
नई दिल्ली। रविवार को विपक्षी पार्टियों की ओर से आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता और चर्चित वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने मीडियाकर्मियों को बताया कि लाखों मतदाताओं के नाम बिना भौतिक सत्यापन के ऑनलाइन हटा दिए गए हैं। मतदाता वोट एक्स पार्टी को डालता है लेकिन वह वाई पार्टी के खाते में कांउट होता है। उन्होंने कहा कि ईवीएम को लेकर विपक्षी पार्टियों की अन्य शिकायतों को भी चुनाव आयोग द्वारा गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने ईसी को चेतावनी दी है कि अगर इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया तो विपक्षी पार्टियां सुप्रीम कोर्ट से इस मामले में दखल देने की मांग करेंगी।
केवल 3 सेंकेंड के लिए दिखता है वीवीपैट पर्ची
उन्होंने कहा कि इन कमियों को लेकर विपक्षी पार्टियों की ओर से चुनाव आयोग को एक लंबी सूची सौंपी गई हैं। बड़ी संख्या में कमियों को देखते हुए वीवीपैट के पेपर ट्रेल के कम से कम 50 फीसदी मतों को गिनना अब और भी आवश्यक हो गया है। अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि मुझे नहीं लगता है कि चुनावी खामियों को लेकर दर्ज कराई गई शिकायतों को चुनाव आयोग गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि यदि मतदाता एक्स पार्टी को वोट डालते हैं तो वोट वाई पार्टी को वोट चला जाता है। इतना ही नहीं वोट डालने के बाद वीवीपैट पर्ची सात सेकेंड के बजाय केवल तीन सेंकेंड के लिए प्रदर्शित होता है।
ईवीएम से हो रही है छेड़छाड़
कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर कहा कि ईवीएम मीशन खराब नहीं है। ईवीएम मशीन से छेड़छाड़ हो रही है। छेड़छाड़ की गई मशीन से ही भाजपा के पक्ष में वोट जा रहा है।
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