व्हाट्सएप ग्रुप पर की थी असभ्य-अशिष्ट भाषा के कमेंट, शिक्षिकाओं पर अभद्र टिप्पणी कर फँसा ग्रुप मेम्बर, आई०टी० एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज, कई अधिकारी भी जुढे़ हैं इस ग्रुप से
पीलीभीत। ज़रा सोच समझकर व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर कमेंट लिखने से पहले सोचिएगा कि कहीं आपके लिखे शब्द किसी की भावनाओं को ठेस तो नहीं पहुँचा रहे हैं। ऐसा ही कुछ पीलीभीत के सोशल मीडिया पर लेखाकार के साथ हुआ जब उन्होनें बिना सोचे समझे बेसिक शिक्षा परिषद की महिला शिक्षिकाओं के लिए असभ्य व अशिष्ट भाषा का प्रयोग करते हुए कमेंट लिखे। जिसके बाद जनपद की तमाम महिला शिक्षिकाओं में इस मेसेज को लेकर काफी रोष व्याप्त है महिला शिक्षकाओं ने जिलाधिकारी को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की हैं। जिलाधिकारी के आदेश पर आरोपी के विरूद्व मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
यह हैं मामला
बीते दिन करीब तीन दर्जन से अधिक बेसिक शिक्षा परिषद की अध्यापिकाओं ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर बताया था कि निर्मलकान्त नाम के एक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर महिला शिक्षिकाओं के प्रति अभद्र व अशिष्ट भाषा का प्रयोग करते हुए मैसेज लिखे गये है। आरोप लगाते हुए महिला शिक्षिकाओं ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा विगत 22 सितंबर 2018 को गांधी प्रेक्षागृह सभागार में शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी का आयोजन हुआ था, जिसमें अधोहस्ताक्षरी महिला शिक्षिकाएं व शिक्षक तथा विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति थी। इस गोष्टि के बाद आरोपी निर्मलकांत शुक्ला ने गोष्टी के संबंध में एक व्हाट्सएप ग्रुप पर शिक्षिकाओं के संबंध में असभ्य एवं अशिष्ट टिप्पणी की थी। जिससे समस्त शिक्षिकाएं और शिक्षक समाज आहत हुआ हैं। एक बुद्धिजीवी द्वारा ऐसी अशिष्ट टिप्पणी से महिलाओं का मान मर्दन करना अशोभनीय एवं विधि विरुद्ध हैं। जो अपराध की श्रेणी में आता हैं, महिला शिक्षिकाओं ने आरोपी के विरुद्ध आईटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत कराने की पुरजोर मांग की, जिसके बाद जिलाधिकारी डा0 अखिलेश कुमार मिश्र के आदेश पर आई0टी0 एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है।
इन्होने की शिकायत
शिकायती पत्र देने वाली शिक्षिकाओं में सुमनलता, वर्षा, वंदना, संतोष, प्रीति सिंह, मंजू सिंह, सैय्यदा, मीना, ममता, नरेंद्र, अनीता, कुसुम, आरती सहित लगभग 2 दर्जन से अधिक शिक्षिकाएं व शिक्षक मौजूद थे।