आग ने लगभग आधा दर्जन से ज्यादा गांवों को अपनी चपेट में लिया जिसमें कई दर्जन घर व मवेशी जिन्दा जल गए।
पीलीभीत। देर रात आई तेज आंधी तूफान के बाद लगी आग ने तबाही मचा दी। आग ने लगभग आधा दर्जन से ज्यादा गांवों को अपनी चपेट में लिया जिसमें कई दर्जन घर व मवेशी जिन्दा जलने का अनुमान है। सर्वे के बाद ही स्थिति कुछ साफ हो पाएगी। एक साथ लगी आग से प्रशासन के भी हाथपांव फूल गये। प्रशासनिक अधिकारी लगातार आंधी, तूफान के बाद के हालातों का लागातार जायजा ले रहे हैं।
अनाज जलकर हुआ राख
पूरनपुर तहसील में बीती रात प्रशासन और पुलिस के लिये सबसे ज्यादा मशक्कत भरी रही। यहां बीती रात आयी आंधी तूफान से आग भड़क गयी और उसकी चपेट में कई गांव आ गये जिसमें सबसे ज्यादा नुकसान रघुनाथपुर व मझलिया गांव में हुआ। आग इतनी तेजी के साथ फैली कि लोगों को अपनी जान बचाना मुश्किल पड़ गया। आग से सड़क के किनारे खड़े पेड़ भी जल गये। आग लगते ही ग्रामीण सबसे पहले गांव के बाहर आ गये और घर खाली कर दिये और फिर पम्पसेट चलाकर व नलोे से पानी भरकर आग बुझाने की कोशिश करने लगे। गांवोें के जो कच्चे मकान थे वह पूरी तरह जल गये। लोगोें के अनाज के साथ ही घर गृहस्थी का सारा सामान भी जलकर राख हो गया। वहीं उनके पालतू जानवर भी जल गये। घण्टोंं बाद एसडीएम शशिभूषण राय अपनी राजस्व विभाग की टीम व फायर बिग्रेड की गाड़ी के साथ पहुंचे लेकिन तब तक बहुत नुकसान हो चुका था।
नरी जलाने वाले किसानों पर होगी कार्रवाई
एसडीएम का कहना है कि जांच कराई जा रही है कि कितना नुकसान हुआ है सर्वे के बाद ही लोगोंं को उचित मुआवजा दिलाया जायेगा। साथ ही प्रशासन का कहना है कि किसानोंं ने अपने खेतों में नरई जलाई थी, जिसकी वजह से आग लगी, ऐसे किसानों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उधर आंधी से शहर की सड़कों पर पेड़ व बिजली के तार गिर गये, जिससे कई इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित हो गयी।