2019 लोकसभा चुनाव को लेकर चल रहे गठजोड़ और शीट शेयरिंग के बीच एक आम आदमी पार्टी फिलहाल अपना रुख स्पष्ट नहीं कर पा रही है।
नई दिल्ली। 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर चल रहे गठजोड़ और शीट शेयरिंग के बीच एक आम आदमी पार्टी फिलहाल अपना रुख स्पष्ट नहीं कर पा रही है। यही कारण है कि आप ने अभी तक किसी भी गठबंधन में शामिल होने की कोई घोषणा नहीं की है। शुक्रवार को आगामी लोकसभा चुनाव-2019 में कांग्रेस के साथ गठबंधन पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया। आप के नेताओं ने शर्त के साथ कृषि कर्ज माफी को लेकर कांग्रेस की आलोचना की है। हालांकि उन्होंने गठबंधन की संभावनाओं से इनकार नहीं किया है। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद शुक्रवार को आप के दिल्ली संयोजक गोपाल राय ने कहा कि आने वाले दिनों में पार्टी स्थिति पर नजर रखेगी और उसके अनुसार फैसला लेगी। राय ने कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर यह बात कही।
गठबंधन के सवाल को कल्पित बताया
आप के पंजाब के संयोजक भगवंत मान ने गठबंधन के सवाल को कल्पित बताया। पंजाब में आप विपक्ष में है, जबकि कांग्रेस सत्ता में है। मान ने कहा कि क्या आपने कभी सुना है कि विपक्षी पार्टी किसी सत्ताधारी पार्टी के साथ हाथ मिलाती है। अगर हम हाथ मिलाएंगे तो फिर जनता को क्या बताएंगे। आप के नेताओं ने कांग्रेस द्वारा मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कृषि कर्ज माफी में शर्त लगाने को लेकर तीनों राज्यों में हाल ही में सत्ता में आई पार्टी की आलोचना की।
सियासी गणित बैठाने को मजबूर
आपको को बता दें कि देश के पांच राज्यों में हाल ही में संपन्न्हु ए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत और भाजपा की हार के बाद पूरे सियासी समीकरण बदल गए हैं। राजनीतिक पार्टियां 2019 से पहले एक फिर से अपना सियासी गणित बैठाने को मजबूर हैं। यही वजह है कि एक ओर भाजपा के सहयोगी दल आगामी लोकसभा चुनाव को खतरा नहीं उठाने चाहते, वहीं कांग्रेंस वाले महागठबंधन में जुड़ने से पहले भाजपा विरोधी राजनीतिक दल स्थिति को पूरा ठोक बजा कर देख लेना चाहते हैं।