पीलीभीत

यूपी के सीतापुर की तीन तहसीलों में बाढ़ जैसे हालात, घर छोड़कर बांध पर रहने को मजबूर लोग

पहाड़ों पर हो रही बारिश से अब उत्तर प्रदेश का मैदानी इलाका प्रभावित होने लगा है। पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, बलरामपुर, कुशीनगर, बस्ती, शाहजहांपुर, बाराबंकी, सीतापुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर और बलिया के 633 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।

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Jul 11, 2024

बनबसा बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद यूपी के सीतापुर की तीन तहसीलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। कई लोग अपने घर छोड़ने पर मजबूर हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, सीतापुर के तीन तहसीलों के कई गांव में बाढ़ से हाल बेहाल है। बिसवां, लहरपुर और महमूदाबाद तहसील के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। कई मकान नदी की आगोश में समा रहे हैं। स्थिति को देखते हुए कई लोगों ने बाढ़ के डर से खुद ही अपना घर ढाह लिया है। गांव के लोग अपने घरों को छोड़कर अब बांध पर रहने को मजबूर हैं।

बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद उत्पन्न बाढ़ जैसे हालात की वजह से कई मकान ध्वस्त हो चुके हैं। बाढ़ की वजह से एक मकान के गिरने का वीडियो भी सामने आया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

प्रदेश के सैकड़ों गांवों में घुस गया है बारिश का पानी

दरअसल, पहाड़ों पर हो रही बारिश से अब उत्तर प्रदेश का मैदानी इलाका प्रभावित होने लगा है। कई नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं। प्रदेश के सैकड़ों गांवों में बारिश का पानी घुस गया है, लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बुधवार को यूपी के राहत आयुक्त जी.एस. नवीन कुमार ने बताया कि पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, बलरामपुर, कुशीनगर, बस्ती, शाहजहांपुर, बाराबंकी, सीतापुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर और बलिया के 633 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।

नदियों के जलस्तर को देखते हुए अलर्ट मोड पर प्रशासन

प्रदेश में कई नदियों के जलस्तर को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है। जिन इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है, वहां गोताखोरों की तैनाती और नावों का इंतज़ाम किया गया है। प्रशासन का कहना है कि हालात पर हमारी नजर है, टीम पूरी तरह से तैयार है।

Updated on:
11 Jul 2024 09:25 pm
Published on:
11 Jul 2024 09:21 pm
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