
Women Heart Attack Symptoms: हार्ट अटैक यानी मायोकार्डियल इन्फार्क्शन (Myocardial Infarction) को आमतौर पर अचानक होने वाले तेज सीने के दर्द से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन महिलाओं में इसकी तस्वीर हमेशा इतनी स्पष्ट नहीं होती। सीने में दबाव या दर्द महिलाओं में भी हार्ट अटैक का सबसे आम संकेत है, लेकिन इसके साथ या कभी-कभी इसके बजाय सांस फूलना, मतली, असामान्य थकान, चक्कर, ठंडा पसीना और पीठ, गर्दन, जबड़े या हाथ में दर्द जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। यही वजह है कि कुछ मामलों में महिलाएं शुरुआती संकेतों को गैस, एसिडिटी, थकान या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देती हैं।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और CDC के मुताबिक महिलाओं में हार्ट अटैक के दौरान कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
हार्ट अटैक के बारे में सबसे बड़ी गलतफहमी यह है कि हर व्यक्ति को बहुत तेज और साफ सीने का दर्द ही होगा। ऐसा जरूरी नहीं है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार महिलाओं में सीने में असहजता सबसे आम लक्षण बनी रहती है, लेकिन सांस फूलना, मतली, उल्टी, अपच जैसा महसूस होना, पीठ या जबड़े में दर्द और असामान्य थकान जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। यही लक्षण कभी-कभी एसिडिटी, फ्लू, पेट की समस्या, तनाव या सामान्य थकान समझ लिए जाते हैं। इससे चिकित्सा सहायता लेने में देरी हो सकती है।
तुर्की की एक अंतरराष्ट्रीय हेल्थकेयर संस्था अजीबादेम (Acıbadem) के मुताबिक महिलाओं में असामान्य और अत्यधिक थकान को उन संकेतों में शामिल किया गया है, जिन्हें नजरअंदाज किया जा सकता है। लेकिन इसे अकेले देखकर हार्ट अटैक का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। अगर थकान के साथ सांस फूलना, सीने में असहजता, चक्कर, मतली या शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द जैसे अन्य लक्षण भी हों, तो स्थिति को गंभीरता से लेना जरूरी है।
हार्ट अटैक के दौरान दर्द केवल छाती तक सीमित नहीं रहता। एक्सपर्ट्स के मुताबिक दर्द या असहजता जबड़े, गर्दन, पीठ, कंधे या एक अथवा दोनों हाथों में भी महसूस हो सकती है। महिलाओं में ऐसे लक्षणों को कभी-कभी दांत, मांसपेशियों या पेट से जुड़ी समस्या समझ लिया जाता है।
बिना स्पष्ट कारण अचानक मतली, उल्टी या सांस फूलना भी चेतावनी का संकेत हो सकता है। खासकर जब इसके साथ सीने में दबाव, ठंडा पसीना, चक्कर या ऊपरी शरीर में दर्द हो। CDC के मुताबिक सांस फूलना सीने की तकलीफ से पहले भी शुरू हो सकता है।
अगर सीने में दबाव या दर्द कुछ मिनटों से ज्यादा बना रहे या बार-बार लौटे, सांस लेने में अचानक परेशानी हो, शरीर के ऊपरी हिस्से में दर्द हो, ठंडा पसीना आए, तेज चक्कर आए या मतली जैसे लक्षण अचानक शुरू हों, तो इसे सामान्य परेशानी मानकर इंतजार नहीं करना चाहिए। दरअसल Heart attack एक मेडिकल इमरजेंसी है और इलाज में देरी से हृदय की मांसपेशियों को होने वाला नुकसान बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने के बजाय तुरंत स्थानीय इमरजेंसी मेडिकल सेवा से संपर्क करना बेहतर है।
हार्ट अटैक के लक्षण व्यक्ति-दर-व्यक्ति अलग हो सकते हैं। इसलिए किसी एक लक्षण की अनुपस्थिति से हार्ट अटैक को खारिज नहीं किया जा सकता। महिलाओं के लिए खास तौर पर यह समझना जरूरी है कि सिर्फ तेज सीने के दर्द का इंतजार करना सही रणनीति नहीं है।
अगर शरीर में अचानक ऐसा बदलाव महसूस हो जो, सामान्य नहीं है। खासकर सांस फूलने, सीने की परेशानी, मतली, चक्कर, ठंडे पसीने या पीठ/जबड़े/हाथ के दर्द के साथ, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।