नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव आज सदन पहुंचने से पहले राजभवन जाकरके राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मिले। बताया जा रहा है कि वह सदन को आगे बढ़ाने की मांग की है ।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र का पांचवा दिन है । आज भी सदन में हंगामें के आसार लागाए जा रहे हैं । सदन से शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव राज्यपाल से मिलने के लिए राजभवन पहुंचे।
जानकारी के अनुसार अखिलेश यादव राजपाल से मिलकर सदन को आगे बढ़ाने की मांग की और सपा विधायक आजम खान पर लग रहे लगातार मुकदमे, कानून व्यवस्था, महिलाओं पर हो रहे अत्याचार के मामले को लेकर राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल से मुलाकात की ।
गुरूवार का दिन महिलाओं के नाम
कल यानी गुरूवार को सदन महिलाओं के नाम था। महिलाओं ने सदन में पूरे जोर से अपनी आवाज उठाई । प्रत्येक महिला सदस्य को न्यूनतम तीन और अधिकतम आठ मिनट तक का वक्त दिया गया । इस दिन को खास बनाने के लिए 150 महिलाओं को कल विधानसभा में आमंत्रित किया गया है। महिला विधायकों को सुनने के लिए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने KGMU से महिला डॉक्टर, AKTU से महिला शिक्षक विधि विश्वविद्यालयों से क़ानून की पढ़ाई करने वाली महिलाओं को सदन में आमंत्रित किया है। इन सभी महिलाओं को विधानसभा मंडप की 4 दर्शक की दीर्घाओं में बिठाया गया था ।
कांग्रेस विधायक मोना ने सदन में उठाया महंगाई मुद्दा
विधानसभा के महिला विशेष सत्र में कांग्रेस की विधान मंडल दल की नेता आराधना मिश्रा 'मोना' ने सदन में महंगाई की मद्दा को उठाते हुए बीजेपी सरकार को घेरा । उन्होंने कहा कि देश-प्रदेश आज महंगाई के दंश से पीड़ित है। सबसे ज्यादा असर रसोई पर पड़ा है। 70 वर्ष की सर्वाधिक महंगाई के दौर से हम लोग गुजर रहे हैं।उन्होंने कहा कि उज्ज्वला योजना में गरीबों को रसोई गैस सिलिंडर दिए गए, लेकिन 2019 का लोकसभा चुनाव खत्म होते ही वह महंगे हो गए और महिलाएं खून के आंसू रो रही हैं। किसानों को वादे के मुताबिक न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं दिया गया। खाद-बीज महंगा हो गया। घर बनाना महंगा हो गया, कपड़े पर जीएसटी लगा दिया गया। सब्जियां इतनी महंगी हो गई हैं।