
भारत और बेल्जियम ने रक्षा-औद्योगिक सहयोग में एक बड़ा नया अध्याय जोड़ा है। गुरुवार को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की मौजूदगी में दोनों देशों की कंपनियों के बीच कुल 10 समझौते हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दो दशकों में यह किसी बेल्जियम प्रधानमंत्री की भारत की पहली यात्रा है। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बेल्जियम के रक्षा एवं विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकेन के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की, जिसमें 15 बेल्जियन रक्षा कंपनियों का एक दल भी शामिल था।
भारत और बेल्जियम समझौते पर पीएम मोदी ने कहा- रक्षा और सुरक्षा सहयोग दोनों देशों के रिश्तों का प्रमुख स्तंभ बन चुका है। नए औद्योगिक समझौतों से सह-विकास व सह-उत्पादन के नए अवसर बनेंगे। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बेल्जियम ने भारत को आश्वासन दिया है कि वह पाकिस्तान को कोई रक्षा उपकरण या तकनीकी सहयोग नहीं देगा। हालांकि सिपरी (SIPRI) के आंकड़ों के मुताबिक, बेल्जियम ने 2021 में पाकिस्तान को सात C-130H परिवहन विमान बेचे थे और 2003 में पाकिस्तान को 30 F-16 लड़ाकू विमान बेचने की कोशिश अमेरिकी सहमति न मिलने से टल गई थी।
बुर्ज टैंक बनाने का समझौता बेल्जियम की कंपनी जॉन कॉकरिल डिफेंस और भारत की एलएंडटी (L&T) के बीच हुआ है। कंपनी का 3105 बुर्ज पहले से ही जोरावर के प्रोटोटाइप पर लगाकर परीक्षण किया जा रहा है। पुणे के पास चाकण में इलेक्ट्रो न्यूमैटिक्स एंड हाइड्रॉलिक्स के साथ एक संयुक्त उद्यम 59 बुर्ज बनाएगा, जबकि सेना की कुल जरूरत 354 टैंकों की है। सीवीआरडीई (DRDO) द्वारा डिजाइन किया गया जोरावर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में तैनाती के लिए बनाया जा रहा एक हल्का टैंक है, जिसकी अधिकतम गति सड़क पर करीब 70 किमी/घंटा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, थेल्स बेल्जियम और कल्याणी स्ट्रैटेजिक सिस्टम्स के सहयोग से भारत में 70mm रॉकेट बनाए जाएंगे और पूरी तरह भारत में निर्मित पहला रॉकेट 2027 की शुरुआत में तैयार होने की उम्मीद है। कल्याणी, एफएन हर्स्टाल के साथ मिलकर छोटे हथियारों और काउंटर-ड्रोन उपकरणों के लिए एक संयुक्त उत्पादन केंद्र बनाने की संभावना भी तलाश रही है।
गोला-बारूद उत्पादन से जुड़ी सबसे बड़ी जानकारी यह है कि बेल्जियम की गोला-बारूद मशीनरी विशेषज्ञ कंपनी लाशोसी ने भारत की टेम्बो क्लासिक इंजीनियरिंग को दो कैलिबर की गोला-बारूद उत्पादन लाइन देने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही दो और कैलिबर के लिए टूलिंग भी दी जाएगी। यह परियोजना करीब ₹450 करोड़ की है और इसकी वार्षिक क्षमता 10 करोड़ (100 मिलियन) राउंड होगी।
अर्जुन एमके-1 टैंक के लिए पहले ही 130 से ज्यादा साइट सप्लाई कर चुकी बेल्जियन कंपनी ओआईपी सेंसर सिस्टम्स अब भारत ऑप्टेल लिमिटेड के साथ मिलकर काम करेगी, जिसमें अर्जुन एमके-2 के लिए एक नया फायर-कंट्रोल सिस्टम शामिल है जो लेजर-गाइडेड मिसाइल लॉन्च को सपोर्ट कर सकेगा।
सबसे बड़ा समझौता एलएंडटी और बेल्जियन कंपनी एग्जेल (Exail) के बीच है, जो नौसेना के माइन-काउंटरमेजर पोत कार्यक्रम के लिए है। शुरुआती योजना 12 पोतों की है, जो आगे 59 तक बढ़ सकती है। इसके अलावा बेल्जियन कंपनी सोल1 (Sol1) ने डीजीवीके एंटरप्राइजेज के साथ लॉइटरिंग ड्रोन और इंटरसेप्टर सिस्टम के लिए और एंग्लो बेल्जियन कॉरपोरेशन ने किर्लोस्कर ऑयल इंजन्स के साथ नौसैनिक डीजल इंजन तकनीक पर बातचीत शुरू की है।