
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में महिला एकल क्वार्टर-फाइनल मुकाबला चीन से हार गई हैं। पीवी सिंधु की हार के साथ ही आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारत के बैडमिंटन का सफर समाप्त हो गया है। भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु रविवार को अपना महिला एकल क्वार्टर-फाइनल मुकाबला चीन की चेन यू फेई से 21-11, 18-21, 10-21 से हार गईं।
रविवार को पीवी सिंधु ने शानदार शुरुआत के बावजूद 3 गेम तक चले मुकाबले में 21-11, 18-21, 10-21 से हार झेली। सिंधु के अलावा उन्नति हुड्डा, महिला डबल्स में ट्रीसा जॉली-गायत्री गोपीचंद और मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव कपिला-तनिशा क्रैस्टो भी क्वार्टर-फाइनल में हार गए।
भारत, इस बार बैडमिंटन में केवल पुरुष टीम स्पर्धा का ब्रॉन्ज मेडल जीत सका। व्यक्तिगत स्पर्धाओं पुरुष और महिला एकल, पुरुष और महिला डबल्स तथा मिक्स्ड डबल्स में कोई भारतीय खिलाड़ी सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच पाया। बता दें कि एशियन गेम्स में बैडमिंटन के सेमीफाइनल में पहुंचने वाले खिलाड़ियों को कम से कम ब्रॉन्ज मिलना तय होता है।
भारत ने पिछले एशियन गेम्स, हांगझोऊ 2023 में बैडमिंटन में 3 पदक जीते थे। पुरुष टीम का सिल्वर, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी का पुरुष डबल्स गोल्ड और एचएस प्रणय का पुरुष एकल ब्रॉन्ज। इस लिहाज से 2026 का प्रदर्शन पिछले संस्करण के मुकाबले कमजोर रहा।
चीन की 'चेन यू फेई' के खिलाफ PV सिंधु ने शुरुआत से आक्रामक खेल दिखाया। उन्होंने पहले गेम में चीनी खिलाड़ी को लय नहीं पकड़ने दी और इसे 21-11 से अपने नाम किया। दूसरा गेम कहीं ज्यादा करीबी रहा। इंटरवल तक सिंधु 11-10 से आगे थीं और बाद में स्कोर 16-16 तक पहुंचा।
भारतीय खिलाड़ी ने एक तेज स्मैश के साथ 17-16 की बढ़त भी हासिल की, लेकिन इसके बाद 'चेन यू फेई' ने लगातार दबाव बनाया और गेम 21-18 से जीत लिया। निर्णायक गेम में चेन ने इंटरवल तक 11-7 की बढ़त बना ली और इसके बाद सिंधु वापसी नहीं कर सकीं। चीनी शटलर ने तीसरा गेम 21-10 से जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।
चीन की 'चेन यू फेई' टोक्यो ओलंपिक की महिला एकल गोल्ड मेडलिस्ट हैं। सिंधु के लिए यह मुकाबला शारीरिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने शनिवार को दो मैच खेले थे। 24 घंटे से कम समय में यह उनका तीसरा मुकाबला था। हालांकि, मैच के नतीजे को केवल थकान से जोड़ना सही नहीं होगा। दूसरे गेम के अंतिम चरण और निर्णायक गेम में चेन ने रैलियों पर बेहतर नियंत्रण बनाया।
महिला एकल के दूसरे क्वार्टर-फाइनल में उन्नति हुड्डा ने जापान की अकाने यामागुची के खिलाफ संघर्षपूर्ण प्रदर्शन किया। उन्नति पहला गेम 16-21 से हार गईं, लेकिन दूसरे गेम में जोरदार वापसी करते हुए 21-14 से जीत दर्ज की। निर्णायक गेम में मुकाबला कड़ा रहा, मगर यामागुची ने 21-17 से जीत हासिल कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया।
यहां एक अहम तथ्य यह है कि यामागुची तीन बार की विश्व चैंपियन हैं। उन्होंने 2021 और 2022 के बाद 2025 में भी विश्व चैंपियनशिप खिताब जीता था। 2025 के फाइनल में उन्होंने चेन यू फेई को हराकर अपना तीसरा विश्व खिताब हासिल किया।
महिला डबल्स क्वार्टर-फाइनल में भारत की ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद को मलेशिया की पर्ली टैन और एम. थिनाह ने सीधे गेम में 21-18, 21-8 से हराया। भारतीय जोड़ी की दृष्टि से स्कोर 18-21, 8-21 रहा। ट्रीसा और गायत्री ने अगस्त 2026 में नई दिल्ली में हुई बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज जीता था।
वे विश्व चैंपियनशिप मेडल जीतने वाली केवल दूसरी भारतीय महिला डबल्स जोड़ी बनी थीं। मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव कपिला और तनिशा क्रैस्टो ने दुनिया की शीर्ष चीनी जोड़ी फेंग यान झे और हुआंग डोंग पिंग को तीन गेम तक खींचा, लेकिन 14-21, 21-18, 18-21 से हार गए।