
Resistence fatigue warning signs: थोड़ा-सा काम करते ही थक जाना, सुबह उठने के बाद भी शरीर में ऊर्जा महसूस न होना या दिनभर सुस्ती बने रहना-अगर यह स्थिति कई दिनों या हफ्तों से बनी हुई है, तो इसे सामान्य थकान मानकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। लगातार रहने वाली थकान कई बार शरीर के भीतर पनप रही ऐसी समस्याओं का संकेत होती है, जिनका समय पर पता लग जाए तो गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यदि पर्याप्त नींद लेने और आराम करने के बाद भी थकान दूर नहीं हो रही है, तो इसकी वजह सिर्फ व्यस्त दिनचर्या नहीं, बल्कि शरीर में पोषण की कमी, हार्मोनल गड़बड़ी या किसी बीमारी की शुरुआत भी हो सकती है।
शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने पर ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में अंगों तक नहीं पहुंच पाती। इसका असर सबसे पहले ऊर्जा पर पड़ता है। सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलना, चक्कर आना, चेहरा पीला पड़ना और हर समय कमजोरी महसूस होना इसके सामान्य लक्षण हैं।
हाइपोथायरॉयडिज्म में शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है। इसके कारण व्यक्ति को लगातार थकान, वजन बढ़ना, ठंड अधिक लगना, त्वचा का रूखापन और काम में मन न लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
विटामिन B12 नसों और लाल रक्त कोशिकाओं के लिए जरूरी है, जबकि विटामिन D मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत रखने में मदद करता है। इनकी कमी से शरीर में दर्द, कमजोरी, सुस्ती और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी हो सकती है।
अगर बार-बार प्यास लगती है, पेशाब ज्यादा आता है और साथ ही शरीर में थकान बनी रहती है, तो यह बढ़े हुए ब्लड शुगर का संकेत हो सकता है। लंबे समय तक अनियंत्रित शुगर शरीर की ऊर्जा प्रणाली को प्रभावित करती है।
कई लोगों को लगता है कि वे पूरी रात सोते हैं, लेकिन वास्तव में उनकी नींद बार-बार टूटती रहती है। खर्राटे आना, रात में सांस रुकना और सुबह सिरदर्द के साथ उठना स्लीप एपनिया के संकेत हो सकते हैं। इससे दिनभर नींद और थकान बनी रहती है।
लगातार तनाव, चिंता या अवसाद भी शरीर को मानसिक और शारीरिक रूप से थका देता है। ऐसे लोगों में काम में रुचि कम होना, नींद खराब होना और हर समय ऊर्जा की कमी महसूस होना आम बात है।
कई बार शरीर की गंभीर बीमारियां शुरुआत में सिर्फ लगातार थकान के रूप में सामने आती हैं। यदि थकान के साथ पैरों में सूजन, सांस फूलना, सीने में दर्द या अचानक वजन कम होने जैसे लक्षण भी हों तो तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
अगर थकान दो से तीन सप्ताह से ज्यादा समय तक बनी रहे, आराम करने के बाद भी ठीक न हो, या इसके साथ बुखार, तेजी से वजन घटना, सांस फूलना, सीने में दर्द या बार-बार चक्कर आने जैसी शिकायतें हों, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लें।
डॉक्टर लक्षणों के आधार पर CBC, हीमोग्लोबिन, TSH, ब्लड शुगर, विटामिन B12, विटामिन D, आयरन प्रोफाइल, लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट जैसी जांच की सलाह दे सकते हैं।
याद रखें, लगातार बनी रहने वाली थकान कोई बीमारी नहीं, बल्कि शरीर का एक महत्वपूर्ण संकेत है। समय रहते इसकी वजह पता चल जाए तो कई गंभीर समस्याओं को शुरुआती दौर में ही रोका जा सकता है।