
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) केंद्र सरकार की उन सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है, जिसने ग्रामीण भारत की रसोई की तस्वीर बदल दी। 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया से शुरू हुई इस योजना का मकसद साफ था। गरीब परिवारों की महिलाओं को धुएं और चूल्हे की तकलीफ से आजादी दिलाकर उनके हाथों में साफ-सुथरा LPG गैस कनेक्शन पहुंचाना। आज, नौ साल बाद, यह योजना 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों तक पहुंच चुकी है और देश की सबसे सफल कल्याणकारी योजनाओं में गिनी जाती है।
योजना की खासियत यह है कि इसमें लाभार्थी को कोई सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं देना पड़ता। आम तौर पर नया गैस कनेक्शन लेने पर सिलेंडर और रेगुलेटर के लिए जो सुरक्षा शुल्क चुकाना पड़ता है, वह उज्ज्वला योजना के तहत पूरी तरह माफ है।
गैस कनेक्शन पाने के लिए दो रास्ते हैं। अगर आप ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं, तो PMUY के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं या अपने नजदीकी CSC केंद्र की मदद लें। पोर्टल पर आवेदन बिल्कुल मुफ्त है, हालांकि CSC के जरिए आवेदन करने पर मामूली सेवा शुल्क लग सकता है। जिन्हें ऑनलाइन प्रक्रिया मुश्किल लगती है, वे सीधे अपने नजदीकी इंडेन, भारत गैस या एचपी गैस वितरक के पास जाकर भी आवेदन जमा कर सकते हैं।
पात्रता की शर्तें ज्यादा जटिल नहीं हैं। आवेदक महिला की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए, परिवार गरीब वर्ग से हो, और सबसे जरूरी शर्त यह कि परिवार में किसी के नाम पर पहले से LPG कनेक्शन न हो। इसके दायरे में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अंत्योदय अन्न योजना (AAY) परिवार, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, वनवासी परिवार, चाय बागान श्रमिक, द्वीप क्षेत्रों के निवासी और SECC सूची में शामिल परिवार आते हैं। इनके अलावा भी अन्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवार पात्र माने जा सकते हैं।
जितना जरूरी यह जानना है कि योजना का फायदा किसे मिलता है, उतना ही जरूरी यह समझना भी है कि किसे यह लाभ नहीं मिलेगा। सरकार ने SECC 2011 के '14-पॉइंट डिक्लेरेशन' के आधार पर कुछ साफ बहिष्करण (exclusion) शर्तें तय की हैं। अगर परिवार का कोई भी सदस्य नीचे दी गई श्रेणियों में आता है, तो पूरा परिवार आवेदन के लिए अपात्र माना जाता है>
परिवार में पहले से LPG कनेक्शन हो यह सबसे बुनियादी शर्त है। किसी भी ऑयल मार्केटिंग कंपनी (इंडेन, भारत गैस, HP गैस) से जुड़ा कनेक्शन अगर परिवार के किसी सदस्य के नाम पहले से है, तो नया उज्ज्वला कनेक्शन नहीं मिलेगा। मोटर वाहन का मालिक होना- दोपहिया, तिपहिया, चारपहिया वाहन या मशीनीकृत मछली पकड़ने की नाव रखने वाले परिवार अपात्र माने जाते हैं।
इनकम टैक्स या प्रोफेशनल टैक्स देने वाला सदस्य अगर परिवार का कोई सदस्य पिछले असेसमेंट ईयर में इनकम टैक्स रिटर्न भर चुका है या प्रोफेशनल टैक्स चुकाता है, तो परिवार पात्र नहीं होगा। सरकारी नौकरी में कार्यरत सदस्य किसी सरकारी विभाग या सार्वजनिक उपक्रम में स्थायी नौकरी करने वाला सदस्य होने पर परिवार बाहर हो जाता है।
तीन या उससे ज्यादा कमरों वाला पक्का मकान अच्छी हालत में बना बड़ा पक्का घर होना भी अपात्रता की निशानी माना जाता है।
रेफ्रिजरेटर, लैंडलाइन फोन जैसी सुविधाएं कुछ मामलों में घर में फ्रिज या अन्य आधुनिक सुविधाओं की मौजूदगी को भी संपन्नता का संकेत माना जाता है।
