Chhattisgarh Budget 2026: जानें साय सरकार के ‘ज्ञान’, ‘गति’ और ‘संकल्प’ थीम वाले पिछले दो बजट का पूरा बैकग्राउंड और इस बार क्या रहा खास।
Chhattisgarh Budget 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में वर्ष 2026 का बजट सत्र एक नए अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। नया रायपुर अटल नगर स्थित नए विधानसभा भवन में पहली बार पूर्ण बजट भाषण दिया गया। भव्य और आधुनिक परिसर में पेश हुआ यह बजट न केवल औपचारिक रूप से खास रहा, बल्कि प्रतीकात्मक रूप से भी प्रदेश की नई विकास यात्रा का संकेत देता नजर आया।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने साय सरकार का तीसरा बजट ‘संकल्प’ थीम के साथ प्रस्तुत किया। 1.72 लाख करोड़ रुपये के इस बजट को सरकार ने दीर्घकालिक विकास, संस्थागत विस्तार और क्षेत्रीय संतुलन की दिशा में निर्णायक बताया। नए भवन में दिया गया यह पहला पूर्ण बजट भाषण इसलिए भी ऐतिहासिक रहा, क्योंकि यह केवल आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि सरकार की भविष्य दृष्टि का सार्वजनिक प्रस्तुतीकरण था।
अगर 2025-26 के बजट पर नजर डालें तो उसका केंद्रीय विचार ‘गति’ था। उस समय सरकार ने आधारभूत संरचना, योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रशासनिक दक्षता को तेज करने पर जोर दिया था। कई योजनाओं का विस्तार किया गया, लेकिन फोकस मुख्यतः पहले से चल रही परियोजनाओं को गति देने और निवेश माहौल सुधारने पर रहा।
पिछले बजट में सामाजिक योजनाओं, कृषि समर्थन और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को प्राथमिकता मिली थी, परंतु बड़े पैमाने पर नए संस्थागत ढांचे की घोषणाएं सीमित थीं। वह बजट संक्रमण काल का माना गया—जहां सरकार अपनी नीतियों की दिशा तय कर रही थी।
इस बजट ने एक ओर जहां आर्थिक विस्तार का संकेत दिया, वहीं राजनीतिक रूप से यह सरकार के आत्मविश्वास का भी प्रदर्शन रहा। विपक्ष ने आंकड़ों और प्रावधानों पर सवाल उठाए, लेकिन सरकार ने इसे दीर्घकालिक विकास का रोडमैप बताया।
साय सरकार का पहला बजट ‘GYAN’ थीम पर आधारित था। इसका उद्देश्य था—शिक्षा, कौशल और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना।
प्रमुख फोकस
— शिक्षा संस्थानों का सुदृढ़ीकरण
स्कूल और उच्च शिक्षा में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार
कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा
युवाओं के लिए रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण
— कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था
किसानों के समर्थन मूल्य और कृषि योजनाओं का विस्तार
सिंचाई और ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर निवेश
— सामाजिक योजनाएं
महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की निरंतरता
स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की पहल
दूसरे वर्ष सरकार ने ‘GATI’ थीम के साथ विकास को रफ्तार देने का लक्ष्य रखा था।
— इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार
सड़क, पुल और नगरीय विकास परियोजनाओं में निवेश
औद्योगिक निवेश आकर्षित करने की नीति
लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी सुधार
— उद्योग और रोजगार
MSME सेक्टर को प्रोत्साहन
निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल
युवाओं के लिए रोजगार सृजन कार्यक्रम
— सामाजिक क्षेत्र की निरंतरता
स्वास्थ्य और महिला योजनाओं के बजट में वृद्धि
ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में विकास योजनाओं का विस्तार
साय सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ‘SANKALP’ थीम पर आधारित बजट पेश किया। छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने 1.72 लाख करोड़ रुपये का यह बजट प्रस्तुत करते हुए इसे प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास की दिशा में निर्णायक कदम बताया।
‘SANKALP’ का अर्थ
S - समावेशी विकास A - अधोसंरचना N - निवेश K - कुशल मानव संसाधन A - अन्त्योदय L - लाइवलीहुड P - पॉलिसी से परिणाम तक
— थीम में परिवर्तन: गति से संकल्प
‘गति’ से आगे बढ़ते हुए इस बार सरकार ने ‘संकल्प’ शब्द चुना। इसका अर्थ है—दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और लक्ष्य आधारित विकास। यह बदलाव संकेत देता है कि सरकार अब योजनाओं के विस्तार के साथ-साथ परिणाम और स्थायी ढांचे पर जोर दे रही है।
— शिक्षा में संरचनात्मक निवेश
अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो एजुकेशन सिटी की घोषणा ने यह स्पष्ट किया कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा का संस्थागत ढांचा तैयार करने का इरादा है। यह कदम पिछले वर्ष के बजट की तुलना में अधिक दूरदर्शी और दीर्घकालिक है।
— औद्योगिक विस्तार का स्पष्ट रोडमैप
23 नए औद्योगिक पार्कों की घोषणा ने निवेश और रोजगार के नए अवसरों का संकेत दिया। पिछले वर्ष निवेश प्रोत्साहन की नीति थी, लेकिन इस बार ठोस औद्योगिक ढांचे की स्थापना की घोषणा की गई।
— महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा
महतारी वंदन योजना के लिए बड़ा प्रावधान और बालिकाओं के लिए नई योजनाएं इस बार बजट का अहम हिस्सा रहीं। सामाजिक योजनाओं को अधिक वित्तीय मजबूती मिली है।
— क्षेत्रीय संतुलन पर जोर
बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में शिक्षा, पर्यटन, इंटरनेट और सड़क विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। यह संतुलित क्षेत्रीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में पेश वर्ष 2026-27 के बजट को सरकार ने “ऐतिहासिक” बताया है। अगर इसकी तुलना पिछले बजट (2025-26) से करें तो कई बड़े अंतर और नई प्राथमिकताएं साफ दिखाई देती हैं:
पिछला बजट (2025-26): अपेक्षाकृत कम आकार, फोकस योजनाओं के विस्तार पर।
वर्तमान बजट (2026-27): 1.72 लाख करोड़ रुपये का बड़ा आकार।
➡️ इससे साफ है कि सरकार ने व्यय क्षमता और विकास परियोजनाओं का दायरा बढ़ाया है।
पहले बजट ‘GYAN’, दूसरे में ‘GATI’ पर जोर था।
इस बार वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने ‘संकल्प’ थीम रखी।
➡️ मतलब अब सरकार केवल योजनाएं शुरू करने की बजाय उन्हें लक्ष्यबद्ध और परिणाम-आधारित बनाने पर जोर दे रही है।
पिछले बजट में शिक्षा योजनाओं का विस्तार था।
इस बार अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नई एजुकेशन सिटी की घोषणा, जो आदिवासी क्षेत्रों के लिए ऐतिहासिक कदम है।
➡️ यह केवल अनुदान नहीं, बल्कि दीर्घकालिक संस्थागत निर्माण है।
पहले बजट में निवेश आकर्षण की नीति पर जोर था।
इस बार 23 नए औद्योगिक पार्क की सीधी घोषणा।
➡️ इससे रोजगार और MSME सेक्टर को ठोस आधार मिलने की उम्मीद है।
महतारी वंदन योजना पहले से लागू थी।
इस बार इसके लिए 8,200 करोड़ का बड़ा प्रावधान और ‘दुर्गावती योजना’ जैसी नई पहल।
➡️ महिलाओं और बालिकाओं के लिए सीधी वित्तीय सहायता का दायरा बढ़ा।
पहले बजट में बुनियादी ढांचे पर सामान्य निवेश था।
इस बार बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों के लिए इंटरनेट, सड़क, पर्यटन और औद्योगिक विकास का विशेष पैकेज।
➡️ इससे क्षेत्रीय असमानता कम करने का संकेत मिलता है।
आयुष्मान और NHM के प्रावधान पहले भी थे।
इस बार लैब निर्माण, होम्योपैथी कॉलेज, नई आंगनबाड़ी जैसी संरचनात्मक घोषणाएं।
➡️ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधार पर फोकस बढ़ा।