
बीजेपी का झंडा (प्रतीकात्मक तस्वीर )
Chhattisgarh Nagar Nigam Chunav: बिरगांव नगर निगम चुनाव का माहौल बनने लगा है। हालांकि अभी चुनाव तारीख घोषित नहीं हुई है, परंतु पार्टी स्तर पर प्रभारी और सहप्रभारी नियुक्त होने पर जिताऊ प्रत्याशियों को भाजपा टटोलने लगी है। क्योंकि अभी बिरगांव में कांग्रेस की नगर सरकार है। बिरगांव में चुनावी गतिविधियों को लेकर बैठक हुई, जिसमें विधायक सहित चुनाव प्रभारी भी शामिल थे।
बिरगांव क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ ट्रांसपोर्ट नगर रावांभाठा के एक निजी होटल में हुई बैठक में चुनावी तैयारियों के बारे में चर्चा की गई। वार्डों में सक्रिय भाजपा सदस्यों के बारे में जानकारी और उनका परिचय भी इस बैठक में प्रभारी और सहप्रभारियों ने लिया। इस क्षेत्र की जिम्मेदारी प्रभारी के रूप में अकलतरा के पूर्व विधायक सौरभ सिंह और सह प्रभारी पंडरिया विधायक भावना बोहरा को दी गई है। इस अवसर पर जिला प्रभारी राजेंद्र शर्मा, शहर जिला अध्यक्ष रमेश ठाकुर, जिला महामंत्री अमित मैसेरी एवं गुंजन प्रजापति, नेता प्रतिपक्ष ओपी साहू सहित भाजपा के सभी पार्षद एवं छाया पार्षद उपस्थित रहे।
करीब पांच साल पहले हुए बिरगांव नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 19, भाजपा के 10, जोगी कांग्रेस के 5 और 6 वार्डों में निर्दलीय पार्षद जीतकर आए थे। जोगी कांग्रेस को उस समय पूर्व पालिका अध्यक्ष डॉ. ओमप्रकाश देवांगन का साथ मिला था। अभी वे भाजपा में हैं। इसके अलावा छह निर्दलीय पार्षदों ने भी भाजपा और कांग्रेस को समर्थन दे दिया था।
निर्दलीय पार्षदों की मदद से ही नंद कुमार देवांगन महापौर बने थे। इसलिए इस बार माना जा रहा है कि निगम चुनाव में सीधी टक्कर भाजपा और कांग्रेस के ही बीच होगी। यही वजह है कि महापौर की महिला दावेदारों में भी दोनों ही पार्टियों से कई नाम उभरकर आ रहे हैं। पिछली बार एवज देवांगन और उनकी पत्नी डिगेश्वरी देवांगन भी जोगी कांग्रेस से चुनाव जीते थे, लेकिन इस बार वे भी भाजपा के साथ हैं। वे अपनी पत्नी के लिए महापौर का टिकट मांग सकते हैं।
बिरगांव निगम के चुनाव में परिसीमन का नियम लागू होने की वजह से सभी वार्डों का आरक्षण नए सिरे से किया गया। इसमें कई पुराने नेताओं के वार्ड आरक्षित हो गए हैं। नए आरक्षण में चार बार के पार्षद इकराम अहमद, दो बार के पार्षद मोहम्मद रियाज का वार्ड ओबीसी के लिए आरक्षित हो गया है। निगम के महापौर नंदलाल देवांगन का वार्ड ओबीसी हो गया है। इसलिए वे पार्षद का चुनाव लड़ सकते हैं और महापौर पद पर अपनी पत्नी के लिए भी टिकट मांग सकते हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद सुदन सिकली का वार्ड इस बार महिला के लिए आरक्षित है। पिछली बार उनकी पत्नी कविता चुनाव जीती थी। भाजपा के होरीलाल देवांगन का वार्ड ओबीसी हो गया है। वे फिर से वार्ड 32 से चुनाव लड़ सकते हैं।
Updated on:
04 Sept 2026 10:53 am
Published on:
04 Sept 2026 10:52 am
