5 सितंबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Raipur News: एम्स में इलाज की लंबी कतार, बायपास सर्जरी के लिए 5 माह तक करना पड़ रहा इंतजार

Raipur Aiims News: रायपुर में बायपास सर्जरी के लिए मरीजों को 5 माह तक इंतजार करना पड़ रहा है। लंबी वेटिंग और जांच प्रक्रिया से हार्ट मरीजों की परेशानी बढ़ी।
3 min read
Google source verification
AIIMS Raipur

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स (Photo Patrika) (photo Patrika)

Raipur Aiims: पीलूराम साहू। एम्स में हार्ट की बायपास सर्जरी के लिए चार माह की वेटिंग चल रही है। यही नहीं सोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एमआरआई व पेट सीटी जांच के लिए डेढ़ से तीन माह का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पं. जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट एसीआई में बायपास सर्जरी के लिए दो माह की वेटिंग है। सोनोग्राफी, सीटी स्कैन व एमआरआई के लिए भी महज दो-तीन दिनों की वेटिंग है।

15 साल बाद भी नहीं हुआ ऑपरेशन

एम्स नई दिल्ली में 15 साल की तन्वी के हार्ट में छेद का ऑपरेशन 15 साल बाद भी नहीं होने से 1 सितंबर को मौत होने का मामला सामने आया है। पत्रिका ने एम्स रायपुर व प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी आंबेडकर अस्पताल स्थित एसीआई में वेटिंग की स्थिति जानी तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। एम्स व एसीआई में दोनों ही अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतार है, लेकिन एम्स में मरीजों की परेशानी के बजाय प्रोटोकॉल भारी पड़ रहा है। मरीज को ऑपरेशन के पहले जरूरी जांच के लिए लंबी प्रक्रिया से गुजरनी पड़ रही है। ये एसीआई में भी है, लेकिन उतनी देरी नहीं होती, जितनी एम्स में हो रही है। लंबी वेटिंग से कई बार मरीजों की स्थिति बिगड़ने लगती है। ऐसे में आर्थिक रूप से सक्षम मरीज कई बार निजी अस्पतालों में जाकर ऑपरेशन करवा रहे हैं।

सरकारी में केवल एम्स में पेट सीटी स्कैन जांच शुल्क 7 हजार निजी में 25 हजार

सरकारी अस्पतालों में केवल एम्स में पेट सीटी स्कैन होता है। ये जांच कैंसर के मरीजों के लिए जरूरी है। एम्स में महज 7 हजार रुपए में जांच हो जाती है। इसलिए यहां जांच के लिए 45 से 50 दिनों की लंबी वेटिंग है। निजी अस्पतालों में नियमित जांच होती है, लेकिन जांच शुल्क 22 से 25 हजार रुपए है। इसके बाद भी मशीनें एक दिन भी बंद नहीं रहती। पेट सीटी स्कैन जांच से ये अंदाजा लग रहा है कि कैंसर के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आंबेडकर अस्पताल स्थित रीजनल कैंसर सेंटर में फरवरी 2018 से पेट सीटी व गामा कैमरा इंस्टाल है, लेकिन राजनीति के चलते शुरू नहीं हो पा रहा है। यही कारण है कि मरीजों को एम्स में लंबा इंतजार करने के बजाय निजी कैंसर अस्पतालों में जाकर जांच करानी पड़ रही है।

आंबेडकर में सीटी-एमआरआई व सोनोग्राफी के लिए जीरो वेटिंग

आंबेडकर अस्पताल में सीटी-एमआरआई व सोनोग्राफी जांच के लिए जीरो वेटिंग का दावा प्रबंधन करता है, लेकिन इसमें दो-तीन लग ही जाता है। इन्हीं जांच के लिए एम्स में मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। दरअसल आंबेडकर में सोनोग्राफी जांच के लिए महज 100 रुपए खर्च करना पड़ता है। आयुष्मान भारत कार्ड है तो जांच फ्री है। निजी अस्पतालों व डायग्नोस्टिक सेंटरों में 800 से 1000 रुपए खर्च करना पड़ता है। स्पेशल सोनोग्राफी जांच हो तो 2500 से 3 हजार रुपए खर्च हो जाता है। एम्स में जांच शुल्क निजी अस्पतालों से काफी कम है। वहां ओपीडी व भर्ती मरीजों के लिए एम्स में जांच कराने की मजबूरी भी है।

वीआईपी व अप्रोच से जांच में आसानी, ये दोनों अस्पतालों में

वीआईपी के लिए व अप्रोच से जांच करवाने वालों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ता। हाल में एक डॉक्टर को पेट सीटी जांच के लिए एम्स ले जाया गया। वहां उनकी तत्काल जांच हो गई। जबकि आम मरीजों के लिए काफी लंबा इंतजार करना पडता है। आंबेडकर अस्पताल में चूंकि वेटिंग लिस्ट कम है, लेकिन यहां भी वीआईपी कल्चर आम मरीजों पर भारी पड़ रहा है। आंबेडकर में रेडियोग्राफर कम होने के कारण एमआरआई जांच 24 घंटे नहीं होती। सीटी स्कैन व सोनोग्राफी जांच होती है, लेकिन यह केवल इमरजेंसी के लिए है। आम मरीजों के लिए ओपीडी टाइम में जांच की सुविधा है।

वर्जन

एडवांस व क्वालिटी इलाज के लिए सभी विभागों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। यही कारण है कि कुछ विशेष सर्जरी व जांच के लिए मरीजों को इंतजार करना पड़ सकता है। इमरजेंसी सेवा में तत्काल जांच व इलाज की सुविधा उपलब्ध है। वेटिंग सूची में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।

  • डॉ. मृत्युंजय राठौर, पीआरओ एम्स

एसीआई में जरूरी संसाधन कम होने के कारण इंतजार करना पड़ता है। एक ही ओटी व स्किल्ड स्टाफ कम है इसलिए वेटिंग है। बिहार, ओडिशा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र के काफी मरीज ऑपरेशन करवाकर जा रहे हैं।

-डॉ. कृष्णकांत साहू, प्रोफेसर व एचओडी कार्डियक सर्जरी एसीआई