असदुद्दीन ओवैसी ने 2019 चुनावों के लिए चुनावी बिगुल फूंक दिया है।
किशनगंज। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर से पीएम मोदी पर निशाना साधा है। साथ ही ओवैसी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी आड़े हाथों लिया है। यहां मंगलवार को 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि, "पिछले विधानसभा चुनाव में नीतीश ने एआईएमआईएम को वोटकटवा पार्टी बताया था, मगर आज वह उसी भाजपा के नरेंद्र मोदी की गोद में जा बैठे, जिन्हें बिहार की सत्ता में आने से रोकने के लिए उन्होंने लोगों से वोट लिए थे।" ओवैसी ने कांग्रेस और आरजेडी से भी सवाल पूछा कि, " नीतीश कुमार का भाजपा में जाकर बैठ जाना ये तो दोनों पार्टी, कांग्रेस और आरजेडी पर तय होता है। उन्होंने तो वोट हासिल किया था कि भाजपा को रोकेंगे। अब ये वो बताएं कि ये सब कैसे हुआ? इनकी भी जिम्मेदारी है और वो इसको रोकने में विफल रहे। यहां पर भाजपा सरकार भी आ गई। बता दें कि किशनगंज के ठाकुरगंज में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने ऐलान किया कि एआईएमआईएम किशनगंज से लोकसभा चुनाव लड़ेगी और पार्टी के उम्मीदवार अख्तरुल ईमान होंगे।
5 बड़ी खबरें: कामयाब रहा थाईलैंड का रेस्क्यू ऑपरेशन, किसे मिलेगा फुटबॉल WC फाइनल का टिकट?
शरीयत अदालत पर क्या बोले ओवैसी
इससे पहल, संवाददाताओं से बात करते हुए एआईएआईएम चीफ ओवैसी ने शरीयत अदालत का विरोध करने वालों को गलत करार दिया और कहा कि यह कहीं से समानांतर अदालत नहीं है। उन्होंने कहा, "पिछले 25 सालों से यहां शरीयत अदालतें हैं, जहां काजी नियुक्त हैं। यहां से लोगों को न्याय मिलता है। अगर दोनों पक्षों को कोई आपत्ति है तो अदालत के दरवाजे खुले हैं, वहां जा सकते हैं।" ओवैसी ने कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियों को भी निशाने लेते हुए कहा कि आजादी के बाद से इस सीमांचल क्षेत्र की उपेक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों से वोट लेकर हमेशा ठगा गया है