बीते दिनो जिले का माहोल खराब करने को हुआ था फसाद, दोनों समुदाय की ओर से मुकदमा हुआ दर्ज, एक खोका स्वामी की भूमिका संदिग्ध
पीलीभीत। देशनगर प्रकरण में आज एक पक्ष की महिलाएं पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण सिंह से मिली। उन्होंने इस घटना में अपने परिजनों को निर्दोष बताते हुए उनको रिहा कराये जाने का आग्रह किया। एसपी ने पहले ही इन लोगों की ओर से भी मुकदमा दर्ज करा दिया हैं। एसपी ने आश्वासन दिया हैं कि किसी भी निर्दोष को नहीं सताया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब इस प्रकरण में पुलिस उनके घरों पर नहीं जाएगीं। साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा है कि यदि कोई भी पुलिसकर्मी उनके घरों की ओर जाता भी है तो तत्काल उनको सूचित करें जिससे उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगीं।
समाजवादी पार्टी के नेतृत्व में गई महिलाएं
समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष इम्तियाज अल्वी के साथ मोहल्ला देशनगर और शेर मोहम्मद की महिलाएं पुलिस अधीक्षक वालेंदु भूषण सिंह से मिली। इन महिलाओं का कहना था कि 19 अक्तूबर को उनके मोहल्ले में कुछ लोग शराब पीकर आये थे और बवाल किया था। ईट पत्थर भी चले थे। इस मामले में पुलिस ने उनके बेटों तथा पतियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनको जेल भेज दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने उनकी बात सुनकर कहा कि अब किसी भी निर्दोष को जेल नहीं भेजा जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उनकी ओर से जो तहरीर मिली थी उसके आधार पर भी मुकदमा दर्ज करा दिया गया हैं। यह भी आश्वस्त किया कि उनकी जमानतें करा लें। महिलाओं ने कहा कि इस मामले में दोनों पक्षों को बैठा कर समझौता करा दिया जाए, जिससे किसी भी पक्ष को परेशानी का सामना न करना पडे। उन्होंने कहा कि यदि अब किसी के घर पुलिस आती है तो तत्काल उनके सीयूजी नंबर पर सूचित करें पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महिलाओं में यासमीन, बेगम, नुसरत, चंदा बेगम, शाहीन, बुशरा, फरजाना, फरीद खां भी शामिल थे।
मोहल्ले में एक पान का खोका भी हैं फसाद की जढ़
सूत्र बताते हैं कि मोहल्ला देशनगर गौढ़ी में मस्जिद के पीछे एक अन्य समुदाय के व्यक्ति ने पान का खोका लगा रखा हैं। यहां रोजाना शाम को शराबी आकर मस्जिद के पीछे शराब पीकर गाली गलौच करते हैं। विगत दो वर्ष पूर्व समाजवादी पार्टी की सरकार में यह खोका हटा दिया गया था लेकिन भाजपा सरकार आते ही इसके मालिक ने दोबारा खोका लगा दिया। बताया जा रहा हैं कि खोका मालिक को एक विधायक का संरक्षण प्राप्त हैं जिसके चलते उसपर तमाम शिकायतें होने पर भी कार्रवाई नहीं हो रही हैं।