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Gen Alpha: जेन जी के बाद अब अल्फा की गूंज, वीडियो बन रहे हथियार, आंखों में आंखें डालकर पूछ रहे सवाल

Gen Alpha: जेन जी के प्रदर्शन के बाद जेन अल्फा भी जगह-जगह अपनी समस्या को लेकर विरोध और प्रदर्शन कर रहे हैं। स्कूल में शिक्षक नहीं हैं, सड़क टूटी है, या पढ़ाई और सुरक्षा से जुड़ी कोई समस्या है, बच्चे इनका वीडियो बनाकर सीधे प्रशासन और सरकार से सवाल पूछ रहे हैं। इस बारे में पुष्पेन्द्र सिंह शेखावत की विस्तृत रिपोर्ट पढ़िए।
3 min read
Aug 18, 2026
Gen Alpha Gen Z
अब जेन अल्फा की आवाज मुखर (Photo: Rajasthan Patrika)

Gen Alpha Protest : जेन जी के आंदोलनों की गूंज के बाद अब छोटी उम्र यानी अल्फा जेनरेशन के बच्चे भी अपनी बात खुलकर रख रहे हैं। शिक्षा और व्यवस्था में सुधार के लिए एक नए किस्म का आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है। जेन अल्फा के ये बच्चे धरना-प्रदर्शन से ज्यादा मोबाइल कैमरे और सोशल मीडिया को अपनी आवाज बना रहे हैं। इनके वीडियो में न भाषण की तैयारी होती है, न राजनीतिक भाषा। वे अपनी रोजमर्रा की परेशानी को सीधे और बेबाक अंदाज में रखते हैं। यही वजह है कि कई वीडियो तेजी से वायरल होकर स्थानीय समस्या को बड़े मुद्दे में बदल रहे हैं।

पापा पांच लाख टैक्स देते हैं, फिर सड़क ऐसी क्यों?

ब्यावर की सिरोला निवासी सातवीं कक्षा की छात्राएं प्रीत और राही सेंदड़ा मार्ग स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ती हैं। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें दोनों ने सड़क की बदहाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके पिता, चाचा और दादा हर साल करीब पांच लाख रुपए टैक्स देते हैं, फिर भी घर के पास सड़क की हालत खराब है। बारिश में पानी और कीचड़ से रास्ता बंद हो जाता है। प्रशासन से कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।

मिठाई के लिए होगा जंतर-मंतर पर आंदोलन

15 अगस्त को एक सरकारी स्कूल के कार्यक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक बच्चे ने स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर मिलने वाले लड्डुओं को लेकर अपने अंदाज में सवाल उठाया। उसने कहा कि देश को आजाद हुए 80 साल हो गए हैं, तो 80-80 लड्डू मिलने चाहिए। जैसे पढ़ाई और फीस बढ़ रही है, वैसे ही बच्चों को काजू कतली मिलनी चाहिए। मजाकिया अंदाज में बच्चे ने कहा कि अगर व्यवस्था नहीं सुधरी, तो जंतर-मंतर पर मिठाई को लेकर आंदोलन होगा।

क्या आपके बच्चे भी ऐसे स्कूल में पढ़ते?

अलवर के थानागाजी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जोधावास में जर्जर भवन की छत गिरने के बाद विद्यार्थियों ने धरना दिया। छात्रा तन्नु ने अधिकारियों से कहा कि 79 साल बाद भी उनके लिए अच्छा स्कूल नहीं है। भवन जर्जर है, शिक्षक कम हैं और बारिश में नदी में पानी बढ़ जाने से कई बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते। उसने सवाल किया - "अगर आपके बच्चे यहां पढ़ते, तो क्या आप उन्हें यही सुविधाएं देते?" विद्यार्थियों के धरने के बाद प्रशासन ने उनकी मांगें मान लीं।

सुरक्षित माहौल के लिए छात्राओं ने खोला मोर्चा

केकड़ी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक शिक्षक द्वारा छात्राओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार का मामला सामने आने के बाद छात्राओं ने मुख्यद्वार पर तालाबंदी कर दी। उन्होंने अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी और स्कूल में सुरक्षित माहौल की मांग की। कार्रवाई करते हुए प्रिंसिपल और संबंधित शिक्षक को निलंबित कर दिया गया।

आने वाले चुनावों में दिख सकता है असर

आज के जेन अल्फा के ये बच्चे अभी मतदाता नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज घरों तक पहुंच रही है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले ऐसे वीडियो किसी गांव, स्कूल या सड़क की समस्या को कुछ ही घंटों में हजारों-लाखों लोगों तक पहुंचा सकते हैं। इसका असर आने वाले चुनावों में स्थानीय मुद्दों की प्राथमिकता तय करने और परिवारों के राजनीतिक विमर्श पर पड़ सकता है।

नई पीढ़ी भाषणों से नहीं होगी प्रभावित

आने वाले वर्षों में यही पीढ़ी पहली बार वोट देने की उम्र में पहुंचेगी। तब इनके लिए शिक्षा, सुरक्षित स्कूल, सड़क, इंटरनेट, रोजगार और स्थानीय सुविधाओं जैसे मुद्दे ज्यादा स्वाभाविक राजनीतिक सवाल हो सकते हैं। राजनीतिक दलों के लिए भी यह संकेत है कि नई पीढ़ी को केवल भाषणों से नहीं, बल्कि काम, वीडियो और जवाबदेही से प्रभावित करना होगा।

Updated on:
18 Aug 2026 11:32 am
Published on:
18 Aug 2026 11:24 am
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