कृषि उपकरणों का मालिक होना - मशीनीकृत तीन/चार पहिया कृषि उपकरण (जैसे ट्रैक्टर) रखने वाले परिवार भी बाहर रखे जाते हैं।
तय सीमा से ज्यादा सिंचित भूमि होना - जिन परिवारों के पास एक निश्चित सीमा से अधिक सिंचित कृषि भूमि है, वे भी योजना के दायरे से बाहर हैं।
मासिक आय तय सीमा से ज्यादा होना - कुछ राज्यों में यह सीमा लगभग ₹10,000 प्रति माह प्रति सदस्य तय की गई है; इससे ज्यादा कमाने वाले परिवार अपात्र माने जाते हैं।
अगर परिवार का कोई भी सदस्य इनमें से किसी एक शर्त में भी फिट बैठता है, तो पूरा परिवार आवेदन के लिए अपात्र हो जाता है भले ही आवेदन करने वाली महिला खुद इन शर्तों में न आती हो। इसलिए आवेदन करने से पहले परिवार की पूरी स्थिति जांच लेना जरूरी है, ताकि बाद में आवेदन खारिज होने की स्थिति न बने।
नया कनेक्शन लेने वाली हर लाभार्थी महिला को बिना किसी भुगतान के मिलता है। LPG कनेक्शन, सिलेंडर की सिक्योरिटी डिपॉजिट, रेगुलेटर, गैस पाइप, उपभोक्ता कार्ड, पहला गैस रिफिल, और दो बर्नर वाला गैस चूल्हा। यानी शुरुआत से लेकर रसोई तक पहुंचने तक की पूरी व्यवस्था योजना खुद कवर करती है। कई राज्य सरकारें इससे आगे बढ़कर भी मदद देती हैं। जैसे उत्तर प्रदेश सरकार त्योहारों के मौके पर उज्ज्वला लाभार्थियों को अतिरिक्त मुफ्त रिफिल देने के लिए अलग से बजट जारी करती रही है।
अभी हर सिलेंडर पर लाभार्थियों को ₹300 की सब्सिडी मिलती है, जो सीधे उनके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में DBT के जरिए आती है। लेकिन यहां एक बड़ा बदलाव समझना जरूरी है यह सब्सिडी अब हर सिलेंडर पर नहीं मिलती।
शुरुआत में लाभार्थियों को साल में 12 सिलेंडरों तक सब्सिडी मिलती थी। बाद में यह घटाकर 9 कर दी गई, और जून 2026 में सरकार ने इसे और घटाकर सिर्फ 4 सिलेंडर प्रति वर्ष कर दिया। मतलब अब सिर्फ पहले चार रिफिल पर ही ₹300 की छूट मिलेगी। इसके बाद जितने भी सिलेंडर खरीदें, वे पूरे बाज़ार भाव पर ही मिलेंगे। इस बदलाव का सीधा असर लाभार्थियों की जेब पर पड़ा है। पहले जहां सालाना सब्सिडी का फायदा करीब ₹2,700 तक होता था, अब वह घटकर सिर्फ ₹1,200 रह गया है। यह कटौती हाल में हुई LPG कीमतों की बढ़ोतरी के तुरंत बाद लागू की गई, इसलिए बेहतर यही है कि लाभार्थी अपने गैस वितरक या PMUY के आधिकारिक पोर्टल से ताज़ा जानकारी जरूर जांच लें।
एक नजर में सब कुछ
| सवाल | जवाब |
|---|---|
| योजना क्या है? | गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त LPG कनेक्शन |
| शुरुआत कब हुई? | 1 मई 2016, बलिया (उत्तर प्रदेश) |
| आवेदन कौन कर सकता है? | 18 वर्ष से अधिक उम्र की पात्र महिला |
| किसे नहीं मिलेगा? | पहले से LPG कनेक्शन, वाहन मालिक, टैक्सपेयर और सरकारी कर्मचारी वाले परिवार |
| कनेक्शन कैसे मिलेगा? | ऑनलाइन पोर्टल, CSC सेंटर या गैस एजेंसी के जरिए |
| मुफ्त क्या मिलता है? | LPG कनेक्शन, रेगुलेटर, पाइप, पहला रिफिल और गैस चूल्हा |
| सब्सिडी कितनी है? | ₹300 प्रति सिलेंडर (सिर्फ पहले 4 सिलेंडरों पर, जून 2026 से) |
| सालाना सब्सिडी फायदा | अब ₹1,200 तक (पहले करीब ₹2,700) |
उज्ज्वला योजना ने लाखों परिवारों की रसोई से धुआं दूर करके एक बड़ा सामाजिक बदलाव लाया है, और अब भी इसका फायदा उन परिवारों तक पहुंच रहा है जिनके पास अब तक LPG कनेक्शन नहीं था। लेकिन यह योजना हर किसी के लिए नहीं है, जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति तय मापदंडों से बेहतर है, या जिनके पास पहले से गैस कनेक्शन, वाहन, सरकारी नौकरी या टैक्स भरने जैसी सुविधाएं हैं, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा।