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यूरोप से MP क्यों आ रहे दुनिया के सबसे बड़े पक्षी… क्या ये है कोई संकेत?

Vulture in MP: मध्य प्रदेश का नौरादेही टाइगर रिजर्व अब सिर्फ बाघों के लिए नहीं, बल्कि दुर्लभ प्रवासी और दुनिया के सबसे बड़े पक्षियों का सेफ जोन बन गया है, यूरोप से 7 हजार KM उड़कर यहां पहुंच रहे रहे दुर्लभ प्रजाति के विशालकाय पक्षियों को देखकर आखिर क्यों खुश हो रहा वन विभाग हैरान

3 min read
Jan 30, 2026
vulture in MP world largest birds big indication for forests(patrika creative)

Vulture in MP: मध्यप्रदेश का नौरादेही टाइगर रिजर्व इन दिनों सिर्फ बाघों के लिए नहीं, बल्कि एक अनोखे मेहमान के लिए भी चर्चा में है। हर साल सर्दियों के मौसम में यूरोप और हिमालयी क्षेत्रों से करीब 7 हजार किलोमीटर का सफर तय करने के बाद सिनेरियस वल्चर यहां पहुंचते हैं। यही कारण है कि नौरादेही अब सिर्फ टाइगर रिजर्व नहीं, बल्कि प्रवासी गिद्धों का सुरक्षित ठिकाना भी बन चुका है।

वन विभाग के मुताबिक, नौरादेही टाइगर रिजर्व में इस समय वल्चर (Vulture in MP) की 7 अलग-अलग प्रजातियां देखी जा रही हैं। इनमें हिमालयन ग्रिफन, यूरेशियन ग्रिफन और सबसे दुर्लभ माने जाने वाले सिनेरियस वल्चर शामिल हैं।

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Vulture Species in MP(photo:freepik)

दुनिया के सबसे बड़े गिद्धों की दुर्लभ प्रजाति

खास बात यह है कि सिनेरियस वल्चर को गिद्धों की दुनिया का 'विशालकाय पक्षी' कहा जाता है, जिनके पंख फैलने पर चौड़ाई करीब तीन मीटर तक पहुंच जाती है। बताते चलें कि IUCN की रेड लिस्ट में इन्हें Near Threatened माना गया है। इसका अर्थ है वे प्रजाति जो फिलहाल खतरे से दूर है, लेकिन अगर हालात नहीं सुधरे तो जल्द ही खतरे वाली श्रेणी में शामिल हो सकती है।

यहां जानें IUCN की रेड लिस्ट का अर्थ

Least Concern- यानि अभी सुरक्षित

Near Threatened- खतरे के पास/चेतावनी की घंटी

Vulnerable- खतरे में

Endangered- बहुत ज्यादा खतरे में

Critically Endangered: विलुप्त होने के कगार पर

Extinct- विलुप्त

Vulture in MP(photo:freepik)

इन्हें क्यों पसंद आ रहा है एमपी का ये टाइगर रिजर्व

नौरादेही टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर और IFS रजनीश सिंह के मुताबिक...

नौरादेही में डांगौरिया रेंज और आसपास का इलाका इन्हें बेहद पसंद आता है। इसका कारण यहां का खुला जंगल, पर्याप्त भोजन तो है ही, इसके अलावा यहां मानवीय दखल बेहद कम है। यह इलाका गिद्धों के लिए इसलिए भी अहम है क्योंकि यहां डायक्लोफेनाक जैसी घातक दवाओं का असर न के बराबर है। ये भी एक बड़ा कारण है कि नौरादेही को धीरे-धीरे 'गिद्धों का सेफ जोन'(Vulture in MP) माना जाने लगा है।

Vulture State MP(photo:freepik)

SFRI वैज्ञानिक अनिरुद्ध मजूमदार बताते हैं कि सिनेरियस वल्चर यूरोप और मध्य एशिया से उड़ान भरकर भारत आते हैं। सर्दियों में ठंड बढ़ते ही ये पक्षी भोजन और सुरक्षित वातावरण की तलाश में लंबी दूरी तय करते हैं।

अनिरुद्ध यह भी बताते हैं...

'पर्यावरण संतुलन में गिद्धों की भूमिका बेहद अहम होती है। वे जंगल को साफ रखने में मदद करते हैं और बीमारियों के फैलाव को रोकते हैं।'

Vultures in MP(photo:freepik)

ऐसे में MP के नौरादेही टाइदगर रिजर्व में प्रवासी गिद्धों की बढ़ती संख्या मध्यप्रदेश (Vulture in MP) के लिए अच्छी खबर मानी जा रही है... क्यों कि प्रवासी गिद्धों की एमपी के जंगलों में मौजूदगी बड़ा संकेत है कि अब सिर्फ बाघ नहीं, बल्कि विलुप्त होती प्रजातियों के लिए भी एमपी एक सुरक्षित शरणस्थली बनता जा रहा है।


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Updated on:
30 Jan 2026 05:34 pm
Published on:
30 Jan 2026 05:30 pm
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