
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में शारदा चिट फंड मामले में सीबीआइ की कार्रवाई को लेकर मुख्यंमंत्री ममता बनर्जी का धरना आज भी जारी है। ममता ने सीबीआइ की कार्रवाई को गलत बताते हुए मोदी सरकार को तानाशाह करार दिया है। आने वाले शुक्रवार तक जारी इस धरना प्रदर्शन में अब तक ममता से मिलने कई बड़े नेता आ चुके हैं और आर रहे हैं। ममता से मिलने के लिए राजद नेता तेजस्वी यादव और डीएमके नेता कनिमोई पहुंचे। उन्होंने ममता का समर्थन किया है। लेकिन इस बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ममता को लेकर बड़ा बयान दिया है।
जेटली ने पश्चिम बंगाल में जारी ड्रामें को लेकर अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट किया है। अरुण जेटली ने लिखा, ' खुद को पीएम उम्मीदवार को तौर पर पेश करने के लिए ममता बनर्जी ड्रामा कर रही हैं।' केंद्रीय मंत्री ने लिखा, 'दूसरे नेताओं को अपने धरने में निमंत्रण देने के पीछे उनकी रणनीति क्या है? यह कोई समझ नहीं पा रहा है। अगर हम यह समझ रहे हैं कि उन्होंने यह सब सिर्फ इसलिए किया कि एक पुलिसवाले के खिलाफ जांच हो रही है तो हम गलत समझ रहे हैं। ममता का यह ड्रामा सिर्फ खुद को पीएम उम्मीदवार घोषित करना है।'
क्या है मामला...
बता दें कि शारदा चिट फंड घोटाला मामले में सीबीआई कार्रवाई कर रही है। सीबीआई की कार्रवाई से सीएम ममत बनर्जी नाराज हैं। इसे लेकर वह सोमवार से धरने पर बैठी हैं। उन्होंने सीबीआई की कार्रवाई को गलत बताते हुए केंद्र सरकार को तानाशाह कहा है। वहीं, सीबीआइ की ओर से कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के खिलाफ दायर अर्जी पर आज चीफ जस्टिस रंजन गोगोई सुनवाई की। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राजीव कुमार सीबीआई के सामने पेश हों और जांच में सहयोग करें।
आपको बता दें कि ये सुनवाई सोमवार को ही होनी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसे टाल दिया। सीबीआइ ने अपनी याचिका में राजीव कुमार को सारदा घोटाले में जांच में सहयोग करने का आदेश जारी करने की अपील की थी। वहीं, सोमवार को विचार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआइ को सारे सबूत देने को कहा था। सीबीआई और केंद्र की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की थी। मेहता का दावा था कि कोलकाता पुलिस शारदा चिट फंड मामले से जुड़े सबूतों को नष्ट कर सकती है।