
रजिस्ट्री में महिलाओं को 50 प्रतिशत की छूट ( Photo - AI )
Property Registration in Wife Name: अगर आप जमीन या मकान खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। बढ़ते महंगाई के इस दौर में फायदे का सौदा बहुत ही मुश्किल है। ऐसे में छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने जमीन खरीदने के मामले में लोगों को बड़ी राहत देते हुए ऐतिहासिक छूट का ऐलान किए हैं। दरअसल सरकार जमीन की रजिस्ट्री पत्नी या परिवार की किसी महिला सदस्य के नाम करवाने पर 50 प्रतिशत छूट का लाभ दे रही है। इस छूट का प्रदेश में तेजी से असर देखने को मिला रहा है। चलिए जानते हैं क्या है नियम..
दरअसल छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने महिलाओं के संपत्ति अधिकार को मजबूत करने के साथ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार महिलाओं के नाम अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर सीधे-सीधे 50 प्रतिशत का फायदा दे रही है। इसके तहत पंजीयन शुल्क 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दिया गया है। यानी संपत्ति की रजिस्ट्री महिला के नाम कराने पर सीधे आधी फीस देनी होगी। रायगढ़ की शर्मिला मिश्रा ने इस सुविधा का लाभ उठाया। बताया कि जमीन की रजिस्ट्री कराई, जिससे उन्हें करीब 25 हजार रुपए की बचत हुई।
Chhattisgarh Property Registry Rules: इस फैसले का असर भी तेजी से सामने आया है और छूट लागू होने के बाद महज एक महीने में महिला के नाम संपत्ति पंजीयन में करीब 70 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ऐसे में यह सुविधा महिलाओं को संपत्ति का मालिकाना हक देने के साथ परिवार को रजिस्ट्री के खर्च में भी राहत दे रही है।
जिला पंजीयक कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार अप्रैल 2026 में जिले के पांचों उप पंजीयक कार्यालयों में महिलाओं के पक्ष में कुल 309 दस्तावेज पंजीकृत हुए थे। छूट मिलने के बाद मई 2026 में बढ़कर 445 पहुंच गई जो अप्रैल माह की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत की वृद्धि है। केवल बलौदाबाजार उप पंजीयक कार्यालय में अप्रैल 2026 में 78 और मई 2026 में बढ़कर 119 हो गया। इसी प्रकार पलारी में अप्रैल 2026 में 40 दस्तावेज बढ़कर मई 2026 में 56, सिमगा में 56 से बढ़कर 99, कसडोल में 24 से बढ़कर 50 तथा भाटापारा में 111 से बढ़कर 121 दस्तावेज हो गए।
शहरी क्षेत्र बलौदाबाजार और भाटपारा के आकड़ों में अधिक वृद्धि देखी गई है। जिला पंजीयक विनोज कोचे ने बताया कि राज्य शासन की इस पहल का सीधा लाभ महिलाओं को मिल रहा है। संपत्ति खरीदने की लागत कम होने से परिवार अब महिलाओं के नाम पर जमीन और मकान पंजीकृत कराने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और संपत्ति में अधिकार मजबूत हो रहा है। बलौदाबाजार उप पंजीयक विपुल श्रीवास्तव ने बताया कि अप्रैल 2026 से 12 प्रतिशत उपकर को समाप्त किए जाने के बाद पंजीयन में और तेजी आई है।
जिला पंजीयक विनोज कोचे ने बताया कि राज्य सरकार की इस पहल का सीधा लाभ महिलाओं को मिल रहा है। संपत्ति खरीदने की लागत कम होने से परिवार अब महिलाओं के नाम पर जमीन और मकान पंजीकृत कराने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और संपत्ति में अधिकार मजबूत हो रहा है।
Updated on:
05 Sept 2026 12:03 pm
Published on:
05 Sept 2026 12:03 pm
