जिलाधिकारी डॉ अखिलेश कुमार मिश्रा के चार्ज लेते ही अवैध खनन करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है।
पीलीभीत। नवागत जिलाधिकारी डॉ अखिलेश कुमार मिश्रा के चार्ज लेते ही अवैध खनन करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। एसडीएम बीसलपुर व सीओ बीसलपुर ने जिलाधिकारी डॉ अखिलेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर बरखेड़ा क्षेत्र में कई माह से चल रहे अवैध खनन के कारोबार को बंद कराया है। एक बड़ी निमार्ण फर्म का प्लांट सीज कर दिया
गया है।
डीएम के आदेश पर हुई कार्रवाई
दरअसल दिल्ली की सतजुग फूड प्राइवेट लिमिटेड नाम की फर्म का बालू रेता खनन का ठेका बरखेड़ा क्षेत्र में हुआ है। बीते दिन उन्होंने जिलाधिकारी डॉ अखिलेश कुमार मिश्र को दिये शिकायती पत्र में बताया कि सोबती ग्रूप की फर्म बरखेड़ा क्षेत्र में सड़क निर्माण करा रही है। सड़क निर्माण में फर्म द्वारा अवैध रूप से बालू रेता खनन कर किया जा रहा है। फर्म का हॉटमिक्स प्लांट बरखेड़ा के भोपुतपुर मार्ग पर बना हुआ है। जहां हजारों घन मीटर अवैध नदी का रेता खनन कर स्टोर किया हुआ है जिसकी रॉयल्टी भी सरकार को नहीं दी गयी है। यह कार्य पिछले आठ माह से चल रहा है।
थानाध्यक्ष लाइन हाजिर
सतजुग फूड प्राइवेट लिमिटेड फर्म के अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि समाज पार्टी नेता व बरखेड़ा नगर पंचायत चेयरमैन पुत्र अकील अहमद व उसका मित्र किसान ब्रिक फील्ड का मालिक अफरोज मलिक यहां अवैध खनन कर बालू रेता की सप्लाई कर रहे हैं। जिलाधिकारी को मिली शिकायत के बाद उन्होंने एसडीएम बीसलपुर सूरज यादव को मौके पर मुआयना करने भेजा जहां छापामार कार्रवाई के दौरान एसडीएम को 1300 घन मीटर अवैध बालू रेता मिला। जिस पर जब प्लांट मैनेजर से जवाब मांगा गया तो वो नहीं दे पाया। एसडीएम ने तत्काल कार्रवाई करते हुये पूरे प्लांट को सील करवा दिया है। वहीं प्रारम्भिक जांच में बरखेड़ा पुलिस की भी संलिप्तता पायी गयी जिसके बाद थानाध्यक्ष जयवीर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है।