Patrika Special News

क्या शादी अब बन रही बोझ? युवाओं में बढ़ रहा Anti-Marriage ट्रेंड, बच्चे भी नहीं करना चाहते पैदा

No Marriage Trend: तलाक के बढ़ते मामलों, बेरोजगारी, महंगाई, दफ्तर में वर्क प्रेशर के चलते दुनिया में युवा शादी से दूर भागने लगे हैं। भारत में युवाओं की एक बड़ी आबादी शादी नहीं करने के नए ट्रेंड को फॉलो करने लगे हैं। एक नया ट्रेंड डबल इनकम, नो किड्स का भी चलन देखा जा रहा है। आइए पढ़ें विस्तृत रिपोर्ट।

4 min read
Jan 13, 2026
युवा शादी के बंधनों से दूर भागने लगे हैं।

Anti marriage trend : बांग्लादेश के अखबार में छपी एक रिपोर्ट (Bangladesh youth against marriage report) के अनुसार, वहां के युवा अब शादी के बंधनों से दूर भागने लगे हैं। रिपोर्ट में युवाओं से बातचीत का लब्बोलुबाब यही था कि अभी तक मुझे सही जीवनसाथी नहीं मिला है। अभी उनका पूरा ध्यान अपने करियर पर है। वह अपनी ज़िंदगी का भरपूर आनंद लेना चाहते हैं और अपने दोस्तों के साथ घूमने जाना चाहते हैं। यह ट्रेंड दुनिया के बहुत सारे मुल्कों में बढ़ रहा है।

भारत में 23 फीसदी युवाओं की शादी में नहीं है इंटरेस्ट

यह बदलाव सिर्फ बांग्लादेश के युवाओं में नहीं ​दर्ज किया जा रहा है। भारत में भी युवाओं में यह ख्याल तेजी से बढ़ रहा है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की यूथ इन इंडिया रिपोर्ट 2022 से पता चला है कि 23 प्रतिशत युवा शादी में रुचि नहीं रखते हैं। इससे पहले यह आंकड़ा 17.2 प्रतिशत था। मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में मनोचिकित्सक और संबंध परामर्शदाता डॉ. शौनक अजिंक्या ने इंडियन एक्सप्रेस को यह बताया था कि उनके युवा मरीजों में से लगभग 20 प्रतिशत शादी के प्रति अनिच्छुक होते हैं।

'घर में लड़ाई देखी इसलिए शादी की इच्छा खत्म सी हो रही'

जयपुर के एक सरकारी विभाग में नौकरी करने वाले 33 वर्षीय कुणाल (बदला हुआ नाम) शादी को लेकर अनिच्छुक हैं। उन्होंने पत्रिका से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने बचपन में अपने दादा-दादी, फिर मां-पिता को काफी लड़ते हुए देखा। मैंने दूसरी तरफ फिल्मों में पति-पत्नी और प्रेमी और प्रेमिका की मधुर कहानियां देखीं। मैं बहुत सालों तक शादी के ख्याल को लेकर भ्रम में रहा। कोरोना काल में मैंने बहुत सारे प्रेम संबंधों को दरकते हुए देखा। पति-पत्नी को घरों के अंदर लड़ते देखा। मेरे भी कुछ व्यक्तिगत संबंध थे, जिसमें खटास बढ़ता हुआ देखा। अखबारों की हेडलाइंस में पति और पत्नी को एक दूसरे का खून का प्यासा होता देखा।

'शादी कर भी लूं तो बच्चे तो बिल्कुल भी पैदा नहीं करूंगा'

उन्होंने बताया कि मैं शादी नहीं करने के बारे में 100 फीसदी अभी भी पक्का नहीं हूं लेकिन यह तय है कि अगर कभी शादी की तो बच्चे तो बिल्कुल भी पैदा नहीं करूंगा। ऐसा क्यों? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शादी के बाद होने वाले झगड़ों से बच्चों की जिंदगी नरक नहीं बनाना चाहता हूं।

चीन में वीबो को 92 मिलियन यूजर्स मिले

चीन में युवा शादी करने से दूर भाग रहे हैं। हाल ही में वीबो पर शादी को अस्वीकार करने वाले एक हैशटैग को 92 मिलियन बार देखा गया। यहां ज्यादातर लोगों ने टिप्पणी करते हुए कहा कि वह तलाक और घरेलू हिंसा के चलते शादी नहीं करना चाहते हैं। वहीं राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण से यह बात सामने आई है कि भारत में तलाक की दर पिछले पांच वर्षों में 35 प्रतिशत बढ़ गई है।

