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क्या आपको पता है FAST-DS स्कीम से आप बचा सकते हैं भारी जुर्माने से? जानें कैसे!

FAST-DS: यदि विदेश में आपकी कोई संपत्ति या आय रिपोर्ट नहीं हो पाई है, तो FAST-DS योजना राहत का अवसर बन सकती है। आवेदन से पहले आधिकारिक नियम और पात्रता की पुष्टि करना जरूरी है।
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Aug 20, 2026
FAST-DS Rules News
विदेशी बैंक खाते, ESOP, RSU और NRI संपत्ति से जुड़े प्रस्तावित FAST-DS नियम एक नज़र में। ( फोटो : AI. )

FAST-DS यदि आपकी विदेश में कोई संपत्ति या आय-जैसे ESOP, RSU, बैंक खाता, बीमा पॉलिसी या रियल एस्टेट अनजाने में आयकर रिटर्न में घोषित नहीं हो पाई है, तो ऐसे मामलों में FAST-DS योजना राहत का अवसर दे सकती है। यह योजना बजट 2026-27 में प्रस्तावित की गई थी और इसका उद्देश्य उन करदाताओं को अनुपालन का मौका देना है, जिनसे जानबूझ कर नहीं, बल्कि भूलवश या तकनीकी कारणों से विदेशी संपत्ति की रिपोर्टिंग छूट गई। हालांकि, योजना लागू होने की अंतिम तारीख, प्रक्रिया और शर्तों के लिए CBDT की आधिकारिक अधिसूचना देखना आवश्यक है।

यह योजना किन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है?

यह योजना विशेष रूप से छोटे करदाताओं के लिए उपयोगी मानी जा रही है। इसमें ऐसे मामले शामिल हो सकते हैं जहां:

विदेश में नौकरी के दौरान ESOP या RSU मिले हों।

विदेशी बैंक खाता घोषित न हुआ हो।

रिटर्निंग NRI की बचत रिपोर्ट नहीं हुई हो।

विदेश में खरीदी गई संपत्ति Schedule FA में दर्ज नहीं हुई हो।

रिपोर्टिंग में तकनीकी या अनजाने में चूक हुई हो।

दो श्रेणियां, अलग-अलग प्रावधान

योजना में दो श्रेणियों का प्रस्ताव है।

श्रेणी-1

यदि 31 मार्च 2026 तक आपकी अघोषित विदेशी संपत्ति और आय का कुल मूल्य ₹1 करोड़ तक है, तो प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार:

संपत्ति के मूल्य पर 30% टैक्स।

उसी टैक्स के बराबर 100% जुर्माना।

यानी कुल प्रभावी देनदारी लगभग 60% हो सकती है।

श्रेणी-2

यदि संपत्ति विदेशी आय से खरीदी गई थी या NRI रहते हुए बनाई गई थी, लेकिन भारत लौटने के बाद Schedule FA में घोषित नहीं हुई और उसका मूल्य ₹5 करोड़ तक है, तो प्रस्तावित प्रावधान के अनुसार ₹1 लाख रुपये तक का फ्लैट शुल्क लागू हो सकता है।

FAST-DS योजना के प्रस्तावित नियमों और आवेदन से पहले ध्यान रखने वाली जरूरी बातें। ( फोटो: AI)

FAST-DS कैसे काम करेगी?

यह एक एकमुश्त, सीमित अवधि वाली अनुपालन योजना के रूप में प्रस्तावित है।

संभावित प्रक्रिया:

निर्धारित अवधि में विदेशी संपत्ति या आय की घोषणा।

तय टैक्स या शुल्क का भुगतान।

भुगतान के बाद आदेश जारी होना।

Black Money Act के तहत जुर्माना और अभियोजन से राहत मिलना।

किन कानूनों में राहत नहीं मिलेगी?

ध्यान रखें कि यह राहत केवल Black Money (Undisclosed Foreign Income and Assets) Act तक सीमित हो सकती है।

इन मामलों में अलग कार्रवाई संभव है:

PMLA

Benami Act

FEMA

ऐसे मामलों में विशेषज्ञ सलाह लेना उचित रहेगा।

यह योजना कब लागू होगी?

FAST-DS को बजट 2026-27 में प्रस्तावित किया गया था। हालांकि, इसे लागू करने संबंधित अंतिम प्रक्रिया, फॉर्म, समय-सीमा और संचालन संबंधित विवरण CBDT की आधिकारिक अधिसूचना से ही तय होंगे। कुछ रिपोर्टों में अलग-अलग तारीखों का उल्लेख किया गया है, लेकिन उनकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

आवेदन से पहले क्या करें?

अपनी विदेशी संपत्ति और आय का पूरा विवरण तैयार करें।

तय करें कि आपका मामला किस श्रेणी में आता है।

CBDT की आधिकारिक वेबसाइट पर अधिसूचना देखें।

योजना खुलने पर निर्धारित ऑनलाइन फॉर्म भरें।

निर्धारित समय में भुगतान करें।

सभी दस्तावेज सुरक्षित रखें।

किन बातों का विशेष ध्यान रखें?

मूल्यांकन 31 मार्च 2026 के बाज़ार मूल्य के आधार पर किया जा सकता है।

विदेशी मुद्रा का रूपांतरण RBI की निर्धारित दरों से किया जा सकता है।

ITR में Schedule FA और FSI सही तरीके से भरना बेहद महत्वपूर्ण है।

यदि मामला जटिल है तो चार्टर्ड अकाउंटेंट या टैक्स सलाहकार से सलाह लें।

आपके लिए इसका क्या मतलब है?

बहरहाल, विदेश में नौकरी कर चुके लोगों, निवेशकों, रिटर्निंग NRI और ऐसे करदाताओं के लिए, जिनसे विदेशी संपत्ति की रिपोर्टिंग छूट गई हो, यह योजना अनुपालन का महत्वपूर्ण अवसर बन सकती है। हालांकि, इसका लाभ लेने से पहले आधिकारिक नियमों और पात्रता की पुष्टि करना जरूरी है।

(नोट: यह जानकारी केवल सामान्य मार्गदर्शन के लिए है। किसी भी वित्तीय या कानूनी निर्णय से पहले प्रमाणित टैक्स सलाहकार से सलाह अवश्य लें।)

Updated on:
20 Aug 2026 11:23 am
Published on:
20 Aug 2026 11:23 am