
पीलीभीत। चुनाव आयोग द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता के नियमों के पालन के लिए सरकारी महकमे ने बेशक सख्त निर्देश जारी किए हों, लेकिन जिले में एक मामला ऐसा आया है जहां सरकारी विभाग ही नियमों का पालन करना भूल गया। पीलीभीत में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की चुनावी जनसभा के फोटो को सूचना विभाग द्वारा ही प्रकाशित करने के लिए भेज दिया गया, जबकि उप मुख्यमंत्री का ये दौरा पूरी तरह गैर सरकारी था।
ये था पूरा मामला
नेताओं को खुश करने के लिए सरकारी कर्मचारी और अधिकारी क्या-क्या नहीं करते इसका जीता-जागता उदाहरण सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के लोगों ने दिया है। सूचना विभाग का काम रोजाना की सरकारी प्रेस विज्ञप्ति मीडिया को प्रचार-प्रसार प्रकाशन के लिए उपलब्ध कराना होता है। इसके लिए वो रोजाना ईमेल के माध्यम से समाचार पत्रों व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को प्रेस नोट जारी कर फोटो व अन्य सूचनाएं भेजते हैं। लेकिन बीते सोमवार यानी 20 नवम्बर को इस विभाग ने अलग ही कारनामा पेश किया। दरअसल सोमवार को पीलीभीत में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की चुनावी सभा थी। वो पीलीभीत में चुनाव प्रचार करने आये थे।
उप मुख्यमंत्री का ये दौरा सरकारी नहीं बल्कि गैर सरकारी राजनीतिक दौरा था। लेकिन सूचना एवं जनसम्पर्क के स्थानीय विभाग के लोगों ने उन्हें खुश करने के चक्कर में इस बात पर कोई ध्यान नहीं दिया। उन्होंने बगैर कुछ सोचे समझे चुनाव आचार संहिता के दौरान ही उप मुख्यमंत्री की चुनावी जनसभा के तमाम फोटो मीडिया को छापने के लिये भेज दिए। जब उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ, तब तक काफी देर हो चुकी थी और मीडिया के पास सारी फोटो जा चुकी थीं।