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Janmashtami : … जब बैंक चेक पर उतरे कान्हा, लेन-देन के दस्तावेजों में भी दिखी आस्था की अनूठी कहानी

Janmashtami : जन्माष्टमी से एक दिन पहले रियासतकालीन विरासत की अनूठी झलक सामने आई है। भारत भूषण गुप्ता के संग्रह में भगवान श्रीकृष्ण की आकृतियों वाले दुर्लभ ऐतिहासिक चेक सुरक्षित हैं। इस बारे में पढ़िए बृजेश सिंह की स्पेशल रिपोर्ट।
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Sep 03, 2026
Lord Krishna on Bank Cheque
कभी गीता का एक दृश्य बैंक के चेक पर छपा होता था। (Photo: Rajasthan Patrika)

Janmashtami 2026 : जन्माष्टमी महोत्सव का समय है। देशभर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारियां चल रही हैं और हर तरफ कान्हा की लीलाओं और उनके स्वरूप की चर्चा है। ऐसे में बीकानेर से सामने आई एक दुर्लभ विरासत कृष्ण की आस्था को देखने का एक अलग ही नजरिया देती है। यहां भगवान श्रीकृष्ण मंदिर की प्रतिमाओं या धार्मिक चित्रों में ही नहीं, बल्कि उन दस्तावेजों पर भी नजर आते हैं, जिनका इस्तेमाल कभी वित्तीय लेन-देन के लिए होता था।

भारत भूषण के पास है दुर्लभ संग्रह

बीकानेर के प्रसिद्ध सिक्के, नोट और बैंक चेक संग्राहक भारत भूषण गुप्ता के संग्रह में ऐसे दुर्लभ ऐतिहासिक चेक सुरक्षित हैं, जिन पर भगवान श्रीकृष्ण की आकृतियां और उनसे जुड़े प्रसंग अंकित हैं। गुप्ता ने अपने संग्रह से ऐसे दो चेक प्रस्तुत किए हैं। इन्हें देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारतीय जनमानस में कृष्ण की धार्मिक और सांस्कृतिक उपस्थिति कितनी गहरी रही होगी।

जब चेक पर भी दिखाई दिए कृष्ण

आज बैंक चेक महज भुगतान और लेन-देन का माध्यम हैं, लेकिन पुराने चेकों को देखें तो उनकी दुनिया कुछ अलग नजर आती है। इन दुर्लभ चेकों पर अंकित चित्र और प्रतीक बताते हैं कि उस दौर में धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक केवल मंदिरों, धार्मिक पुस्तकों या पूजा स्थलों तक सीमित नहीं थे। वे दैनिक जीवन से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय सामग्री का भी हिस्सा थे। यही इन चेकों को खास बनाता है। ये सिर्फ पुराने कागज नहीं हैं, बल्कि अपने समय की कला, धार्मिक आस्था और सामाजिक सोच को समझने का माध्यम भी हैं।

जयपुर स्टेट के लोगो में गीता का दृश्य

इन चेकों में तत्कालीन रियासतकालीन कला और सोच की झलक स्पष्ट दिखाई देती है। खास तौर पर जयपुर स्टेट के लोगो में भगवान श्रीकृष्ण का वह स्वरूप अंकित है, जिसमें वे महाभारत के युद्धक्षेत्र में अर्जुन को गीता का उपदेश देते नजर आते हैं। युद्धभूमि में खड़े अर्जुन और उन्हें कर्म का मार्ग समझाते कृष्ण का यह दृश्य भारतीय संस्कृति के उस मूल संदेश को सामने लाता है, जिसमें कठिन से कठिन परिस्थिति में भी अपने कर्तव्य का पालन करने की प्रेरणा दी गई है।

एक चेक, इतिहास की एक झलक

भारत भूषण गुप्ता के संग्रह की खासियत यही है कि इसमें मौजूद पुराने सिक्के, नोट और चेक अपने समय की कहानी कहते हैं। इन पर मौजूद चित्र, प्रतीक और डिजाइन तत्कालीन सामाजिक मान्यताओं, कला शैली और धार्मिक भावनाओं की झलक देते हैं। इस लिहाज से ये दोनों चेक केवल संग्रहणीय वस्तुएं नहीं, बल्कि रियासतकालीन भारत की सांस्कृतिक विरासत को समझने के दुर्लभ दस्तावेज भी हैं।

सदियों बाद भी गीता दे रहा वही संदेश

भगवान श्रीकृष्ण का गीता संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। कर्म करते रहने और परिणाम की चिंता से मुक्त होकर अपने कर्तव्य का पालन करने की सीख हर दौर में मानव जीवन को दिशा देती रही है। जन्माष्टमी से ठीक पहले सामने आए ये दुर्लभ चेक इसलिए भी खास हैं कि इनमें कृष्ण केवल आस्था के प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि उस समय के जीवन और संस्कृति का हिस्सा बनकर दिखाई देते हैं। एक पुराने बैंक चेक पर दर्ज कृष्ण की छवि आज इतिहास के उस दौर की याद दिलाती है, जब कला, आस्था और रोजमर्रा का जीवन एक-दूसरे से इतनी सहजता से जुड़े हुए थे।

Updated on:
03 Sept 2026 01:30 pm
Published on:
03 Sept 2026 01:30 pm