एसकेजेपी कन्या इंटर कालेज में तैनात था लिपिक, लिपिक और प्रधानाचार्या के बीच चल रहा था विवाद, लिपिक की शिकायत पर जांच करने पहुँची थी एसडीएम बीसलपुर
पीलीभीत। एसकेजेपी कन्या इंटर कालेज में तैनात लिपिक की मां ने एसडीएम बीसलपुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप हैं कि एसडीएम ने लिपिक द्वारा की गई शिकायत पर दवाब बनाकर उसके ब्यान लिखवाए हैं। जिसके बाद से लिपिक इतना डर गया कि वो अपने घर पर पत्र छोड़कर कहीं चला गया हैं। परिवार वालों को जब पता चला तो अब उन्होने न्याय की गुहार लगाई हैं। परिवार वालों का कहना हैं कि यदि उनके बेटे के साथ कुछ गलत होता हैं तो उसके ज़िम्मेदार एसडीएम बीसलपुर व कालेज की प्रधानाचार्या होंगी।
लिपिक-प्रधानाचार्या विवाद में जांच करने पहुँची थी एसडीएम
जिले की तहसील बीसलपुर के नगर क्षेत्र के एसकेजेपी कन्या इंटर कालेज में तैनात लिपिक प्रशांत मिश्रा ने कालेज की प्रधानाचार्या मीना कुमारी की शिकायत बीएसए सहित तमाम आला अधिकारियों से की थी। शिकायत की जांच जिलाधिकारी डा0 अखिलेश कुमार मिश्र ने एसडीएम बीसलुपर वंदना त्रिवेदी को दी जिसपर वो जांच करने पहुंची। एसडीएम पर शिकायतकर्ता का आरोप हैं कि उससे जबरदस्ती प्रधानाचार्या के पक्ष में ब्यान लिखवाए गए। वहीं लिपिक भी जांच के बाद से ही घर से गायब हैं। बताया जा रहा हैं कि कालेज की प्रधनाचार्या और लिपिक के बीच आए दिन नोकझोंक होती रहती थी। कालेज में तैनात लिपिक प्रशान्त मिश्रा ने लगभग दो माह पूर्व मुख्यमंत्री पोर्टल पर कालेज की प्रधानाचार्या की शिकायत की थी। जिसकी जांच तत्कालीन बीएसए डा. इंद्रजीत प्रजापति को दी गई। इस दौरान उनके निलंबन के बाद जांच एसडीएम वंदना त्रिवेदी के पास आई। आरोप है कि जांच करने पहुंची एसडीएम वंदना त्रिवेदी द्वारा शिकायतकर्ता पर दबाव बनाया गया और उससे प्रधनाचार्या के पक्ष में ब्यान लिखने को कहा गया। लिपिक ने यहां तक भी बताया कि एसडीएम ने उससे कहा की यदि हस्ताक्षर नहीं करोगे तो उसपर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। वहीं लिपिक कालेज की छुट्टी होने पर घर पहुंचा और वहां से परिजनो को आप बीती बताकर घर से कहीं चला गया। लिपिक की मां माया देवी ने एसडीएम बीसलपुर वंदना त्रिवेदी के ऊपर उसके पुत्र से जबरन ब्यान लिखाए जाने व गायब किए जाने का भी आरोप लगाया है।
एसडीएम ने आरोपों का बताया निराधार
पूरे मामले में एसडीएम वंदना त्रिवेदी ने खुद पर लगाये गये आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वो जिलाधिकारी के आदेश पर एसकेजेपी इंटर कालेज में जांच करने के लिए पहुंची। जहां पर दो पेज के ब्यान खुद लिपिक द्वारा लिखे गए। प्रधानाचार्या सहित कई लोग मौजूद थे। मैने किसी भी प्रकार का कोई दबाव नहीं बनाया है। मेरे ऊपर लगाए जा रहे आरोप बिल्कुल गलत हैं। इतना जरूर हैं कि लिपिक और प्रधानाचार्या के बीच काफी मनमुटाव हैं इसलिए अपनी जांच रिपोर्ट में उन्होनें दोनों में से किसी एक तबादला किए जाने की बात लिखी हैं। क्योंकि दोनों के बीच चल रहे विवाद से विद्यालय का माहौल खराब हो रहा हैं।