मुस्लिम देशों में बढ़ रहे हैं तलाक के मामले, खुला के केस भी बढ़े

कुवैत जैसे पारंपरिक मुस्लिम समाज में तलाक के मामलों में तेजी देखी जा रही है। वर्ष 2025 के पहले छह मााह में 2600 से अधिक तलाक के मामलेे सामने आए। कुवैत न्याय मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक 2025 के पहले छह महीने में 222 ‘खुला’ के मामले सामने आए। खुला औरतों द्वारा तलाक मांगे जाने को कहते हैं।

'शादी एक किस्म का जुआ है'

भारत में शादी के बारे में ज्यादातार लोगों का मानना है कि यह एक किस्म का जुआ है। शादी अच्छी या बुरी चलेगी, इसके बारे में ठीक-ठीक बता पाना मुश्किल काम है। कुरआन का मारवाड़ी भाषा में अनुवाद करने वाले 38 वर्षीय राजीव शर्मा भी शादी को जुआ ही मानते हैं।

'मैंने लोगों को कुत्ते और बिल्लियों की तरह लड़ते देखा'

राजीव शादी नहीं करने के फैसले में बातचीत करते हुए कहते हैं कि मैंने घर में मां-पिता, चाचा-चाची, दादा-दादी, भैया-भाभी, बहन और बहनोई को कभी लड़ते-झगड़ते हुए नहीं देखा। उन्हें अपने संबंधों को बहुत मधुरता से निभाते हुए पाया। फिर आपने जिंदगी भर शादी नहीं करने का फैसला किया? इस सवाल के जवाब में राजीव ने पत्रिका से कहा- 'मैंने कई पति-पत्नियों को कुत्ते और बिल्लियों की तरह लड़ते देखा। वर्षों अदालतों में भटकते हुए देखा। इन बातों के चलते धीरे-धीरे मेरा मन शादी जैसी बातों से दूर होता चला गया। उन्होंने शादी नहीं करने के पीछे अपने एक दोस्त की दर्दनाक कहानी भी पत्रिका से साझा भी की।

'दोस्त की हालत देख मैंने आजीवन शादी नहीं करने का किया फैसला'

उन्होंने बताया कि उनके एक परिचित की शादी हुई। उनकी पत्नी बहुत सुंदर थी। कुछ ही सालों में वह मेरे परिचित को छोड़कर चली गई। मेरा परिचित उसके बाद बाबा बन गया। कुछ साल बाद मेरे बाबा बने परिचित को यह पता चला कि उसकी पूर्व पत्नी को उसके दूसरे पति ने छोड़ दिया और बाद में उसकी पत्नी की मौत हो गई। अपनी पूर्व पत्नी की मौत से मेरे परिचित को पैरालिसिस का अटैक आ गया और वह सदमे में चले गए। इस घटना के बाद से मैंने मन बना लिया कि शादी के ​बगैर भी जिंदगी खूबसूरती से जी जा सकती है।

'दोस्ताना रिश्ता हो तो शादी का मजा बढ़ जाता है'

स्त्रियों के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली और काउंसिलिंग का काम करने वाली अंजलि सिन्हा का मानना है कि अभी भारत में भी युवा शादी से दूर भागने लगे हैं। उनकी वजहों में आप जाएंगे तो यह देखेंगे कि भारत में बेरोजगारी बढ़ी, फुल टाइम रोजगार में कमी आई है और महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ी है जिसके चलते शादी की जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। बाजार ने लोगों को लग्जरी की आदत डाल दी है। लग्जरी पैसे से पूरी होती है। इस युवा 'डबल इनकम नो किड्स' (Double Income No Kids) वाली नई बात को भी तवज्जो दे रहे हैं। पैसे तो घर में अच्छे आएं लेकिन बच्चा ना हों। मतलब वह किसी किस्म की जिम्मेदारी को कैरियर की राह में ट्रैप की तरह देखते हैं।

उन्होंने कहा कि स्त्रियां पहले की तरह अब दबकर और झुककर नहीं रहती है। पुरुषों को स्त्रियों का जवाब देना बहुत बुरा लगता है और यह तलाक की वजह बन रही है। यह पूछे पाने जाने पर कि इस हालात से बचने के लिए क्या करना चाहिए? इसके जवाब में वह कहती हैं कि स्त्री और पुरुष दोनों को ही टकराहट से बचने की कोशिश करना चाहिए। उन्हें दोस्त बनकर जीने की कला सीखने की जरूरत है।

Updated on:
13 Jan 2026 03:02 pm
Published on:
13 Jan 2026 06:00 am
Also Read
View All

अगली खबर