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दो रुपये वाले ‘जनता के डॉक्टर’ AK Rairu Gopal के अलावा ये डॉक्टर भी करते हैं फ्री इलाज

Dr. AK Rairu Gopal : डॉ. एके रायरू गोपाल का नाम चिकित्सा जगत में बड़े ही सम्मान से लिया जाता है। जिन्हें दो रुपये वाले डॉक्टर के नाम से भी जाना गया। लेकिन क्या आप जानते हैं और भी कई ऐसे डॉक्टर हैं जो जरूरतमंदों का फ्री में ईलाज करते हैं।

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Aug 05, 2025
दो रुपये वाले 'जनता के डॉक्टर' AK Rairu Gopal के अलावा ये डॉक्टर भी करते हैं फ्री इलाज (फोटो सोर्स: AI Image@Gemini/ians)

Dr. AK Rairu Gopal : केरल के कन्नूर में डॉ. एके रायरू गोपाल का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया और उनके साथ ही एक युग का अंत हो गया जिसने चिकित्सा को व्यवसाय नहीं बल्कि सेवा का पर्याय बना दिया। 'दो रुपये वाले डॉक्टर' के नाम से मशहूर, डॉ. गोपाल ने अपनी करुणा और निस्वार्थ सेवा से लाखों लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई।

50 सालों तक डॉ. गोपाल (AK Rairu Gopal) ने अपने छोटे से क्लिनिक से गरीबों और जरूरतमंदों के लिए आशा की एक किरण जलाए रखी। उनकी फीस महज 2 रुपये थी जो बाद में 40-50 रुपये तक बढ़ी लेकिन फिर भी इतनी कम थी कि कोई भी आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रह जाए। वे अक्सर उन मरीजों को मुफ्त दवाइयां भी देते थे जो उनका खर्च नहीं उठा सकते थे।

AK Rairu Gopal : सुबह 3 बजे से शुरू होती थी सेवा

डॉ. गोपाल (AK Rairu Gopal) का समर्पण उनकी फीस तक ही सीमित नहीं था। दिहाड़ी मजदूरों, छात्रों और काम पर जाने वाले अन्य लोगों की सुविधा के लिए वे सुबह 3 बजे से ही मरीजों को देखना शुरू कर देते थे। उनके घर के बाहर अक्सर सूरज निकलने से पहले ही लंबी कतारें लग जाती थीं। वे एक दिन में 300 मरीजों का इलाज भी कर लेते थे।

Kerala Chief Minister Pinarayi Vijayan

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने उन्हें 'जनता का डॉक्टर' कहकर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि इतनी कम फीस पर सेवा देने की उनकी तत्परता गरीबों के लिए एक बड़ी राहत थी।

डॉ. गोपाल को राज्य के सर्वश्रेष्ठ पारिवारिक डॉक्टर के लिए आईएमए पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। पिछले मई में गिरते स्वास्थ्य के कारण जब उन्हें अपना क्लिनिक बंद करना पड़ा तो उनके मरीजों में उदासी छा गई थी।

'सेवा भाव' की मिसाल

डॉ. गोपाल जैसे डॉक्टर यह साबित करते हैं कि चिकित्सा सिर्फ एक पेशा नहीं बल्कि एक महान सेवा है। वे हिप्पोक्रेटिक शपथ के सच्चे अनुयायी थे जिसमें डॉक्टर शपथ लेते हैं कि वे बिना किसी भेदभाव के सभी की सेवा करेंगे।

Doctors Who Treat for Free : भारत में ऐसे कई और भी डॉक्टर हैं जो इस सेवा भाव को जीवित रखे हुए हैं

Spreading Smiles पर काम करने वाली टीम। (फोटो सोर्स : डॉ. पुष्कर वाकनीस, दाएं से अंतिम)

डॉ. पुष्कर वाकनीस: पुणे में 'स्प्रेडिंग स्माइल्स' कार्यक्रम के तहत बच्चों के कटे होठ और तालू का मुफ्त ऑपरेशन करते हैं।

डॉ. मनोज कुमार: यूके में अपनी प्रैक्टिस छोड़कर भारत आए डॉ. मनोज मेंटल हेल्थ एक्शन ट्रस्ट (MHAT) के माध्यम से ग्रामीण आबादी के मानसिक स्वास्थ्य का मुफ्त इलाज करते हैं।

डॉ. अभिजीत सोनवणे: पुणे में भिखारियों के डॉक्टर के रूप में जाने जाते हैं। वे सड़कों पर रहने वाले लोगों का इलाज करते हैं और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं।

डॉ. मनोज दुराईराज: पुणे के एक हृदय सर्जन जो मैरियन कार्डियक सेंटर के जरिए गरीबों के बच्चों की मुफ्त हार्ट सर्जरी करते हैं।

डॉ. योगी एरॉन: देहरादून में 80 वर्ष के प्लास्टिक सर्जन जो जले हुए और जंगली जानवरों के हमले के शिकार लोगों का मुफ्त इलाज करते हैं।

डॉ. गोपाल का निधन एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई मुश्किल है। लेकिन उनकी विरासत हमें यह सिखाती रहेगी कि इंसानियत की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और एक डॉक्टर के लिए इससे बड़ा सम्मान कोई नहीं हो सकता।

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