देश के प्रसिद्ध कवि और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है। इशारों-इशारों में मोदी सरकार को घेरा है और सरकार की नियत पर सवाल खड़े किए हैं।
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के शोपियां में आतंकवदियों की ओर से अगवा कर तीन पुलिसकर्मियों की बर्बर हत्या के मामले ने देश को झंकझौर दिया है। हर देशवासी के मुंह से एक ही बात निकल रही है कि पाकिस्तान को सबक सिखाया जाए। अपने सैनिकों की शहादत का बदला लिया जाए। इसी कड़ी में देश के प्रसिद्ध कवि और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है। इशारों-इशारों में मोदी सरकार को घेरा है और सरकार की नियत पर सवाल खड़े किए हैं। कुमार विश्वास ने ट्वीट करते हुए लिखा कि 'हे भाषणवीरो, हे प्रवचन-पेलूओ! हे शाम 5 से रात 11 तक राष्ट्रवाद की दुकान लगाने वालो मीडिया मुग़लों! शर्म-लिहाज़ कुछ बची है या अपने-अपने नेताओं-पार्टियों के दफ़्तर में गिरवीं रख दी? 'बस भाषण में ज़ोर दिखाना स्वाभिमान नहीं होता, केक सने हाथों से शत्रु का संधान नहीं होता..!’
आपको बता दें कि कुमार विश्वास के इस ट्वीट पर जमकर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। एक यूजर ने लिखा कि दिखाते रहो शराफ़त ! यूएन में साख बनाने के चक्कर में, अपना घर बेशक़ उजड़ जाये! बस इसी से डरते रहो कि दूसरे देशों में हमारी छवि ख़राब नहीं हो जाये? क्यों नहीं पाक से सभी संबंध खत्म करते? किसने रोका है? ख़ून उबलता भाई! तो वहीं एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि 'शांत रहे अभी सरकार जश्न के मूड में है, मीडिया तो कभी था ही नहीं, जनता भी हिन्दू-मुस्लमान में खोई हुई है, सब सो रहे है तो व्यर्थ में किसे जगा रहे हो आप।'
एक अन्य यूजर ने लिखा कि 'मुट्ठी भर आतंकी को हम नहीं मार पा रहे हैं, शर्म हैं हमें अपने आप पर बस तमाशबीन बनकर तमाशा देख रहे हैं, ऐसे सरकार का क्या करें जो हमारे जवानों की रक्षा न कर सके बस एक सर्जिकल स्ट्राइक कर कर उसका ढिंढोरा पीटते रहे।’
आतंकियों ने तीन जवानों की की थी बर्बर हत्या
आपको बता दें कि शुक्रवार को तीन पुलिसकर्मियों का पार्थिव शरीर बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि गुरुवार को दक्षिण कश्मीर के कापराम गांव में चार पुलिसकर्मियों के घर में घुसकर उन्हें अगवा कर लिया था। एक पुलिसकर्मी को गांववालों की मदद से बचाया जा सका था लेकिन बाकी तीन की आतंकियों ने हत्या कर दी। शहीद हुए जवानों की पहचान कुलवंत सिंह, निसार अहमद और फिरदौस अहमद के तौर पर हुई। इससे पहले आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिद्दीन ने ऑडियो टेप जारी करते हुए कहा था कि कश्मीर में सभी एसपीओ और पुलिस के जवान अपनी नौकरी छोड़ दें नहीं तो उनकी हत्या कर दी जाएगी। जिसके बाद से ये घटनाएं सामने आ रही हैं।