पार्टी के इतिहास में स्टालिन अध्यक्ष का पद संभालने वाले दूसरे नेता होंगे।
नई दिल्ली। तमिलनाडु की राजनीति में आज एक बड़ा परिवर्तन होने जा रहा है। करीब छह दशक तक तमिलनाडु में डीएमके प्रमुख रहे एम करुणानिधि के निधन के 21 दिन बाद आज उनके छोटे बेटे एमके स्टालिन औपचारिक रूप से पार्टी की कमान संभालेंगे। इसके लिए आज पार्टी के कार्यकर्ताओं को एक सम्मलेन भी बुलाया गया है। सुबह से ही पार्टी के आमंत्रित कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने लगे हैं। आज उनका डीएमके अध्यक्ष के रूप में औपचारिक रूप से चयन किया जाएगा। बता दें कि इसी महीने सात अगस्त को डीएमके प्रमुख करुणानिधि का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। पिता के निधन के बाद उनके दोनों बेटे एक बार फिर राजनीतिक विरासत को लेकर आमने-सामने हैं।
अध्यक्ष का पद संभालने वाले दूसरे नेता
इससे पहले पार्टी अध्यक्ष पद के लिए नाम आमंत्रित किए गए थे। लेकिन इस पद के लिए अभी तक सिर्फ स्टालिन ने ही नामांकन किया है। पार्टी के किसी और नेता ने अध्यक्ष पद के लिए दावा पेश नहीं किया है। तय है कि स्टालिन निर्विरोध डीएमके के अध्यक्ष चुन लिए जाएंगे। पार्टी के इतिहास में स्टालिन अध्यक्ष का पद संभालने वाले दूसरे नेता होंगे। इससे पहले करुणानिधि 49 साल तक पार्टी के अध्यक्ष रहे थे। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में करीब 5000 से अधिक कार्यकर्ता मौजूद रह सकते हैं। आपको बता दें कि दिवंगत पिता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि के बीमार रहने के कारण अधिकांश समय घर में ही बिताने की वजह से स्टालिन को जनवरी, 2017 में पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।
पार्टी में टूट के आसार
दूसरी तरफ स्टालिन के बड़े भाई एमके अलागिरि जिनको उनके नेतृत्व का विरोध करने को लेकर करुणानिधि ने पार्टी विरोधी कार्य में लिप्त रहने के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था वह उपचुनाव में द्रमुक विरोधी कार्य कर सकते हैं। उन्होंने स्टालिन के विरोध में पांच सितंबर को एक बड़ी रैली बुलाई है। इस रैली के साथ ही वह अपनी भविष्य की रणनीति का ऐलान कर सकते हैं। संभावना इस बात की भी जताई जा रही है कि वो नई पार्टी की घोषणा कर सकते हैं।