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Superbugs In Poultry Farm : चिकन लवर्स सावधान! ये 2 चीजें भी ना खाएं, पोल्ट्री फार्मों में सुपरबग, दवाएं भी बेअसर! जानिए ये कितना खतरनाक

Superbugs In Poultry Farm Chennai : तमिलनाडु में बर्ड फ्लू (Bird Flu) को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बैठक की है। आज से एक सप्ताह पहले करीब 1500 कौवों की मौत के बाद बर्ड फ्लू का अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही सैकड़ों पक्षियों में अत्यधिक संक्रामक H5N1 वायरस की पुष्टि हुई है। इसके अलावा […]

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Feb 16, 2026
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo - Gemini AI

Superbugs In Poultry Farm Chennai : तमिलनाडु में बर्ड फ्लू (Bird Flu) को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बैठक की है। आज से एक सप्ताह पहले करीब 1500 कौवों की मौत के बाद बर्ड फ्लू का अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही सैकड़ों पक्षियों में अत्यधिक संक्रामक H5N1 वायरस की पुष्टि हुई है। इसके अलावा वैज्ञानिकों ने ई-कोलाई बैक्टीरिया के तीन स्ट्रेन सैंपल में पाए हैं। ये भी बताया है कि पोल्ट्री फार्मों में सुपरबग मिला है, जिन पर दवाएं भी बेअसर हैं। ऐसे में चिकन खाने वालों को अधिक सचेत रहने की आवश्यकता है। पर, चिकन के अलावा इन चीजों को भी खाने से पहले सावधानी बरतनी होगी।

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चिकन-अंडा खाने वाले सावधान!

अभी फ्लू का खतरा तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में बताया जा रहा है। पर, इससे देशभर में खतरा है क्योंकि, ये दोनों राज्य अंडा और मांस का उत्पादन करने में टॉप 10 राज्यों में शामिल हैं। इन्हीं राज्यों का अंडा और मांस का सेवन अधिकतर लोग करते हैं।

चिकन और मांस उत्पादन का राज्यवार आंकड़ा नीचे देखें-

बर्ड फ्लू को लेकर एक्सपर्ट से बातचीत

डॉ. मनीष गुप्ता, संक्रमण रोग विशेषज्ञ ने पत्रिका के साथ बातचीत में बर्ड फ्लू, पोल्ट्री फार्मों में मिला सुपरबग कितना खतरनाक है, ई-कोलाई बैक्टीरिया के तीन स्ट्रेन क्या हैं, इन पर दवा काम नहीं कर रही है तो आम लोगों को कैसे बचाव करना होगा, इस तरह की तमाम बातों को नीचे समझेंगे-

पोल्ट्री फार्मों में मिला सुपरबग कितना खतरनाक?

वो कहते हैं, पोल्ट्री फार्मों में मिला सुपरबग - जो मुख्य रूप से ऐसे बैक्टीरिया हैं जिन पर सामान्य एंटीबायोटिक दवाएं बेअसर हो जाती हैं - इंसानी सेहत के लिए एक "साइलेंट महामारी" की तरह हैं।

इनकी खतरनाक होने की मुख्य वजहें समझिए:

  1. एंटीबायोटिक दवाओं का बेअसर होना

सुपरबग (जैसे Salmonella, E. coli, और Campylobacter) ने खुद को इस तरह बदल लिया है कि सबसे मजबूत एंटीबायोटिक्स भी उन्हें नहीं मार पातीं। इसका मतलब है कि अगर कोई इंसान इन बैक्टीरिया से संक्रमित होता है, तो सामान्य दवाएं काम नहीं करेंगी, जिससे इलाज बहुत मुश्किल या कभी-कभी नामुमकिन हो जाता है।

  1. संक्रमण फैलने का आसान रास्ता

ये सुपरबग पोल्ट्री से इंसानों तक आसानी से पहुंच सकते हैं। अधपका मांस (Undercooked Meat), क्रॉस-कंटामिनेशन (जिस चाकू या बोर्ड पर कच्चा चिकन काटा गया, उसे बिना धोए सलाद काटने के लिए इस्तेमाल करना), फार्म से निकलने वाला कचरा पास के पानी के स्रोतों या खेतों में मिलकर सब्जियों को भी दूषित कर सकता है।

