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पार्टनर के साथ पैसों को लेकर होती है लड़ाई तो जान लीजिए सॉल्यूशन, बरकरार रहेगा प्यार

Married Couple Money Tips: जब पति-पत्नी की सैलरी के बीच बड़ा फर्क हो, एक पार्टनर अमीर परिवार से हो और दूसरा नहीं, तो पैसों से जुड़े मामलों में मतभेद हो सकते हैं।

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Jan 04, 2026
पार्टनर्स के बीच अक्सर पैसों को लेकर झगड़े होते हैं। (PC: AI)

बड़ी संख्या में ऐसे कपल्स हैं, जिनके बीच पैसों को लेकर बातचीत अक्सर तनावपूर्ण हो जाती है। इसमें कोई सरप्राइज करने जैसी बात भी नहीं है। हर किसी की पैसों को लेकर डिफरेंट थिंकिंग हो सकती है। और जब सामने वाले की थिंकिंग हमसे नहीं मिलती, तो हम अपसेट हो जाते हैं। इसके अलावा, हर व्यक्ति का पैसे से जुड़ा बिहेवियर उसकी परवरिश और बचपन के अनुभवों से प्रभावित होता है। अब इन मतभेदों को किस तरह संभाला जाए कि ये आपके रिश्ते के लिए घातक न बनें? आइए समझते हैं।

सबसे पहले तो यह जान लें कि पैसों को लेकर होने वाले झगड़े अक्सर किसी बड़ी समस्या का संकेत होते हैं। आप उन असल मुद्दों को पहचानने की कोशिश करें, ताकि आप दोनों एक-दूसरे की बात बेहतर ढंग से समझ सकें।

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कपल्स के बीच होने वाले सबसे आम टकराव

हर कपल के झगड़े अलग-अलग होते हैं, लेकिन फाइनेंशियल प्लानर्स के मुताबिक पैसों को लेकर होने वाले ज्यादातर विवाद इन मुद्दों के आसपास घूमते हैं:

सेविंग और स्पेंडिंग

एक पार्टनर को फाइनेंशियल सिक्योरिटी के लिए ज्यादा बचत करना पसंद होता है। जबकि दूसरा पार्टनर आज में जीने को प्राथमिकता देता है। वित्तीय थेरेपी के एक्सपर्ट थॉमस फॉप्ल कहते हैं कि दोनों नजरिए सही हैं। असल सवाल यह है कि क्या दोनों एक-दूसरे के नजरिए को समझ सकते हैं और ऐसा बीच का रास्ता निकाल सकते हैं, जो दोनों के लिए काम करे।

ज्यादा कर्ज

चाहे कपल मिलकर कर्ज से जूझ रहे हों या किसी एक पार्टनर पर ज्यादा कर्ज हो, यह अक्सर विवाद की वजह बनता है। सवाल यह है कि कर्ज को कैसे मैनेज किया जाए। उदाहरण के तौर पर, बच्चों वाले कपल्स को कर्ज के बीच कई पैसों से जुड़े फैसले लेने पड़ते हैं। जैसे-

  • क्या फैमिली वेकेशन पर जाएं?
  • क्या बड़ा घर लें?
  • कहां खर्च कम करें?
  • किसे क्या त्याग करना चाहिए?

आर्थिक असमानता

एक पार्टनर अमीर परिवार से हो सकता है या अपने करियर में ज्यादा संपत्ति बना चुका हो, जबकि दूसरा नहीं। या फिर दोनों की सैलरी में बड़ा फर्क हो सकता है। इससे काम के बंटवारे और पैसों पर फैसले लेने के अधिकार को लेकर असहज चर्चाएं हो सकती हैं।

PC: Pixabay

मतभेदों को देखने का नजरिया बदलें

जब आप पैसों को लेकर अपने पार्टनर से झगड़ने वाले हों, तो खुद से ये सवाल पूछें:

सवाल 1: क्या यह बात अभी तुरंत सुलझानी जरूरी है या हम इस पर किसी बेहतर समय में शांत माहौल में चर्चा कर सकते हैं?

सर्टिफाइड फाइनेंशियल प्लानर हीदर बोनपार्थ कहती हैं, “समय, जगह और माहौल बहुत मायने रखते हैं। कपल्स अक्सर गलत समय पर बात शुरू कर देते हैं।”

सवाल 2: हम जिस बात पर झगड़ रहे हैं, क्या असल में वह कोई मुद्दा है?

बोनपार्थ एक कपल का उदाहरण देती हैं, जहां पत्नी तब बुरी तरह नाराज हो गई, जब पति ने ऑनलाइन डिलीवरी से एक एक्स्ट्रा बर्गर खरीद लिया। असल समस्या बर्गर नहीं था, बल्कि पत्नी को लग रहा था कि पति उनके पुराने समझौते- 'खर्च बराबर बांटने' का पालन नहीं कर रहा। इस झगड़े से उन्हें समझ आया कि जो व्यवस्था पहले “अच्छी” लगती थी, वह अब काम नहीं कर रही थी।

अपने पार्टनर के एक्शन के लिए मौजूदा कॉन्टेक्स्ट को समझना भी मददगार हो सकता है। पत्नी उस पर्टिकुलर मोमेंट में गुस्सा क्यों हुई? इसके पीछे उस समय पत्नी की नौकरी जाने की चिंता भी एक वजह थी।

सवाल 3: क्या हम सही कर रहे हैं?

पैसों से जुड़ी संवेदनशील बातचीत की शुरुआत आलोचना से करना सही तरीका नहीं है। बोनपार्थ कहती हैं, “जो गलती हुई है या जो नुकसान हुआ है, उससे शुरुआत मत कीजिए।” इसके बजाय, यह देखें कि आपका पार्टनर और आप दोनों मिलकर क्या सही कर रहे हैं। इससे बातचीत में जुड़े रहना आसान हो जाता है।

समाधान तक कैसे पहुंचें

भले ही आप और आपका पार्टनर पैसों को लेकर हमेशा अलग-अलग सोच रखें, फिर भी आपको ऐसे फैसले लेने होंगे जिनके साथ आप दोनों सहज हों। इसके लिए अपने साझा लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें। मान लीजिए निवेश को लेकर एक पार्टनर जोखिम से डरता है और दूसरा नहीं। ऐसे में यह सोचें कि आप दोनों का कॉमन गोल क्या है। हो सकता है कि आप दोनों 60 साल की उम्र में रिटायर होना चाहते हों।

अब सवाल यह है कि मौजूदा हालात में उस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए क्या करना होगा। उस तक पहुंचने के कई रास्ते हो सकते हैं। जरूरी नहीं कि सॉल्यूशन बहुत ज्यादा जोखिम भरा या बिल्कुल सुरक्षित ही हो। बोनपार्थ कहती हैं, “यह कम जोखिम में भी हो सकता है। इतना जोखिम जिसमें दोनों पार्टनर संतुष्ट रहें।” अंत में वे कहती हैं, “अनिश्चितता डरावनी होती है और जोखिम लेने की क्षमता व्यक्तिगत होती है, लेकिन जोखिम उठाने की हमारी वास्तविक क्षमता डबल है, क्योंकि हम दोनों साथ हैं।”

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Updated on:
05 Jan 2026 02:17 pm
Published on:
04 Jan 2026 07:00 pm
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