
नई दिल्ली। काफी उठापटक के बाद रविवार को एनडीए में सीटों का बंटवारा हो गया। भाजपा और जदयू 17-17 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी। वहीं, एलजेपी के खाते में छह सीटें गई। भाजपा के दोनों सहयोगी दल इस बंटवारे से काफी खुश हैं। लेकिन, भाजपा नेताओं की टेंशन बढ़ गई। दरअसल, सीट बंटवारे को जो फॉर्मूला तय हुआ है उसके मुताबिक पांच सांसदों का टिकट कटना तय है।
बिगड़ सकता है समीकरण
दरअसल, 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा बिहार में तीस सीटों पर चुनाव लड़ी थी, जिसमें उसे 22 सीटों पर जीत मिली थी। वहीं, इस बार पार्टी 17 सीटों पर चुनाव लड़ रही है ऐसे में पांच सांसदों का टिकट कटना तय माना जा रहा है। इस कारण भाजपा नेताओं में खलबली मच गई है।
शत्रुघ्न और कीर्ति आजाद पहले से ही हैं निशाने पर
गौरतलब है कि पटना साहिब से शत्रुघ्न सिन्हा और दरभंगा से कीर्ति आजाद पहले से ही पार्टी हाईकमान के निशाने पर हैं। दोनों के बागी तेवर को देखते हुए यह तय है भाजपा लोकसभा चुनाव में उन्हें नहीं उतारेगी। इसलिए, यहां विकल्प बन सकता है। इसके अलावा बेगूसराय सांसद भोला सिंह के निधन होने से भी यह सीट खाली हो गई है। चर्चा यह है कि गिरिराज को इस सीट से चुनाव लड़ाया जा सकता है। क्योंकि, नवादा से लोजपा भी लड़ना चाह रही है। इसके अलावा दो सीटों का अभी फैसला नहीं हुआ है। लेकिन, माना जा रहा है कि पांच सीटें कम होने के कारण भाजपा नेता परेशान हैं। हालांकि, हाईकमन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। भाजपा नेता दबी जुबान से तीन सीटों को मैनेज करने की बात तो करते हैं, लेकिन 2 सीटों पर कुछ भी बोलने से परहेज करते हैं।