मिर्ची पाउडर हमले पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि जबतक मेरे शरीर में एक भी सांस है, हर सांस इस देश की सेवा के काम आएगा। और जब मरेंगे तो खून का एक-एक कतरा इस देश के लिए होगा।
नई दिल्ली।आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने खुद पर हमले को लेकर पहली बार बयान दिया है। उन्होंने इसे लेकर पूरे विपक्ष पर निशाना साधा है। केजरीवाल ने ये लोग बार बार मुझे मरवाने की कोशिश कर रहे हैं। मेरा हर सांस इस देश की सेवा के काम आएगा। वहीं दूसरी ओर केजरीवाल पर मिर्ची फेंकने वाले शख्स को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
सब मिलकर मुझे मरवाना चाहते हैं: केजरीवाल
बुधवार को हरियाणा के सोनीपत पहुंचे सीएम केजरीवाल ने पत्रकारों के सवाल पर कहा कि पिछले दो साल में मेरे ऊपर चार बार हमला हो चुका है। यह कोई छोटी बात नहीं है। ये भारत के इतिहात में पहली बार हो रहा है कि किसी मुख्यमंत्री पर इतनी बार हमला हुआ हो। ये हमले अपने आप नहीं हो रहे हैं, बल्कि किसी के आदेश पर बार बार कराए जा रहे हैं। हमलोग उनकी आंखों का रोडा बन चुके हैं। ये लोग मिलकर मुझे मरवाना चाहते हैं। ये बार-बार हम लोगों पर हमला करवा रहे हैं। क्योंकि जिस तरह दिल्ली में हमने स्कूलों का, अस्पतालों का इतना अच्छा काम किया है, ये पार्टियां 70 साल में नहीं कर पाई हैं।
मेरा खून इस देश के काम आएगा: अरविंद केजरीवाल
केजरीवाल ने आगे कहा कि मुझे डर नहीं लगता है। जबतक मेरे शरीर में एक भी सांस है, हर सांस इस देश की सेवा के काम आएगा। और जब मरेंगे तो खून का एक-एक कतरा इस देश के लिए होगा। उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी सिर्फ पार्टी नहीं आजादी की दूसरी लड़ाई है।
दिल्ली सचिवालय में हुआ था मुख्यमंत्री पर मिर्ची हमला
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर मंगलवार को दिल्ली सचिवालय के बाहर एक अधेड़ उम्र के शख्स ने लाल मिर्च पाउडर से हमला कर दिया। अनिल कुमार शर्मा नाम का शख्स सीएम से मुलाकात करने का बहाना कर दाखिल हुआ था, लेकिन जैसे ही वो सीएम के नजदीक पहुंचा तो उसने केजरीवाल पर मिर्च पाउडर फेंक दिया। हालांकि केजरीवाल को इस हमले से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। जिस वक्त केजरीवाल पर हमला हुआ, उस समय वो तीसरी मंजिल पर अपने चेंबर से लंच के लिए निकले ही थे कि तभी के इस शख्स ने मिर्च पाउडर फेंक दिया। इस हमले में केजरीवाल की आंखों को नुकसान नहीं पहुंचा है, क्योंकि उन्होंने संयोगवश चश्मा लगा रखा था जो टूट गया। मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के लिए किसी भी शख्स को दो स्तरीय सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ता है। ऐसे में सीएम के साथ हुए इस हादसे से दिल्ली पुलिस पर सवालिया निशान उठने लगे हैं।