एक निजी न्यूज चैनल के सर्वे के मुताबिक, बीजेपी को राजस्थान और मध्यप्रदेश में नुकसान हो सकता है। दोनों जगह कांग्रेस वापसी कर सकती है।
नई दिल्ली। कर्नाटक में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी रही थी और इसके बाद भी वहां पर कांग्रेस और जेडीएस मिलकर सरकार बनाने में कामयाब हो गई हैं। कर्नाटक में बीजेपी के लिए सबकुछ अच्छा होते हुए भी सत्ता का स्वाद पार्टी नहीं चख पाई। इस बीच कर्नाटक के बाद अब सभी राजनीतिक पार्टियां राजस्थान और मध्यप्रदेश के लिए कमर कस रही हैं, लेकिन इस बीच बीजेपी के लिए तो इन तीनों ही राज्यों से बुरी खबर आ रही है। दरअसल, इन तीनों ही राज्यों में इस साल के अंदर विधानसभा चुनाव होने हैं और बीजेपी के लिए तीनों ही राज्यों से बुरी खबर है।
कर्नाटक के बाद एमपी और राजस्थान में बीजेपी को झटका
दरअसल, मोदी सरकार के 4 साल पूरे होने के मौके पर एक निजी न्यूज चैनल के सर्वे में ये सामने आया है कि राजस्थान और एमपी में होने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी को नुकसान हो सकता है। आपको बता दें कि वर्तमान में इन दोनों ही राज्यों में बीजेपी की ही सरकार है और पिछले काफी समय से तीनों राज्यों में कुछ घटनाओं ने पार्टी किरकिरी कराई है।
मध्यप्रदेश में बीजेपी से ज्यादा कांग्रेस का रहेगा वोट शेयर
बात करते हैं सबसे पहले मध्यप्रदेश की जहां पर शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है, लेकिन इस साल होने वाले चुनावों में कांग्रेस वापसी कर सकती है। निजी न्यूज चैनल के सर्वे के मुताबिक, मध्य प्रदेश में भी बीजेपी को नुकसान होता दिख रहा है। सर्वे की मानें तो बीजेपी को 34 प्रतिशत, कांग्रेस को 49 प्रतिशत और अन्य को 17 प्रतिशत वोट मिलने के आसार हैं। ऐसे में यहां पर कांग्रेस वापसी करती हुई दिख रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में वोट शेयर की बात करें तो बीजेपी को 44.88%, कांग्रेस को 36.38% और अन्य को 18.74% वोट शेयर मिला था। एमपी के अंदर फिलाहल बीजेपी 165, तो कांग्रेस के खाते में 58 सीटें हैं।
राजस्थान में कांग्रेस कर सकती है वापसी
वहीं राजस्थान में भी सर्वे के मुताबिक बीजेपी को नुकसान हो सकता है। राजस्थान में बीजेपी को 39 प्रतिशत, कांग्रेस को 44 प्रतिशत और अन्य को 17 प्रतिशत वोट मिलने के आसार हैं। 2013 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी को 45.17 प्रतिशत, कांग्रेस को 33.07 प्रतिशत और अन्य को 21.76 प्रतिशत वोट मिले थे। 200 सीटों वाली इस विधानसभा में बीजेपी के खाते में फिलहाल 163 सीटें हैं।
आपको बता दें कि ये सर्वे 28 अप्रैल 2018 से 17 मई 2018 के बीच किया गया है, 19 राज्यों में 700 जगहों की 175 विधानसभा सीटों पर जाकर 15859 लोगों की राय ली गई है।