Vijay Rupani Resigns गुजरात में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले किसको मिलेगी सीएम पद की कमान, चार नाम रेस में सबसे आगे
नई दिल्ली। गुजरात ( Gujarat ) के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ( Vijay Rupani Resigns ) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सीएम पद से इस्तीफा देने के बाद विजय रुपाणी ने कहा कि अब उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिलेगी वह उसको पूरा करेंगे।
उन्होंने कहा कि सीएम रहते हुए उन्हें गुजरात की जनता का भरपूर समर्थन मिला। गुजरात के विकास में योगदान करने का भी उन्हें मौका मिला। उन्होंने कहा कि गुजरात विकास के पथ पर लगातार आगे बढ़ रहा है।
विजय रुपाणी के इस्तीफा के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि अब गुजरात का अगला सीएम कौन होगा।
दरअसल अगले वर्ष के अंत में गुजरात में विधानसभा चुनाव ( Gujarat Assembly Election 2022 ) होना है, ऐसे में जिसको भी ये जिम्मेदारी मिलेगी उसके लिए शुरुआत में ही बड़ी चुनौती होगी।
सीएम की रेस में ये चार नाम आगे
विजय रुपाणी के इस्तीफा देने के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री पद की रेस में चार नाम आगे चल रहे हैं। इन नामों में केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया जो हाल में हेल्थ मिनिस्टर बने, उनका नाम भी शामिल है।
दरअसल पीएम मोदी ने सरदाधाम भवन का सौगात शनिवार को पाटीदार समुदाय को दी तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मनसुख मंडाविया जुड़े थे। ऐसे में उनके नाम की चर्चा को और बल मिल गया है।
वहीं दूसरा नाम वर्तमान डिप्टी सीएम नितिन पटेल का है। वह भी अगले मुख्यमंत्री पद की रेस में चल रहे हैं। हालांकि नितिन/ पटेल का नाम तब भी आगे था जब आनंदी पटेल को हटाया गया है।
इसके अलावा दो अन्य नामों में सीआर पाटिल और गोरधन जदाफिया शामिल हैं।
पिछले महीने रुपाणी ने पूरे किए 5 साल
जब से विजय रुपाणी ने सीएम पद संभाला था तब से ये अटकलें लगाई जा रही थीं कि बीजेपी राज्य में नेतृत्व परिवर्तन कर सकती है। पिछले महीने ही सीएम रुपाणी ने सीएम के तौर पर 5 साल पूरे किए थे।
हार्दिक पटेल ने कसा तंज
विजय रुपाणी के सीएम पद छोड़ने पर कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल ने तंज कसा है। हार्दिक ने कहा है कि अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए उन्होंने पद से इस्तीफा दिया है। पटेल ने कहा कि बीजेपी के पास गुजरात में ऐसा कोई भी चेहरा नहीं है जो लोगों की सेवा कर सके।
हार्दिक ने कहा कि जनता की नाराजगी की वजह से विजय रुपाणी को इस्तीफा देने पर मजबूर होना पड़ा है।