
भारत में सरकारी नौकरी को आज भी सबसे सुरक्षित और प्रतिष्ठित रोजगार माना जाता है। हर साल करोड़ों युवा UPSC, SSC, रेलवे, बैंकिंग, पुलिस और राज्य स्तरीय भर्तियों की तैयारी करते हैं। लेकिन एक सवाल कम ही पूछा जाता है। आखिर भारत में कुल सरकारी कर्मचारी कितने हैं? और 140 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले देश में हर 100 लोगों पर कितने सरकारी कर्मचारी आते हैं?जवाब जानकर कई लोग हैरान हो सकते हैं।
भारत में सरकारी कर्मचारियों की कोई एकीकृत राष्ट्रीय सूची नहीं है, क्योंकि कर्मचारी केंद्र और राज्यों में बंटे हुए हैं। केंद्र सरकार के दस्तावेजों के अनुसार वर्तमान में केंद्र सरकार के कर्मचारियों (रेलवे, रक्षा और केंद्रीय बलों समेत) की संख्या लगभग 50 लाख के आसपास है।
इसके अलावा विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यरत कर्मचारियों की संख्या मिलाकर कुल सरकारी कर्मचारियों का आंकड़ा लगभग 1.7 से 2 करोड़ के बीच माना जाता है। इसमें शिक्षक, पुलिसकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी, प्रशासनिक कर्मचारी, स्थानीय निकाय कर्मचारी और अन्य सरकारी सेवाएं शामिल हैं।
भारत की आबादी लगभग 140 करोड़ मानी जाए और सरकारी कर्मचारियों की संख्या करीब 1.8 करोड़ मान लें, तो हर 100 भारतीयों पर लगभग 1 से 1.5 सरकारी कर्मचारी आते हैं।
दूसरे शब्दों में कहें तो भारत की कुल आबादी का लगभग 1% से 1.3% हिस्सा ही सरकारी नौकरी में है। यही कारण है कि सरकारी नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा इतनी अधिक रहती है।
जब सरकारी नौकरियों की बात होती है तो सबसे पहले IAS या PCS अधिकारियों का नाम आता है, लेकिन असलियत यह है कि भारत के सबसे बड़े सरकारी नियोक्ता कुछ और ही हैं।
भारतीय रक्षा बल (Army, Navy, Air Force) : भारतीय सशस्त्र बल दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य ताकतों में शामिल हैं। सेना, नौसेना और वायुसेना मिलाकर सक्रिय सैन्य बलों की संख्या लगभग 14 लाख के आसपास है।
भारतीय रेल : भारतीय रेल दुनिया के सबसे बड़े नियोक्ताओं में गिनी जाती है। रेलवे में लगभग 12 लाख के आसपास कर्मचारी कार्यरत माने जाते हैं और यह केंद्र सरकार का सबसे बड़ा नागरिक नियोक्ता है।
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) : CRPF, BSF, CISF, ITBP, SSB और असम राइफल्स जैसे बलों में कुल मिलाकर लगभग 10 लाख के आसपास कर्मी कार्यरत हैं।
राज्य पुलिस : राज्य पुलिस बलों को जोड़ दें तो यह संख्या और भी बड़ी हो जाती है। भारत में औसतन 155 पुलिसकर्मी प्रति एक लाख आबादी उपलब्ध हैं।
शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग : सरकारी स्कूलों के शिक्षक, विश्वविद्यालय कर्मचारी, सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी भी सरकारी कार्यबल का बड़ा हिस्सा हैं।
यह बहस लंबे समय से चल रही है। एक तरफ युवाओं को लगता है कि सरकार में लाखों पद खाली पड़े हैं और नई भर्तियां पर्याप्त नहीं हो रही हैं। दूसरी तरफ विशेषज्ञ कहते हैं कि भारत जैसे विशाल देश में प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था के लिए और अधिक कर्मचारियों की जरूरत है।
यूरोप के कई देशों में सरकारी क्षेत्र कुल कार्यबल का 15% से 25% तक हिस्सा रखता है। वहीं भारत में कुल कार्यबल की तुलना में सरकारी कर्मचारियों का अनुपात काफी कम है। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि भारत की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा निजी और अनौपचारिक क्षेत्र पर आधारित है।
भारत में करीब 90% से अधिक कार्यबल अनौपचारिक या निजी क्षेत्र में काम करता है, जबकि सरकारी नौकरी पाने वालों की संख्या अपेक्षाकृत बहुत कम है।
यही वजह है कि कई बार कुछ हजार पदों के लिए लाखों आवेदन आ जाते हैं। हाल के वर्षों में भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़े स्तर पर विरोध-प्रदर्शन भी देखने को मिले हैं।
| मुद्दा | स्थिति |
|---|---|
| केंद्र सरकार के कर्मचारी | लगभग 50 लाख |
| कुल सरकारी कर्मचारी (केंद्र + राज्य) | लगभग 1.7–2 करोड़ |
| भारत की आबादी | लगभग 140 करोड़ |
| हर 100 लोगों पर सरकारी कर्मचारी | लगभग 1–1.5 |
| सबसे बड़ा नागरिक नियोक्ता | भारतीय रेल |
| सबसे बड़ा सुरक्षा नियोक्ता | भारतीय सशस्त्र बल |
| प्रमुख बल | रेलवे, सेना, CAPF, राज्य पुलिस |
| सरकारी कर्मचारियों का अनुपात | आबादी का लगभग 1%–1.3% |