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Narmada Lok Corridor : नर्मदा किनारे का अनोखा शहर, 8 किलोमीटर में 11 घाट, हर घाट की अपनी कहानी

Narmada Lok Corridor : नर्मदा को मध्य प्रदेश की जीवनदायनी कहा जाता है। इस नदी के किनारे बसे नर्मदापुरम में 8 किलोमीटर के अंदर कई घाट हैं। सेठानी घाट शहर की पहचान है। नर्मदा लोक कॉरिडोर के निर्माण का कार्य तेजी से हो रहा है। इससे क्या बदलेगा, इस बारे में पढ़िए दीपेश अवस्थी की विशेर्ष रिपोर्ट।
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Updated: 2 Nov 2026, 11:57 AM IST
Narmada Lok Corridor
नर्मदा लोक कॉरिडोर के पहले चरण का काम तेजी से चल रहा है। (Photo: Rajasthan Patrika)

Narmada Lok Corridor : क्या आप जानते हैं कि प्रदेश की जीवनदायनी नर्मदा नदी के किनारे एक ऐसा शहर है जहां 8 किलोमीटर में 11 छोटे-बड़े घाट हैं। हर घाट की अपनी कहानी है और अपनी दिव्यता है। यहां के घाट आने वाले हर श्रद्धालु और पर्यटक के आकर्षण का केंद्र हैं। पवित्र नगर में आने वाले श्रद्धालु नर्मदा स्नान के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। या यूं कहें ये घाट सिर्फ स्नान के स्थान नहीं, बल्कि नर्मदापुरम की संस्कृति और आस्था की जीवनरेखा हैं। हम बात कर रहे हैं नर्मदापुरम की। नर्मदा किनारे बसे इस नगर का नाम नर्मदा माई के नाम पर नर्मदापुरम है।

यहां नर्मदा किनारे बने घाटों की बात करें तो सभी का अपनी पहचान है। सेठानी घाट इनमें सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध है, लेकिन अन्य घाट भी अपनी दिव्यता और सुंदरता के लिए लोकप्रिय हैं। नर्मदा लोक कॉरिडोर परियोजना के तहत इन सभी घाटों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। मतलब आने वाले समय में अपना शहर और भी चमकेगा।

महाआरती आकर्षण का केन्द्र

मकर संक्रांति, माघी पूर्णिमा और नर्मदा जयंती जैसे अवसरों पर इन घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। सेठानी घाट पर होने वाली भव्य महाआरती, नदी में प्रवाहित होते हजारों दीये और शाम का मनोरम दृश्य बेहद खूबसूरत होता है।

Photo: Rajasthan Patrika

नर्मदालोक कॉरिडोर से बढ़ेगा आकर्षण

नर्मदा लोक कॉरिडोर के प्रथम चरण का काम तेजी से चल रहा है। यह लगभग 5-6 किमी लंबा कॉरिडोर खर्रा घाट से गोंदरी घाट तक फैलेगा। इसमें वाटर एक्टिविटी, चौपाटी और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे शहर के पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।

नगर के प्रमुख घाट, एक नजर में

सेठानी घाट:- सबसे बड़ा और प्राचीन घाट, कई प्राचीन मंदिरों से घिरा, सभी सुविधाओं से युक्त है। इस ऐतिहासिक घाट का निर्माण 19वीं शताब्दी में जनकीबाई सेठानी द्वारा करवाया गया था। यहाँ पक्के चौड़े पत्थर के घाट हैं। शाम के समय नर्मदा आरती का आयोजन होता है और यहाँ नाव को बोटिंग का आनंद भी लिया जा सकता है। नर्मदा जयंती समारोह के दौरान घाट जीवंत हो उठता है जब हज़ारों लोग घाट पर एकत्र होते हैं और नदी में दीये प्रवाहित किए जाते हैं।

Photo: Rajasthan Patrika

विवेकानंद घाट:- स्वामी विवेकानंद से जुड़ा, शांत और आध्यात्मिक वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ मां नर्मदा की नियमित संध्या आरती होती है। इसके अलावा यहाँ श्रीमद् भागवत कथा, शिव पुराण और नर्मदा पुराण जैसे धार्मिक आयोजन होते रहते हैं। मंदिर परिसर घाट के पास कई मंदिर स्थित हैं। हरिद्वार के घाटों की तर्ज पर इसका भव्य सौंदर्यीकरण की तैयारी है। इसके तहत स्नान, पूजन और दीपदान के लिए अलग स्थान, पैदल घूमने का ट्रैक, आकर्षक लाइटिंग, फव्वारे, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम और दिव्यांगजनों के लिए रैंप जैसी सुविधाएं विकसित होंगी।

Photo: Rajasthan Patrika

कोरी घाट:- माँ नर्मदा के प्रमुख और पुराने घाटों में से एक है। धार्मिक महत्व वाला प्रमुख घाट, नर्मदा लोक कॉरिडोर में शामिल है। सेठानी घाट और पर्यटन घाट के साथ-साथ कोरी घाट भी यहाँ के व्यस्त और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण घाट है। यहां पर विभिन्न मंदिर स्थित हैं।

जगदीशपुरा क्षेत्र में स्थित यह घाट अपनी सुंदरता और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। श्रद्धालुओं को इसके आसपास ठहरने के लिए होटल और अन्य सुविधाएँ भी मिल जाती हैं।

पर्यटन घाट:- पर्यटकों के लिए विशेष रूप से विकसित, वॉकवे और फोटोग्राफी के लिए बेहतर। यह एक शांत और सुंदर स्थान है जहाँ पर्यटक नर्मदा नदी के तट पर सुकून के पल बिताने आते हैं।

मंगलवारा घाट:- शहर के बीच स्थित, रोजाना स्नान-पूजा के लिए श्रद्धालु आते हैं।

गोंदरी घाट:- कॉरिडोर के अंतिम छोर पर स्थित, प्राकृतिक सुंदरता और शांति के लिए जाना जाता है।

पोस्ट ऑफिस घाट:- मुख्य मार्ग पर स्थित होने से पहुंच आसान, स्थानीय लोगों का दैनिक पूजा घाट।

सर्किट हाउस घाट:- प्रशासकीय क्षेत्र के पास, शांत और सुंदर वातावरण।

Updated on:
2 Nov 2026, 11:57 AM IST
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