
बुजुर्गों को ठगी से बचाना आज की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। डिजिटल दुनिया में बढ़ते जोखिम और धोखाधड़ी के नए तरीकों ने उन्हें सबसे कमजोर और आसान लक्ष्य बना दिया है। आइए इस लेख में जानते हैं कि बुजुर्गों को किस प्रकार जागरूक किया जा सकता है और उन्हें ठगी से कैसे बचाया जाए।
डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन संचार के तेजी से बढ़ने के साथ, बुजुर्ग सबसे आसान शिकार बन गए हैं। 2025 में राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर बुजुर्गों से जुड़ी शिकायतों के 1.2 लाख से अधिक मामले दर्ज हुए, जो 2023 की तुलना में लगभग 40% ज्यादा हैं।
साइबर अपराध विशेषज्ञों की रिपोर्ट बताती है कि 2020 से 2022 के बीच बुजुर्गों के खिलाफ साइबर अपराधों में 86% की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी उनकी डिजिटल और वित्तीय साक्षरता की कमी, अकेलेपन और भरोसेमंद स्वभाव के कारण हुई है।
ठग कई प्रकार के फ्रॉड अपनाते हैं, जैसे बैंक या पुलिस का फर्जी कॉल, KYC अपडेट का बहाना, फर्जी इंश्योरेंस या निवेश योजनाएं और व्हाट्सऐप लॉटरी जैसी धोखाधड़ी।
विशेषकर “डिजिटल अरेस्ट” स्कैम में ठग बुजुर्गों को वीडियो कॉल पर “ऑनलाइन हिरासत” में रखकर डराते हैं और पैसे की मांग करते हैं।
साइबर सुरक्षा एजेंसियों की सलाह है कि OTP, पासवर्ड, बैंक या कार्ड विवरण किसी को भी फोन या इंटरनेट पर शेयर न करें।
HelpAge India जैसे संगठन देशभर में डिजिटल साक्षरता वर्कशॉप और ‘डिजिटल गुरु-कूल’ कार्यक्रम चला रहे हैं, जहां युवा ‘डिजिटल गुरु’ बनकर बुजुर्गों को स्मार्टफोन और इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग सिखाते हैं।
साइबर अपराध सेल और बैंक भी बुजुर्गों को जागरूक करने के लिए अभियान चला रहे हैं, जैसे “U SURKsha” गाइड, 1930 साइबर हेल्पलाइन, और राष्ट्रीय हेल्पलाइन Elder Line‑14567।
ठगी का पता चलते ही घबराएं नहीं। ऐसे में पहले छह घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। तुरंत बैंक को सूचित करें, खाते को फ्रीज करवाएं और साइबर हेल्पलाइन (1930) या पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज करें। स्थानीय पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दर्ज कराना जरूरी होता है, खासकर जब ऑनलाइन शिकायत संभव न हो।
| स्थिति | क्या करें |
|---|---|
| संदिग्ध कॉल/संदेश | तुरंत परिवार से सलाह लें, OTP या बैंक जानकारी साझा न करें |
| ऑफर या समस्या | आधिकारिक स्रोत से जांचें, जल्दबाजी में निर्णय न लें |
| ठगी की आशंका | बैंक को सूचित करें, हेल्पलाइन (1930) या पोर्टल पर रिपोर्ट करें |
| डिजिटल साक्षरता | वर्कशॉप या ‘डिजिटल गुरु’ कार्यक्रम से जुड़ें |