
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज होने लगी है। इसी कड़ी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से नई दिल्ली स्थित उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। इस दौरान आगामी विधानसभा चुनाव, संगठन की तैयारियों और केंद्र-राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने सहित कई मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। मौर्य ने खुद सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट कर इस मुलाकात की जानकारी दी और इसे "शिष्टाचार भेंट" बताते हुए कहा कि इससे उन्हें मार्गदर्शन मिला।
गृह मंत्री से मुलाकात के बाद केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की लगातार तीसरी बार सरकार बनाने के संकल्प को लेकर अमित शाह के साथ विस्तृत रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने बताया कि पार्टी कार्यकर्ता प्रदेशभर में विशेष जनसंपर्क अभियान चलाकर 'डबल इंजन' सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाएंगे, ताकि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं से आम लोगों तथा गरीब परिवारों को मिले लाभ की जानकारी हर नागरिक तक पहुंच सके। उन्होंने यह भी कहा कि 'विकसित भारत-2047' के लक्ष्य को लेकर भी सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों का संदेश जनता तक पहुंचाया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि चुनावी तैयारियों के साथ-साथ संगठन को भी और अधिक सक्रिय किया जाएगा। कार्यकर्ताओं से जनसंपर्क बढ़ाने और सरकार की योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए संगठन और सरकार के बीच समन्वय के साथ जनसंपर्क अभियान को और मजबूत किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्षों का उल्लेख करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस दौरान देश में बड़े बदलाव हुए हैं। उन्होंने पक्के आवास, स्वास्थ्य सुरक्षा, उज्ज्वला योजना, हर घर नल से जल, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुए कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे गरीब और वंचित वर्ग के जीवन में बदलाव आया है। उन्होंने विपक्ष के लंबे शासनकाल का हवाला देते हुए कहा कि मोदी सरकार के पिछले 12 वर्षों में ऐसे कई काम हुए हैं जो विपक्ष अपने लंबे कार्यकाल में नहीं कर सका, और भारत आर्थिक मजबूती व आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुलाकात के बाद उपमुख्यमंत्री ने अमित शाह के मार्गदर्शन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री का सांगठनिक अनुभव संगठन और सरकार को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि शाह के सुझावों से आगे की रणनीति तय करने में मदद मिलती है, और प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व देश के विकास व वैश्विक पटल पर भारत की भूमिका मजबूत करने के लिए जरूरी है।
यह पहला मौका नहीं है जब केशव मौर्य दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व से मिले हों। इससे पहले 13 अगस्त 2026 को भी वे अमित शाह से मिल चुके हैं, जब भाजपा की 'जेन-जी' मतदाताओं को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई थी। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश के शीर्ष नेताओं की दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के साथ मुलाकातों का सिलसिला काफी तेज हुआ है, जो 2027 चुनाव को लेकर पार्टी की सक्रियता का संकेत माना जा रहा है।