
प्रदर्शनकारी पर लाठीचार्ज करती पुलिस (Photo-IANS)
CJP Protest: नीट पेपर लीक, परीक्षाओं में गड़बड़ी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर सीजेपी का प्रदर्शन जारी है। सोमवार को सीजेपी समर्थकों ने संसद चलो मार्च का आयोजन किया था। वहीं सीजेपी के जारी आंदोलन के बीच केंद्र सरकार ने बातचीत के संकेत दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार प्रदर्शनकारी छात्रों से संवाद के लिए तैयार है और अगले दौर की बातचीत को लेकर जल्द फैसला लिया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि सरकार बातचीत के खिलाफ नहीं है और प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ आगे की रणनीति पर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
बता दें कि सोमवार को प्रदर्शन के दौरान सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की थी। इस दौरान सीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों का एक लेटर नड्डा को सौंपा था।
बैठक के बाद नड्डा ने प्रदर्शनकारियों से आंदोलन खत्म कर सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग करने की अपील की थी। उन्होंने बातचीत को सकारात्मक और रचनात्मक बताया था। हालांकि अभी तक किसी ठोस सहमति की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सरकार के ताजा रुख से संकेत मिल रहे हैं कि पर्दे के पीछे बातचीत का सिलसिला जारी है।
कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर पर अभी भी आंदोलन जारी है। वहीं दिल्ली पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प में 100 से अधिक पुलिसकर्मी और कई प्रदर्शनकारी घायल हुए। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है और हिंसा व तोड़फोड़ के आरोप में एफआईआर भी दर्ज की गई हैं।
आंदोलनकारी नेताओं का दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया। CJP नेताओं ने घोषणा की कि अब संसद की ओर मार्च नहीं निकाला जाएगा, ताकि आगे किसी तरह की हिंसा या चोट से बचा जा सके। हालांकि जंतर-मंतर पर धरना और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक मंगलवार को अपने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 24वें दिन भी डटे रहे। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक वह अनशन समाप्त नहीं करेंगे।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, सोनम वांगचुक की बिना शर्त रिहाई और NEET पेपर लीक के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा शामिल है।
इधर, दिल्ली हाई कोर्ट ने वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि अंगमो की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल से मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने का सुझाव दिया है। डॉक्टरों का कहना है कि लंबे अनशन के बावजूद उनकी स्वास्थ्य संबंधी सभी प्रमुख पैरामीटर फिलहाल स्थिर हैं।
Updated on:
21 Jul 2026 03:25 pm
Published on:
21 Jul 2026 03:25 pm
