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उम्र के साथ बदलती है सेहत की जरूरत, जानें हर हफ्ते क्या करें, 5 बातें याद रखें

हर उम्र में शरीर की जरूरत अलग होती है। बच्चों से बुजुर्गों तक, जानें उम्र के हिसाब से आसान हेल्थ कैलेंडर और जरूरी जांच। साप्ताहिक कैलेंडर की मदद से आप अपनी हेल्थ का ख्याल रख सकते हैं।
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भारत

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Ravi Gupta

Aug 12, 2026

Weekly Health chart for family

प्रतीकात्मक तस्वीर | Credit- ChatGPT

स्वास्थ्य की देखभाल उम्र के साथ बदलती रहती है - शिशु से लेकर बुजुर्ग तक, हर चरण में अलग-अलग जरूरतें होती हैं। एक साप्ताहिक कैलेंडर, यानी हर सप्ताह क्या देखना चाहिए। नीचे हम उम्र के अनुसार एक सरल, व्यावहारिक और भरोसेमंद मार्गदर्शिका प्रस्तुत कर रहे हैं, जिसे डॉक्टरों और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) जैसी संस्थाओं की सिफारिशों के आधार पर तैयार किया गया है।

शिशु और छोटे बच्चे (0–5 वर्ष): विकास और टीकाकरण पर निगरानी

शिशुओं और छोटे बच्चों में विकास (वजन, लंबाई, सिर का घेरा) और टीकाकरण की नियमित निगरानी आवश्यक होती है। WHO की गाइडलाइन के अनुसार, पहले वर्ष में विकास को हर महीने मापा जाना चाहिए, फिर धीरे-धीरे अंतराल बढ़ते जाते हैं - दूसरे वर्ष में हर दो महीने, तीसरे वर्ष में हर तीन महीने, और 3–6 वर्ष की उम्र में हर छह महीने एक बार। यह तरीका विकास में किसी भी असामान्य गिरावट को जल्दी पहचानने में मदद करता है।

इसके अलावा, बच्चों को WHO और UNICEF द्वारा सुझाए गए राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार समय पर टीके लगवाना चाहिए। इससे वे संक्रामक बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं।

स्कूल जाने वाले बच्चे और किशोर (6–17 वर्ष): शारीरिक गतिविधि और मानसिक विकास

इस उम्र में शारीरिक गतिविधि और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना आवश्यक है। WHO की सिफारिश है कि 5–17 वर्ष के बच्चों को प्रतिदिन कम से कम 60 मिनट की मध्यम से तीव्र शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए, जिसमें हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत करने वाली गतिविधियां सप्ताह में कम से कम तीन बार शामिल हों।

साथ ही, स्कूल के दौरान ध्यान, नींद, पोषण और मानसिक तनाव जैसे पहलुओं पर भी निगरानी रखनी चाहिए। यदि कोई बदलाव दिखे - जैसे नींद में कमी, खाने में रुचि कम होना या पढ़ाई में गिरावट तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित रहेगा।

कार्यरत वयस्क (18–40 वर्ष): जीवनशैली और जोखिम कारक

18 - 40 वर्ष की उम्र में जीवनशैली संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। WHO के अनुसार, वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150–300 मिनट मध्यम-तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए, या 75–150 मिनट तीव्र गतिविधि, और सप्ताह में दो दिन मांसपेशियों को मजबूत करने वाली गतिविधियां करनी चाहिए।

भारत में डॉक्टरों की सलाह के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति स्वस्थ है और कोई जोखिम नहीं है, तो 30–40 वर्ष की उम्र में वर्ष में एक बार व्यापक स्वास्थ्य जांच पर्याप्त होती है। लेकिन यदि पारिवारिक इतिहास, मोटापा या अन्य जोखिम हैं, तो छह महीने में एक बार जांच की सलाह दी जाती है।

मध्यम आयु (40–60 वर्ष): नियमित स्क्रीनिंग और कैंसर जांच

40–60 वर्ष की उम्र में नियमित स्क्रीनिंग और कैंसर जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। भारत सरकार के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की गाइडलाइन के अनुसार, 30 वर्ष और उससे ऊपर के लोगों को हर वर्ष उच्च रक्तचाप और मधुमेह की जांच करवानी चाहिए। साथ ही, 30–65 वर्ष की महिलाओं को हर पांच वर्ष में क्लीनिकल ब्रेस्ट एग्जामिनेशन (CBE) और सर्वाइकल कैंसर के लिए VIA (विजुअल इंस्पेक्शन विद एसेटिक एसिड) की जांच करानी चाहिए। पुरुषों में ओरल कैंसर की जांच (OVE) भी हर पांच वर्ष में एक बार होनी चाहिए।

साथ ही, यदि परिवार में कैंसर या हृदय रोग का इतिहास है, तो डॉक्टर से मिलकर अतिरिक्त जांच जैसे मैमोग्राफी, प्रोस्टेट-विशेष जांच आदि पर विचार करें।

बुजुर्ग (60 वर्ष और उससे ऊपर): गिरने से बचाव और संतुलन

60 वर्ष से ऊपर की उम्र में गिरने का खतरा बढ़ जाता है। WHO की गाइडलाइन बताती है कि इस उम्र में भी सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम-तीव्रता वाली गतिविधि करनी चाहिए, और साथ ही सप्ताह में तीन दिन संतुलन और शक्ति बढ़ाने वाली गतिविधियां करनी चाहिए।

इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिकों को हर छह महीने में व्यापक स्वास्थ्य जांच करानी चाहिए, ताकि किसी भी बीमारी का प्रारंभिक पता चल सके।

साप्ताहिक हेल्थ कैलेंडर देखिए

उम्र समूहसप्ताह में ध्यान देने योग्य मुख्य बिंदु
0–1 वर्षविकास (वजन, लंबाई, सिर का घेरा) और टीकाकरण
1–5 वर्षविकास की निगरानी हर 2–6 महीने, टीकाकरण
6–17 वर्षप्रतिदिन 60 मिनट शारीरिक गतिविधि, मानसिक स्वास्थ्य
18–40 वर्षसप्ताह में 150–300 मिनट व्यायाम, जीवनशैली की निगरानी
40–60 वर्षवार्षिक जांच, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कैंसर स्क्रीनिंग
60+ वर्षसंतुलन और शक्ति गतिविधियां, हर छह महीने व्यापक जांच

डॉक्टर से कब मिलें

यदि किसी भी उम्र समूह में निम्नलिखित में से कोई बदलाव दिखे, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें:

  • विकास में रुकावट (बच्चों में)
  • नींद, भूख या मूड में अचानक बदलाव
  • वजन में तेज गिरावट या बढ़ोतरी
  • नियमित जांचों में असामान्य परिणाम
  • संतुलन या चलने में कठिनाई (बुजुर्गों में)

अपने और अपने परिवार के लिए एक सरल कैलेंडर बनाएं

उदाहरण के लिए, हर रविवार को एक छोटी चेकलिस्ट बनाकर देखें कि विकास, वजन, नींद या कोई लक्षण हैं या नहीं। डॉक्टर से सलाह लेकर अपनी जांचों की सूची और समय तय करें। यह नियमित निगरानी आपको और आपके परिवार को स्वस्थ रखने में मदद करेगी।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या जांच के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।