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Graduate Unemployment: किस देश में कितने ग्रेजुएट्स रह जाते हैं बेरोजगार? गुलजार के 55 वर्ष पुराने गीत पर मुहर लगाती APU की नई रिपोर्ट

Unemployment Graduates: भारत में हर साल करीब 90 से लेकर एक करोड़ छात्र ग्रजुएट हो जाते हैं। लेकिन अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की नई रिपोर्ट में 7 फीसदी से भी कम ग्रेजुएट पुरुष एक साल के अंदर परमानेंट सैलरी वाली नौकरी हासिल कर पाते हैं। आइए जानते हैं कि दुनिया में युवाओं में बेरोजगारी का क्या हाल है?

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Graduate Unemployment in India

भारत में स्नातक पास युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है।

Graduate Unemployment in India : वर्ष 1971 में एक फिल्म आई थी- 'मेरे अपने।' इस फिल्म में किशोर कुमार और मुकेश की आवाज में एक गाना विनोद खन्ना, डैनी व अन्य कलाकारों पर फिल्माया गया। गाने को गुलजार ने लिखा और संगीत सलिल चौधरी ने दिया है। गाने में कहे गए एक-एक शब्द 55 साल बाद आज भी शब्दश: मौजूं हैं। गाने का मुखड़ा है- 'हालचाल ठीक ठाक है, सब ठीक ठाक है।' इस गाने में आगे की पंक्ति कुछ इस तरह से है- 'बीए किया है, एमए किया है, लगता है वो भी एैवें किया, काम नहीं वर्ना यहां सब ठीक ठाक है।' गुलजार के इस बेरोजगारी पर तंज कसते हुए इस गीत पर 'स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया 2026' रिपोर्ट मुहर लगाती हुई नजर आ रही है।

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