitutional AI” जैसी अवधारणाओं पर काम किया है और “Claude” नामक भाषा मॉडल विकसित किया है।

डारियो अमोदेई का मानना है कि एआई मानवता के लिए अत्यंत लाभकारी हो सकता है, लेकिन इसके विकास के साथ सुरक्षा उपायों को समान रूप से मजबूत करना आवश्यक है।

सेफ सुपरइंटेलिजेंस के सह-संस्थापक हैं इल्या सुत्सकेवर

इल्या सुत्स्केवर (Ilya Sutskever) आधुनिक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के प्रमुख वैज्ञानिकों में से एक हैं। उनका जन्म रूस में हुआ और वे कनाडा में पले-बढ़े। उन्होंने टोरंटो यूनिवर्सिटी से पीएचडी की, जहां वे प्रसिद्ध एआई वैज्ञानिक जेफ्री हिंटन के छात्र रहे। डीप लर्निंग के क्षेत्र में उनका शुरुआती शोध अत्यंत प्रभावशाली रहे।

सुत्स्केवर ने 2015 में OpenAI की सह-स्थापना की और वहां मुख्य वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया। GPT श्रृंखला सहित बड़े भाषा मॉडलों के विकास में उनकी केंद्रीय भूमिका रही। वर्ष 2024 में उन्होंने OpenAI छोड़ दिया।

Photo Credit: @ilyasut (X Account)

सेफ सुपरइंटेलिजेंस की स्थापना में रही इल्या की भूमिका

इसके बाद उन्होंने 2024 में सेफ सुपरइंटेलिजेंस (Safe Superintelligence or SSI) की सह-स्थापना की। इस स्टार्टअप का मुख्य उद्देश्य “सुरक्षित सुपरइंटेलिजेंस” विकसित करना है- यानी ऐसी अत्यधिक शक्तिशाली एआई प्रणालियां, जो मानव मूल्यों और सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों। SSI का फोकस व्यावसायिक उत्पादों से अधिक दीर्घकालिक एआई सुरक्षा अनुसंधान पर बताया जाता है। इल्या सुत्स्केवर को आज एआई के तकनीकी विकास और उसकी सुरक्षा, दोनों को समान महत्व देने वाले अग्रणी विचारकों में गिना जाता है।

भारत के अरविंद श्रीनिवास ने एआई के क्षेत्र में गाड़े झंडे

भारत के अरविंद श्रीनिवास (Aravind Srinivas) ने 2022 में ओपनएआई छोड़कर एआई सर्च इंजन ‘पर्प्लेक्सिटी’ (Perplexity AI) की सह-स्थापना की। वह पर्प्लेक्सिटी एआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। उनका नाम हाल के वर्षों में जनरेटिव एआई आधारित सर्च तकनीक के कारण तेजी से उभरा है।

Photo Credit: @imnot_srinivas (X Account)

IIT से अरविंद ने की इंजीनियरिंग की पढ़ाई

अरविंद श्रीनिवास ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और बाद में अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने मशीन लर्निंग और कंप्यूटर विज़न के क्षेत्र में शोध किया। अपने करियर की शुरुआत में वे OpenAI में रिसर्च साइंटिस्ट रहे, जहां उन्होंने बड़े भाषा मॉडल और एआई प्रणालियों पर काम किया। इसके अलावा उन्होंने Google और DeepMind जैसे संस्थानों में भी शोध अनुभव प्राप्त किया।

वर्ष 2022 में उन्होंने Perplexity AI की सह-स्थापना की। यह प्लेटफॉर्म पारंपरिक सर्च इंजन से अलग है, क्योंकि यह उपयोगकर्ताओं को सीधे, स्रोत-सहित उत्तर प्रदान करता है। Perplexity एआई मॉडल और वेब सर्च को मिलाकर अधिक सटीक और संदर्भित जानकारी देने का प्रयास करता है।

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