पीलीभीत

पुलिस ने नहीं लिखी एफआईआर तो पीड़ित ने बांट दिए पर्चे

पीड़ित के घर चोरी की घटना को मारपीट में निपटा देना अब बीसलपुर पुलिस की फजीहत का कारण बन रहा है।
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Updated: 6 Aug 2019, 9:01 PM IST
police station
पुलिस ने नहीं लिखी एफआईआर तो पीड़ित ने बांट दिए पर्चे

पीलीभीत। फजीहत न हो इसलिए मुकदमा लिखने से बचना या धाराओं में खेल करना पुलिस का पुराना अंदाज है। पीलीभीत में पुलिस द्वारा मुकदमे की धाराओं में खेल करना अब पुलिस के सिर का दर्द बन रहा है। पीड़ित के घर चोरी की घटना को मारपीट में निपटा देना अब बीसलपुर पुलिस की फजीहत का कारण बन रहा है। पुलिस की मनमानी से तंग आकर पीड़ित ने पूरे क्षेत्र में पर्चे बांट दिए और पुलिस के खिलाफ धरना देने व भूख हड़ताल की बात पर्चे के माध्यम से पूरे जिले में फैला दी है।

क्या है पूरा मामला

मामला पीलीभीत के बीसलपुर थाने का है जहां गांव चुर्रासकतपुर के निवासी नूर मोहम्मद ने पुलिस पर संगीन आरोप लगाते हुए बताया कि 25 जुलाई को उसके घर कुछ लोगों ने नकाब लगा कर चोरी कर ली थी। पुलिस ने मामले की तहरीर लेकर भी चोरी का मुकदमा नहीं लिखा। उसके बाद दंबगों ने पीड़ित से घर में घुसकर मारपीट की जिसके बाद पुलिस से बमुश्किल धाराओं में खेल करते हुए दबंगों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा पंजीकृत कर दिया। जिससे दंबगों के हौसले बुलंद हो गए हैं और वे खुलेआम घूमकर पीड़ित को धमकी दे रहे हैं, फिर भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही। इस मनमानी से तंग आकर युवक ने परिवार के साथ बीसलपुर थाना क्षेत्र की चुर्रा चौकी पर 8 अगस्त से भूख हड़ताल पर बैठने का एलान करते हुए पूरे जिले में पर्चे बाँट दिए हैं।

क्या कहते है पुलिस के आला अधिकारी

जब मामले जी जानकारी सीओ प्रवीण मालिक से की गई तो उनका कहना है कि पुलिस ने मामले की जांच की थी पर जांच में चोरी की घटना सत्य नहीं पायी गयी। मारपीट के लिए एनसीआर दर्ज कर ली है। पर्चे बांट कर पीड़ित द्वारा झूठा मुकदमा लिखने के लिए पुलिस पर दबाव बनाया जा रहा है।

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