
Yoga meditation to reduce stress: तनाव से जूझते हुए जीवन की भाग-दौड़ में ध्यान और योग एक शांत, सशक्त सहारा बन सकते हैं। चाहे आप स्टूडेंट हों, कामकाजी महिला या नई मां, इन सरल लेकिन असरदार तरीकों से आप अपने मन और शरीर को फिर से संतुलित कर सकती हैं। बस आपको हर दिन अपने लिए 20 मिनट निकालने होंगे, फिर देखिए कैसे आप खुद को नई ताजगी, नई ऊर्जा और नई खुशी से भरा महसूस करेंगी। आइए जानते हैं तनाव के खिलाफ कैसे काम करता है योग और ध्यान, क्या कहता है WHO?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक, योग, विशेषकर हल्के आसन, श्वास-प्राणायाम और ध्यान, तनाव कम करने, भावनात्मक संतुलन बनाए रखने और जीवन की गुणवत्ता सुधारने में मदद करता है। अमेरिकी राष्ट्रीय पूरक और समग्र स्वास्थ्य केंद्र (NCCIH) की समीक्षा में पाया गया कि योग से तनाव के प्रति हमारी धारणा में सुधार होता है।
2020 की एक समीक्षा में शामिल 12 अध्ययनों में सभी में तनाव में कमी देखी गई। ध्यान और माइंडफुलनेस पर आधारित अभ्यासों ने भी चिंता, अवसाद और नींद की गुणवत्ता में सुधार दिखाया है। इसका बड़ा उदाहरण है, 2022 का एक अध्ययन। इसमें माइंडफुलनेस अभ्यास से तनाव और चिंता में महत्वपूर्ण कमी आई और सूजन से जुड़े कुछ संकेतकों में भी सुधार देखा गया था।
योग और ध्यान से शरीर में तनाव से जुड़े रसायन जैसे कोर्टिसोल कम होते हैं और हृदय की धड़कन व रक्तचाप में सुधार होता है। कुछ शोधों में यह भी सामने आया कि योग से सकारात्मक भावनाएं और आत्म-दया बढ़ती है। यह मस्तिष्क के उन हिस्सों को प्रभावित करता है जो, तनाव नियंत्रित करते हैं। ध्यान अभ्यास से मस्तिष्क की संरचना और कार्य में भी बदलाव देखे गए हैं। हालांकि यह क्षेत्र अभी भी शोध का विषय बना हुआ है।
आप हफ्ते में 3-4 बार, सिर्फ 20-30 मिनट निकालकर शुरुआत कर सकते हैं। इस समय में आप इन आसनों को कर सकते हैं-
2024 के एक यादृच्छिक नियंत्रित अध्ययन में, 8 हफ्तों तक प्रति सप्ताह तीन 45 मिनट के सत्र, एक प्रशिक्षक के साथ और दो घर पर, योग या माइंडफुलनेस मेडिटेशन करने से हृदय की धड़कन में सुधार और तनाव प्रतिक्रिया में कमी देखी गई। यानी बड़े बदलाव के लिए घंटों का समय नहीं, बस नियमितता चाहिए।
ध्यान और योग आमतौर पर सुरक्षित हैं, लेकिन कुछ लोगों को चिंता या अवसाद जैसी नकारात्मक प्रतिक्रियाएं भी हो सकती हैं। एक समीक्षा में करीब 8% प्रतिभागियों ने ऐसा अनुभव बताया। अगर आप मानसिक रूप से अस्थिर महसूस करें, तो किसी प्रशिक्षित चिकित्सक या योग विशेषज्ञ से सलाह लें। अगर आप गर्भवती हैं, किसी शारीरिक समस्या से जूझ रही हैं या मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी कोई स्थिति है, तो पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
ये आंकड़े सामाजिक अपेक्षाओं, घरेलू हिंसा, देखभाल की जिम्मेदारी और आर्थिक निर्भरता जैसे कारकों को तनाव के मुख्य कारणों के रूप में रेखांकित करते हैं। तो क्यों न आज ही एक छोटा कदम उठाएं, शाम को सिर्फ 10 मिनट के लिए किसी शांत जगह पर बैठकर गहरी सांस लें या कोई सरल आसन करें। धीरे-धीरे इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें। जैसे-जैसे आप सहज होते जाएं, समय बढ़ाएं या किसी प्रशिक्षित योग शिक्षक से मार्गदर्शन लें। यह एक लंबी यात्रा है, लेकिन हर दिन का छोटा प्रयास आपके मन और शरीर को धीरे-धीरे मजबूत बनाता चला जाएगा। तो क्या आप आज से बना रही हैं चंद मिनट अपने साथ रहनेकी आदत? यदि हां तो कमेंट करके जरूर बताएं।