
हमें मना कर पीएम मोदी खुद 7 देशों की यात्रा पर हैं- संजय राउत (Patrika Photo)
उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना (उबाठा) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने संसद में महिला आरक्षण बिल के गिरने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीख हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार व भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर बस ढोंग कर रही है। बता दें कि शुक्रवार को लोकसभा में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित नहीं हो सका।
लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ बिल नामंजूर होने के बाद पीएम मोदी ने देश के नाम संबोधन किया, जिस पर शिवसेना (ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत ने जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को झूठ बोलने की बीमारी है।
संजय राउत ने स्पष्ट कहा कि वर्तमान की 543 सीटों में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण देने पर उनकी पार्टी को कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण के समर्थन का दिखावा कर रही है। राउत के अनुसार, लोकसभा की सीटों की संख्या 580 तक बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा था, जिसे विपक्ष ने रोक दिया।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस मुक्त भारत की बात करने वाले पीएम मोदी अपने भाषण में बार-बार कांग्रेस का ही जिक्र कर रहे थे।
राउत ने प्रधानमंत्री मोदी के बयान को आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए कहा कि देश अब उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लेता। वे झूठ बोलने की राष्ट्रीय बीमारी से संक्रमित हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 2023 में पारित महिला आरक्षण विधेयक को अभी तक लागू नहीं किया गया है, जिसके लिए प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि डीलिमिटेशन बिल सरकार अपनी मनमर्जी से लाना चाहती थी, लेकिन उसे हार का सामना करना पड़ा। राउत ने यह भी कहा कि यह देश पर नहीं, बल्कि भाजपा (BJP) पर संकट है और इस पर राष्ट्र को संबोधित करना गलत और भ्रामक है।
संजय राउत ने पीएम मोदी के भाषण पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसमें 86 बार कांग्रेस का जिक्र किया गया। उन्होंने कहा कि जो नेता कांग्रेस मुक्त भारत की बात करते हैं, वही बार-बार कांग्रेस का नाम लेते हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस के बिना देश का नेतृत्व संभव नहीं है।
राउत ने आगे कहा कि सरकार लव जिहाद, धर्मांतरण और क्या खाना चाहिए जैसे मुद्दों को उठाकर देश में माहौल बिगाड़ने की कोशिश करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कश्मीर के पहलगाम और पुलवामा के आतंकी हमलों में मारे गए हिंदुओं की माताएं और बहनें भी महिलाएं हैं, लेकिन प्रधानमंत्री को उन महिलाओं का आक्रोश और दुख कभी दिखाई नहीं दिया।
बता दें कि लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पास नहीं हो पाया। 16 अप्रैल को केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक (संविधान का 131वां संशोधन) 2026, परिसीमन विधेयक 2026 और संघ राज्यक्षेत्र विधि (संशोधन) विधेयक 2026 को लोकसभा में पेश किया था। कांग्रेस सहित अधिकांश विपक्षी दलों ने लोकसभा में संविधान के 131वें संविधान संशोधन विधेयक के गिरने पर खुशी जाहिर की।
Updated on:
19 Apr 2026 01:36 pm
Published on:
19 Apr 2026 01:35 pm
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