
नई दिल्ली: भाजपा-पीडीपी गठबंधन टूटने और राज्यपाल शासन लागू होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह शनिवार को कश्मीर पहुंचे। अमित शाह जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्याम प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर आयोजित रैली में शामिल हुए। अमित शाह ने कहा कि श्यामा प्रसाद के कारण ही कश्मीर भारत से जुड़ा है। श्यामा प्रसाद की जेल में हत्या हुई। जम्मू कश्मीर से हमारा खून का रिश्ता है। सरकार गिरने पर बीजेपी भारत माता की जय कहते हैं। इस दौरान अमित शाह ने महबूबा मुफ्ती पर जमकर भड़ास निकाली। शाह ने कहा कि सरकार गिरने से पहले ही हमने बताया था कि जम्मू में इसके पीछे की वजह का खुलासा करूंगा। उन्होंने कहा कि महबूबा सरकार ने जम्मू-लद्दाख के साथ भेदभाव किया। कश्मीर में शांति बहाल नहीं हो पायी। जम्मू में विकास नहीं तो भाजपा को सत्ता में रहने का अधिकार नहीं । विकास का संतुलन महबूबा सरकार ने बिगाड़ा। मोदी सरकार ने सबसे ज्यादा पैसा दिया लेकिन मुफ्ती ने यहां एम्स नहीं खोलने दिया। पाक शरणार्थियों के लिए जो फंड दिए भेजे गए उसे खर्च नहीं किया गया। केंद्र ने 80 हजार करोड़ का पैकेज भेजा था। लेकिन उसे सही से खर्च नहीं किया गया। अमल करने का काम राज्य के पास था लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। शाह ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि जम्मू को स्मार्ट सिटी का दर्जा दिया गया था । लेकिन काम शुरू नहीं होने दिया गया। जम्मू लद्दाख में समान विकास नहीं होने के कारण सत्ता छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि संतुलित विकास के लिए समर्थन वापस लिया। हम चाहते थे जम्मू लद्दाख में समान विकास हो। लेकिन काम नहीं होने दिया गया। विकास के मोर्चे पर मोदी सरकार ने बहुत काम किए।
आजाद और सोज के बयान पर कांग्रेस देश से माफी मांगे
इस दौरान अमित शाह ने गुलाम नबी आजाद पर जमकर तंज कसा। गुलाम नबी आजाद के बयान को दोहराना नहीं चाहता। राहुल बताए की कांग्रेस लश्कर-ए-तैयाब के बीच फ्रीक्वेंसी मैच कैसी। राहुल गांधी गुलाम नबी आजाद और सैफुद्दीन सोज पर कार्रवाई करें। कांग्रेस को इसके लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।
अमित शाह का पाक पर हमला
अमित शाह ने कहा कि आतंक के खिलाफ हमारी नीति जीरो टॉलरेंस की है। आतंक को जड़ों से खत्म करने के लिए हम तैयार है। इस दौरान अमित शाह ने नाम लिए बगैर पाकिस्तान पर भी निशाना साधा। शाह ने कहा कि हमारी सेना माकूल जवाब देने को तैयार है। हमले हुए तो हमारे सुरक्षाबल हाथ पर हाथ रखकर नहीं बैठेंगे।
मंच पर कई नेता मौजूद
रैली में उनके साथ केंद्रीय मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना और भाजपा के वरिष्ठ नेता रामलाल भी मौजूद रहे। भाजपा 2019 लोकसभा चुनाव का शंखनाद कर सकती है। इसको लेकर भाजपा कार्यकर्ता काफी जोश में हैं। गौरतलब है कि गठबंधन टूटने से पहले अमित शाह ने भाजपा के सभी मंत्रियों को नई दिल्ली बुलाया था, जिसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन से अलग होने का ऐलान किया था। इससे पहले अमित शाह के कश्मीर पहुंचने पर भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं की मोटरसाइकिल रैली हवआईअड्डे से शाह के साथ कनाल रोड स्थित गेस्ट हाउस तक पहुंची। वह यहां पार्टी के कई नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की।
पीडीपी से गठबंधन तोड़ने के बाद शाह का पहला जम्मू दौरा
भाजपा ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के मौके पर आयोजित हो रही इस रैली का ऐलान उसी दिन कर दिया गया था, जब राज्य में महबूबा मुफ्ती की सरकार गिरी थी।2019 के चुनावों की तैयारी के लिहाज से भी अमित शाह का ये दौरा काफी अहम माना जा रहा है।