सीएम नीतीश कुमार की मौजूदगी में जेडीयू में शामिल हुए गुप्तेश्वर पांडे। बिहार के पूर्व डीजीपी ने कहा - अब मेरा काम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तय करेंगे।
नई दिल्ली। पिछले कुछ समय से पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे बिहार में सबसे ज्यादा सुर्खियों में हैं। बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक 4 दिन पहले डीजीपी के पद से वीआरएस लेने वाले आईपीएस अफसर गुप्तेश्वर पांडेय की नई पहचान अब बाबू से राजनेता की बन गई है। एक दिन पहले उन्होंने सीएम नीतीश कुमार की मौजूदगी में जेडीयू में शामिल होने की घोषणा की।
हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब सिविल सेवा के अधिकारियों ने राजनीति में किस्मत आजमाया है। ऐसे लोगों की सूची लंबी है। इनमें बिहार से यशवंत सिन्हा, महाराष्ट्र से सुशील कुमार शिंदे और प्रदीप शर्मा, यूपी से सत्यपाल सिंह, राजस्थान से नमो नारायण मीणा आदि शामिल हैं। इनमें से कोई मंत्री बना तो किसी को संगठन की जिम्मेदारी मिली।
फिलहाल जेडीयू में शामिल होने के बाद लगभग यह तय माना जा रहा है कि गुप्तेश्वर पांडे बिहार विधानसभा चुनाव में बक्सर से पार्टी के प्रत्याशी होंगे। रविवार को जेडीयू में शामिल होने के बाद उन्होंने कहा कि राजनीति में आने का मकसद केवल बिहार के लोगों की सेवा करना है।
चुनाव लड़ना है या नहीं यह सब हमारे हाथ में नहीं है। जिस दल में शामिल हुआ हूं उस दल के नेता तय करेंगे कि आगे क्या करना है। जैसा पार्टी चाहेगी और कहेगी मैं उसी तरह सभी आदेशों का पालन करूंगा।
पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय कहते हैं कि हमारे नेता नीतीश कुमार जी हैं। उन पर विश्वास कर राजनीति में आया हूं। अब मेरे लिए वहीं तय करेंगे कि मुझे क्या करना हैं क्या नहीं करना है। वही तय करेंगे कि किस तरह हमारा उपयोग करना है।
गुप्तेश्वर पांडे कहते हैं कि अब वह सार्वजनिक जीवन में आ गए और अब पूरे जीवन में लोगों की सेवा में ही रहूंगा। सेवा भाव के मकसद से राजनीति में आया हूं। पूरे जीवन जनता की सेवा करता रहूंगा।
फेम इंडिया के होर्डिंग से पटा बक्सर
दूसरी तरफ फेम इंडिया ने 2020 सर्वे में पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय को देश के 50 चर्चित भारतीयों की सूची में टॉप 10 में शामिल किया है। फेम इंडिया अलग-अलग कैटगरी में देश भर के विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्ध
लोगों की राय और ग्राउंड रिपोर्ट को आधार ये रिपोर्ट तैयार करती है। टॉप 10 में नाम आने की घोषणा होने के बाद से शहर में पिछले दो दिनों में जगह-जगह दर्जनों हॉर्डिंग लगाए गए हैं।