बर्ड फ्लू के लक्षण

डॉक्टर ने इसके लक्षण को समझाते हुए बताया, कोई भी फ्लू सांस संबंधित समस्या उत्पन्न करता है। इसके साथ सर्दी-खांसी, बुखार जैसे लक्षण दिख सकते हैं। ऐसे संकेत दिखने पर मास्क पहने और डॉक्टर से संपर्क करें।

बर्ड फ्लू के खतरनाक लक्षण

वो कहते हैं कि अगर आपको सांस लेने में बहुत अधिक दिक्कत हो। जैसे- निमोनिया के मरीज को होती है। इस तरह के लक्षण दिखने पर बिना किसी देरी के डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

चिकन के अलावा और क्या ना खाएं?

सामान्य रूप से बर्ड फ्लू होने पर लोग चिकन से दूरी बना लेते हैं। लेकिन, आपको ये समझना होगा कि ये केवल चिकन से ही नहीं बल्कि अन्य पॉल्ट्री उत्पाद से भी फैल सकता है। जैसे- अंडा को खाने से बचें, किसी अन्य पक्षी के मांस का भी सेवन ना करें, दूध और कुछ पत्तेदार सब्जियां (पालक) भी खाने से बचें।

यह कितना खतरनाक है?

नए स्ट्रैन मिलने पर दवा बनाने में वक्त लगता है क्योंकि, कल्चर, शोध आदि में टाइम लगता है। इसलिए, सावधानी बरतने से आपको अधिक फायदा मिलेगा। बर्ड फ्लू अलर्ट आने के बाद अंडा, चिकन जैसी चीजों से दूरी बनाने में भलाई है। सुपरबग से होने वाली बीमारी का इलाज लंबा और बहुत महंगा होता है क्योंकि इसमें महंगी और "लास्ट-रिजॉर्ट" दवाओं की जरूरत पड़ती है।

जानलेवा खतरा

मामूली लगने वाला फूड पॉइजनिंग या संक्रमण भी जानलेवा बन सकता है क्योंकि शरीर दवाओं पर प्रतिक्रिया नहीं देता। इसलिए, इसको नजरअंदाज ना करें और ना ही पैनिक हों।

बर्ड फ्लू का वैश्विक संकट

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, Antimicrobial Resistance (AMR) 2050 तक दुनिया भर में कैंसर से भी ज्यादा मौतों का कारण बन सकता है। बता दें, हालही में बर्ड फ्लू से इंसानी मौत भी देखने को मिले थे।

भारत के संदर्भ में खतरा क्यों ज्यादा है?

भारत में पोल्ट्री फार्मों में मुर्गियों को जल्दी बड़ा करने और बीमारियों से बचाने के लिए कोलिस्टिन (Colistin) जैसे शक्तिशाली एंटीबायोटिक्स का बड़े पैमाने पर यूज किया जा रहा है। कोलिस्टिन वह दवा है जिसे डॉक्टर इंसानों के लिए तब बचा कर रखते हैं जब सारी दवाएं फेल हो जाती हैं। फार्मों में इसके इस्तेमाल से बैक्टीरिया ने इस "ब्रह्मास्त्र" के खिलाफ भी प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर ली है।

बर्ड फ्लू से बचाव के उपाय

वो कहते हैं कि किसी भी बैक्टिरिया या वायरस को मारने के लिए हीट (Heat) काफी है। फ्लू के वक्त आप पानी को उबालकर पिएं। इसके अलावा भी खाने वाली चीजों को अच्छी तरह से पकाएं। चिकन, अंडा या मांस को को हमेशा 74°C से ऊपर के तापमान पर अच्छी तरह पकाने के बाद ही सेवन करें।

मरे हुए पक्षी को ना छुएं

अगर आपके इलाके में कोई पक्षी मार हुआ मिले तो उसको नंगे हाथ, बिना मास्क पहने ना छुएं। कोशिश करें कि ऐसी स्थिति में आप स्वास्थ्य विभाग तक जानकारी पहुंचाएं ताकि मृत पक्षी को सुरक्षित हटाया जाए और जांच आदि की जाए।

Published on:
16 Feb 2026 01:15 pm
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