
Sagar liquor tragedy: फोटो हरनाम राय (Photo Source - Patrika और AI)
Sagar news:मध्यप्रदेश के सागर जिले की बंडा तहसील में प्रशासनिक और आबकारी विभाग की लापरवाही ने कई घरों के चिराग बुझा दिए। गूगरा खुर्द, नौराज, बैराज और पाटन सहित छह गांवों में नकली और नकली शराब पीने से 19 लोगों की मौत हो गई। ये आकड़ा अब बढ़ रहा है। सागर से एयरलिफ्ट कर भोपाल एम्स भेजे गए रामप्रसाद ने भी दम तोड़ दिया। हालांकि प्रशासन ने 11 मौतों की ही पुष्टि की है। वहीं 109 मरीज रविवार रात तक अस्पतालों में भर्ती थे। इनमें से 2 वेंटिलेटर पर थे। दोनों की गंभीर हालत देखते हुए भोपाल रैफर किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जांच के आदेश दिए हैं। सरकार ने घटना के करीब 10 घंटे बाद आबकारी और पुलिस अफसरों पर कार्रवाई की। मामले में मृत्यु के वास्तविक कारण एवं शराब की प्रकृति के संबंध में चिकित्सकीय, पोस्टमार्टम एवं वैज्ञानिक जांच जारी है।
चौका निवासी हरनाम राय ने भी दम तोड़ दिया। हरनाम बंडा विधानसभा के बरा मंडल के महामंत्री थे। उनके माता-पिता तो ऋषिकेश तीर्थ यात्रा पर गए हुए हैं, जिनकी सोमवार सुबह तक बांदा पहुंचने की संभावना है। बहरहाल प्रशासन ने हरनाम की मौत को शराब पीने से नहीं माना है।
रूह कंपा देने वाली इस घटना की शुरुआत शुक्रवार रात हुई, जब शराब पीने के बाद कुछ लोगों को बेचैनी और सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। शनिवार सुबह गूगरा खुर्द में दो लोग गंभीर बीमार पड़े। शरीर से नीले पड़ चुके थे। शनिवार शाम उन्होंने दम तोड़ दिया। इसके बावजूद आबकारी और पुलिस के जिम्मेदार अफसरों की नींद नहीं खुली। 48 घंटे तक मौतें होती रहीं।
रविवार सुबह तक मृतकों का आंकड़ा 13 पार कर गया, तब प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा। घटनास्थल एवं संबंधित स्थानों से आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं तथा शराब के नमूने वैज्ञानिक एवं रासायनिक परीक्षण हेतु भेजे जा रहे हैं। जांच में सामने आने वाले तथ्यों एवं प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका के आधार पर नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उधर, 40 वर्षीय रामप्रसाद लोधी के साले बहादुर ने बताया कि वह शाम 6.11 बजे भोपाल एम्स पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। 7.30 बजे रामप्रसाद की मौत हो गई। सूत्रों के अनुसार 'सागर गोल्ड' ब्रांड शराब को जहरीला बताया जा रहा है। जबलपुर में भी इसकी बिक्री पर रोक लगा दी है।
गूगरा खुर्द निवासी उजयार सिंह लोधी घर में अकेला था। उसकी मां ही थी, पत्नी और छोटा बेटा करतार लोधी इंदौर में मजदूरी करते थे। बड़ा बेटा बैंगलुरू में काम करता है। पत्नी और छोटे बेटे को जब उजयार के बीमार पड़ने का पता चला तब वे रविवार सुबह इंदौर से गांव पहुंचे। इस बीच उजयार ने दम तोड़ दिया।
नौ राज और गूगरा खुर्द गांव में अवैध रूप से बेची जा रही जहरीली शराब पीने से कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें ग्राम वासियों के सहयोग से रात करीब 3 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बंडा लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान पांच लोगों की मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों द्वारा जिला प्रशासन को जानकारी दी गई।
बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र के ग्राम नौराज, गूगरा खुर्द, दलपतपुर, पाटन, छापरी एवं बमूरा भेड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों में संदिग्ध शराब के सेवन के बाद प्रशासन ने 11 मौतों की ही पुष्टि की है। इस मामले में मृत्यु के वास्तविक कारण एवं शराब की प्रकृति के संबंध में चिकित्सकीय, पोस्टमार्टम एवं वैज्ञानिक जांच जारी है। बंडा थाना बंडा में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 105, 3(5), 123 तथा मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 49अ के तहत 20 आरोपियों के विरुद्ध नामजद प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई है। इन पर अवैध लाभ के उद्देश्य से संदिग्ध नकली एवं अवैध शराब के निर्माण, सप्लाई एवं बिक्री से जुड़े होने के आरोप हैं।
Updated on:
7 Sep 2026, 12:02 PM IST
Published on:
7 Sep 2026, 11:57 AM IST
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