
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने विधायकों के साथ सपा कार्यालय से विधानसभा भवन तक पैदल मार्च कर रहे हैं। मार्च के दौरान ही पुलिस ने उन्हें रास्तें में ही रोक लिया। रास्ते में रोके जाने पर अखिलेश यादव और सपा विधायकों के बीच कहा सुनी हो गई । इसके बाद अखिलेश अपने विधायकों के साथ वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए।
पुलिस ने क्यों रोका अखेलश यादव के पैदल मार्च को ?
पुलिस प्रशासन का कहना है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने विधायकों के साथ पैदल मार्च करते हुए जीपीओ के बजाय वीवीआइपी गेस्ट हाउस और एनेक्सी होते हुए विधानसभा जाएं। वहीं अखिलेश यादव और उनके विधायकों का कहना है कि हम पहले से ही तयशुदा मार्ग से ही जाएंगे ।
इसी को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने विधायकों के साथ धरने पर बैठ गए। अखिलेश का कहना है कि यदि रोकना था तो कल परमिशन क्यों दिया ? विधायक व कार्यकर्ताओं ने हाथों में नारे की तख्ती ले रखी है। सपा ने बढ़ती महंगाई, किसानों की समस्याओं और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर राज्य सरकार के विरोध में इस पदयात्रा का आयोजन किया है।
विक्रमादित्य मार्ग को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया है
पुलिस ने सपा कार्यालय से लेकर विधानसभा भवन तक को पूरी तरह से छावनी में प्रवर्तित कर दिया है। भारी संख्या गाड़ी और पुलिस बल तैनात हैं। विक्रमादित्य मार्ग पर पूरी तरह से आम लोगों का आवागमन बंद है।
अखिलेश यादव आज पैदल मार्च निकालने के लिए सुबह करीब पौने 10 बजे सपा कार्यालय पर पहंच गए। विधायक भी अपने समर्थकों के साथ गए। इसके बाद अखिलेश यादव विधायकों और समर्थकों के साथ पैदल मार्च की शुरूआत की। यह मार्च सपा कार्यालय से विधानसभा भवन तक होनी थी।
मानसून सत्र में विपक्ष महंगाई और कानून व्यवस्था को सदन में उठाएगा
यूपी विधानसभा का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। 23 सितंबर तक चलने वाले 18वीं विधानसभा के दूसरे सत्र को शांतिपूर्ण तरीके से चलाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की अध्यक्षता में रविवार को सर्वदलीय बैठक हुई। इसमें महाना ने सभी दलों से सदन को सुचारु रुप से चलाने में मदद का अनुरोध किया, लेकिन विपक्ष ने महंगाई व कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार घेरने का एलान किया है।